IPS Shivdeep Lande, Bihar, Bihar Police

बिहार कैडर के लोकप्रिय आईपीएस शिवदीप लांडे को महाराष्ट्र सरकार ने बनाया ATS का DIG

बिहार कैडर के IPS शिवदीप लांडे को प्रमोशन देते हुए महाराष्ट्र सरकार ने एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉड (Anti Terrorist Squad ) का डीआईजी बनाया है| आईपीएस लांडे का बिहार कैडर से संबंध के साथ उनका बिहार के साथ एक अटूट रिश्ता है| बिहार से महाराष्ट्र गये उनके 4-5 साल हो गये मगर राज्य के लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता अभी भी बनी हुई है| यही कारण है कि लांडे के प्रमोशन की खबर सुनकर बिहार में लोग खुशी जाहिर कर रहे हैं|

आपको बता दें कि शिवदीप लांडे की पहली पोस्टिंग मुंगेर जिले के नक्सल प्रभावित इलाके जमालपुर में हुई थी। बिहार में पोस्टिंग के बाद से ही वे अपने काम को लेकर हमेशा चर्चा में बने रहें| कभी वे नक्सालियों के खिलाफ अभियान को लेकर चर्चा में रहे तो कभी कोयला माफियों पर करवाई को लेकर अख़बारों की शुर्खिया बने|

बिहार की राजधानी पटना के एसपी के तौर पर अपनी अनोखी कार्यशैली की वजह से शिवदीप पूरे देश में मशहूर हो गए। अपराधियों पर लगाम लगाने के साथ उन्होंने लड़कियों को छेड़ने वाले मनचलों की खूब खबर ली| यही कारण है कि बिहार के लड़कियों के बीच शिवदीप लांडे की छवि एक फिल्मी हीरो से कम नहीं है|

अपने गृह राज्य महाराष्ट्र में प्रतिनियुक्ति पर जाने से पहले लांडे बिहार एसटीएफ के एएसपी के रूप में शानदार काम किया| उनके कार्यकाल के दौरान एसटीएफ ने कई कामयाब मिसन को अंजाम दिया| उन्होंने बिहार एसटीएफ को गुमनामी से निकाल कर बिहार पुलिस का एक मजबूत अंग बना दिया| हालांकि उनके जाने के साथ ही एसटीएफ की वह रौनक भी चली गयी|

ज्ञात हो कि महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के अकोला जिले के निवासी शिवदीप वामन राव लांडे नारकोटिक्स डिपार्टमेंट में एसपी के पद पर तैनात थे और इस दौरान उन्होंने नशे के सौदागरों के खिलाफ मुहिम चलाकर कई सफल आपरेशन को अंजाम दिया था| इस दौरान करोड़ों का मादक पदार्थ पकड़कर एक रिकॉर्ड भी बनाया| वर्तमान में वह हैदराबाद में 1 महीने की ट्रेनिंग ले रहे हैं| 9 अक्टूबर को ट्रेनिंग खत्म होने के बाद वह नए पद पर योगदान देंगे|

IPS Gupteshwar pandey, Bihar DGP Gupteshwar Pandey, Bihar Police

बिहार पुलिस के डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय का यह रूप आपने कभी देखा है क्या?

1987 बैच के आईपीएस और बिहार पुलिस के मुखिया   गुप्तेश्वर पाण्डेय सोशल मिडिया पर बहुत एक्टिव भी रहते हैं और इसपर चर्चित भी रहते हैं| इनके डीजीपी बनने के बाद बिहार पुलिस का प्रदर्शन कैसा रहा यह तो शोध का विषय है मगर एक बात तो साफ़ दिखता है कि गुप्तेश्वर पाण्डेय के आने के बाद बिहार पुलिस सोशल मिडिया को लेकर बहुत सतर्क हो गयी है|

एसे कई मामले आये हैं जब कोई विडियो सोशल मिडिया पर वायरल होने पर खुद गुप्तेश्वर पाण्डेय ने इसका संज्ञान लेकर उसपर करवाई भी की है| इसको लेकर गुप्तेश्वर पाण्डेय की खूब तारीफ हो रही है| कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन में भी गुप्तेश्वर पाण्डेय ने अपने सोशल मिडिया अकाउंट खासकर फेसबुक का काफी सकारात्मक प्रयोग किया है| फेक न्यूज़ को काउंटर करने के साथ सरकार के सन्देश को भी जन-जन तक पहुँचाने का काम किया है|


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मगर इस सब से अलग आज गुप्तेश्वर पाण्डेय किसी और चीज़ के लिए सोशल मिडिया में छाये हुए हैं| आज उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर एक फोटो डाला है जिसमें वे गाय का दूध दुहते हुए दिख्न रहे हैं| फोटो के कैप्शन में उन्होंने लिखा है, “करोना : गो सेवा के बाद गो-दोहन|” फोटो डालते ही बिहार पुलिस के मुखिय का यह पोस्ट वायरल हो गया| डीजीपी के इस देसी अंदाज़ का सब तारीफ कर रहे हैं|की इस लेख को लिखे जाने तक उस पोस्ट को 50 हज़ार से भी ज्यादा लोगों ने लाइक कर दिया था|

ज्ञात हो कि कुछ दिन पहले गुप्तेश्वर पाण्डेय ने लॉकडाउन का पालन करने के लिए भोजपुरी में विडियो बनाकर भी लोगों से अपील किया था| उस विडियो को भी बहुत शेयर किया गया था| गुप्तेश्वर पाण्डेय का फेसबुक पेज (@IPSGupteshwar) को पांच लाख से भी ज्यादा लोग फॉलो करते हैं|

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यूपी की पुलिस बिहार में घुसकर बिहार पुलिस के ही एक सिपाही को गिरफ्तार करके क्यों ले गयी?

ऐसा बहुत कम मामला मिलता है जब एक राज्य कि पुलिस दुसरे राज्य में जाकर उसके एक पुलिस वाले को गिरफ्तार कर अपने राज्य ले जाये| बिहार में एक ऐसा ही मामले सामने आया है| उत्तरप्रदेश पुलिस ने बिहार के नालंदा में तैनात बिहार के एक सिपाही को गिरफ्तार करके यूपी ले गयी है| उस पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है|

बिहार पुलिस के लेडी सिंग्हम के बारे में जानते हैं आप? क्लिक कर पढ़े 

बिहार के नालंदा में तैनात सहायक सब इंस्पेक्टर तनवीर खान ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ को सोशल मीडिया पर गोली मारने की धमकी दी थी| उसके खिलाफ यूपी के गाजीपुर पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज किया गया था| जिसके बाद यूपी पुलिस ने यह करवाई की थी|

गाजीपुर एसपी डॉ ओमप्रकाश सिंह ने गिरफ्तारी कि पुष्टि कि है| आरोपी को यूपी पुलिस नालंदा से गिरफ्तार करके गाजीपुर ले गयी है|

हालाँकि बिहार पुलिस ने बताया कि उस सिपाही के खिलाफ कोई शिकायत नहीं मिली थी और न ही इस से पूर्व उसके द्वारा ऐसा कुछ किया गया था| चुकी यह मामला दुसरे राज्य का है , इसलिए वह अपने साथ लेकर इसको चली गई है|

बिहार पुलिस का यह अधिकारी है सोशल मिडिया का स्टार, है लाखों चाहने वाले| यहाँ क्लिक कर पढ़े 

क्या है पूरा मामला ?

पुरे देश में लॉकडाउन लगा है| जिसके कारण सबकुछ बंद है| ईएसआई तरह मस्जिद में भी अजान पर भी पाबंदी है। मगर धर्मं की पट्टी इस सिपाही के आँखों पर ऐसा बंधा हुआ है कि यूपी के मुख्यमंत्री को गोली मारने की धमकी दे दी| इसके बाद यूपी के दिलदार नगर थाने में आरोपी के उपर केस दर्ज किया गया| चुकी मामला खुद राज्य के मुखिया से जुड़ा था| यूपी पुलिस ने करवाई करते हुए बिहार पहुँचीं और आरोपी को नालंदा से गिरफ्तार कर लिया|

 

 

चौकीदार से उठक-बैठक कराने वाले कृषि अधिकारी जांच में दोषी साबित, हुए निलंबित

बिहार के अररिया जिला में एक चौकीदार से सड़क पर उठक-बैठक कराने वाले जिला कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार अररिया डीएम-एसपी के जांच में दोषी पाये गायें हैं| जांच के बाद डीएओ के खिलाफ केस भी दर्ज किया गया था, जिसमें राष्ट्रीय आपदा अधिनियम के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। मगर कुछ दिन पहले इस अधिकारी के प्रमोशन दिए जाने के बाद सरकार की बहुत किरकिरी हुई थी|

जनता का विरोध का सामना कर रहे बिहार सरकार को आख़िरकार इस रसूखदार अधिकारी  पर करवाई करना ही पड़ा| इस संबंध में कृषि विभाग ने मंगलवार को आरोपी कृषि अधिकारी मनोज कुमार के निलंबन की अधिसूचना जारी की है।

कृषि विभाग के उप सचिव राधाकांत ने मंगलवार को आदेश जारी करते हुए कहा कि अधिकारी का करतूत स्वेच्छाचारिता, आपदा अधिनियम के विरुद्ध आचरण और सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के नियम 3 का उल्लंघन का मामला है। अधिकारी जांच रिपोर्ट में दोषी पाए गए हैं। और उन पर इस मामले में प्राथमिकी भी दर्ज की जा चुकी है।

ज्ञात हो कि कुछ दिनों पहले अपना बिहार समेत अन्य सोशल मिडिया प्लेटफार्म से अररिया का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें जिला कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार को पुलिस विभाग में चौकीदार गणेश तत्मा को सजा के तौर पर उठक-बैठक करवाते देखा गया था| जिसके बाद हर तरफ उसकी निदा हुई थी| खुद नीतीश कुमार द्वारा इसके संज्ञान लेने की खबर आई थी|  बिहार पुलिस के डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय ने तत्काल तौर पर एक एएसआई गोविंद सिंह को सस्पेंड कर दिया था|

Source: Dainik Bhaskar

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बिहार पुलिस भर्ती: 11880 पदों पर सिपाही बहाली की परीक्षा इस दिन होगी

बिहार में सिपाही बहाली की लिखित परीक्षा आठ मार्च हो सकती है। इसके लिए मंगलवार को गृह विभाग ने सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर तारीख के बाबत चर्चा की। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि इसी तारीख पर परीक्षा होगी। यह तभी संभव जब आठ मार्च को जिलों में सेंटर उपलब्ध होंगे।

ज्ञात हो कि बिहार पुलिस में सिपाही पद के लिए निकाली गई भर्ती की लिखित परीक्षा दो चरणों में होनी थी। पहले चरण की परीक्षा 12 जनवरी को संपन्न हुई। लेकिन 20 जनवरी को होने वाली दूसरे चरण की परीक्षा स्थगित कर दी गई थी। इस परीक्षा में करीब छह लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे। 11880 पदों पर बहाली होनी है। इसके लिए राज्यभर में 550 सेंटर बनाए गए थे। हर पाली में करीब 3.25 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होने वाले थे। चयन पर्षद के मुताबिक पुरुष अभ्यर्थियों को उनके गृह जिले के अगल-बगल के जिलों में सेंटर दिया गया था।

वहीं महिला अभ्यर्थियों को दिक्कत न हो इसे दखते हुए गृह जिले में ही उनका सेंटर रखा गया था। प्रवेश पत्र के साथ फोटोग्राफी की व्यवस्था है ताकि बाद में अभ्यर्थी की जगह कोई दूसरा आता है तो उसकी आसानी से पहचान कर ली जाए। लेकिन अब देखना है कि परीक्षा के लिए कौन सी तारीख फाइनल होती है।

पिछली बार कड़ाके की ठंड को देखते हुए इसे स्थगित कर दिया गया था। यदि अब आगे डेट बढ़ाया नहीं जाता है तो 8 मार्च को सिपाही भर्ती की स्थगित परीक्षा आयोजित की जाएगी।

 

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Job in Bihar: बिहार पुलिस के हजारों पदों पर हो रही है भर्ती, यहाँ करें आवेदन

बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग में कई पदों पर भर्तियां निकली हैं। योग्य उम्मीदवार जो इन पदों पर आवेदन करने के इच्छुक हैं, उनके पास ये सुनहरा मौका है। वे 25 सितंबर, 2019 तक इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। आपको बता दें कि ये भर्ती पुलिस अवर निरीक्षक, प्रारक्ष अवर निरीक्षक (परिचारी), सहायक अधीक्षक कारा (सीधी भर्ती), सहायक अधीक्षक कारा (भूतपूर्व सैनिक) के पदों की जा रही है।

उम्मीदवार  22 अगस्त से बीपीएसएससी की आधिकारिक वेबसाइट http://www.bpssc.bih.nic.in/ पर इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आपको बता दें कि इन पदों के लिए उम्मीदवार को तीन परीक्षाओं से गुजरना होगा। सबसे पहले प्रारंभिक परीक्षा होगी जिसमें वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रारंभिक परीक्षा में सफल छात्रों को मुख्य (लिखित) परीक्षा के लिए चयन होगा। मुख्य परीक्षा में पास करनेवाले अभ्यर्थियों को शारीरिक परीक्षा से गुजरना होगा। अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों की मेरिट मुख्य लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर जारी की जाएगी। बिहार पुलिस में दारोगा के 2064 और सार्जेंट (प्रारक्ष अवर निरीक्षक, परिचारी) के 215 पदों पर बहाली होगी। वहीं कारा विभाग के अधीन सहायक जेल अधीक्षक के 167 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इनमें सहायक जेल अधीक्षक के 42 पद भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित होंगे।

प्रारम्भिक परीक्षा- प्रारम्भिक परीक्षा में 200 अंकों का एक पत्र होगा जिसमें प्रश्नों की कुल संख्या-100 होगी एवं परीक्षा की अवधि 2 (दो) घंटे की होगी । उक्त पत्र में सामान्य ज्ञान एवं समसामयिक मुद्दों से सम्बन्धित प्रष्न पूछे जायेंगे । इसमें 30 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए असफल घोषित किये जायेंगे । प्रारम्भिक परीक्षा में प्राप्त अंकां के आधार पर रिक्तियों के 20 (बीस) गुणा सफल अभ्यर्थियों का चयन आरक्षण कोटिवार किया जायेगा । मुख्य लिखित परीक्षा हेतु अर्हता प्राप्त अभ्यर्थियों की पर्याप्त संख्या में अनुपलब्धता की दशा में उक्त अनुपात उपयुक्त रूप से कम किया जा सकेगा ।

मुख्य परीक्षा- प्रारम्भिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में सम्मिलित होने का अवसर प्रदान किया जायेगा । मुख्य परीक्षा में दो पत्र होंगे । प्रथम पत्र 200 अंकों का सामान्य हिन्दी का 2 (दो) घंटे का होगा जिसमें 100 प्रष्न होंगे एवं न्यूनतम अहर्तांक 30 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा अन्यथा उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया जायेगा । सामान्य हिन्दी पत्र का प्राप्तांक मेधा निर्धारण में नहीं जोड़ा जायेगा । द्वितीय पत्र सामान्य अध्ययन, सामान्य विज्ञान, नागरिक शास्त्र, भारतीय इतिहास, भारतीय भूगोल, गणित एवं मानसिक योग्यता जांच से सम्बन्धित होगा । द्वितीय पत्र का पूर्णांक 200 होगा जिसमें प्रश्नों की कुल संख्या- 100 होगी एवं परीक्षा की अवधि 2 (दो) घंटे की होगी ।

10. शारीरिक दक्षता परीक्षाः
निम्नांकित शारीरिक दक्षता परीक्षा में अभ्यर्थियों को सफल होना अनिवार्य होगा ।
(1) दौड़ –
पुरूषों के लिए –
एक मील की दौड़ के लिए समय सीमा – 6 मिनट 30 सेकेण्ड (इससे अधिक समय लेने वाले अभ्यर्थी असफल घोषित हांगे)।
महिलाओं के लिए – एक किलोमीटर की दौड़ के लिए समय सीमा -6 मिनट (इससे अधिक समय लेने वाली अभ्यर्थी असफल घोषित हांगी)।
(2) ऊंची कूद – पुरूषों के लिए – न्यूनतम 4 (चार) फीट महिलाओं के लिए – न्यूनतम 3 (तीन) फीट
(3) लम्बी कूद – पुरूषों के लिए – न्यूनतम 12 (बारह) फीट
महिलाओं के लिए – न्यूनतम 9 (नौ) फीट
(4) गोला फेंक –
पुरूषों के लिए – 16 पाउण्ड का गोला
न्यूनतम 16 (सोलह) फीट फेंकना होगा ।
महिलाओं के लिए – 12 पाउण्ड का गोला
न्यूनतम 10 (दस) फीट फेंकना होगा ।

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सरकारी नौकरी: बिहार पुलिस ने 12वीं पास के लिए निकाली बंपर वैकेंसी, ऐसे करें आवेदन

बिहार सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ी संख्या में हजारों पदों पर भर्ती के लिए वैकेंसी निकाली है. बिहार राज्य के केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर बिहार पुलिस के विभिन्न जिला, यूनिट तथा बटालियन में कांस्टेबल (GD), फायरमैन एवं अन्य पदों पर भर्ती हेतु आवेदन मांगे हैं. इस भर्ती के जरिए कुल 11865 रिक्त पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा. पुलिस में नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का इससे बेहतर मौका जल्द नहीं मिलेगा.

इन पदों पर आवेदन करने के लिए 18 से 25 साल की उम्र सीमा निर्धारित की गई है. इच्छुक एवं योग्य उम्मीदवार 30 जून 2018 तक बिहार पुलिस की ऑफिशियल वेबसाइट पर लॉग-इन कर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं. उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता के आधार पर किया जायेगा. विभाग ने आवेदन करने की न्यूनतम योग्यता 12वीं पास तय की है.

पदों के नाम

कांस्टेबल और फायरमैन

पदों की संख्या

11865 पदों पर आवेदन मांगे गए हैं.

योग्यता

उम्मीदवारों ने किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से 12वीं कक्षा पास की हो.

आवेदन की तारीख

ऑनलाइन आवेदन करने की तारीख 28 मई से शुरू होगी और अंतिम तारीख 30 जून 2018 है.

आयु सीमा

इन पदों पर आवेदन करने के लिए न्यूनतम आयु 18 साल और अधिकतम आयु सीमा 30 साल है.

कैसे होगा चयन

लिखित परीक्षा/ फिजिकल टेस्ट के आधार पर चयन किया जाएगा.

कैसे करें आवेदन

इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट www.csbcbponline.com पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.

जॉब लोकेशन

बिहार

नोट: आवेदन करने के लिए डायेरेक्ट लिंक पर क्लिक करें..

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Results: सिपाही भर्ती लिखित परीक्षा का रिजल्ट जारी, इस तारिख से फिजिकल टेस्ट

अभ्यर्थियों का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। शनिवार को बिहार पुलिस में कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा के नतीजों की घोषणा कर दी गई।

इसमें कुल 49 हजार 500 अभ्यर्थी सफल हुए हैं।सिपाही के 9900 पदों के लिए 11.30 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। लिखित परीक्षा में पद से 5 गुणा अधिक अभ्यर्थी चयनित हुए है।

सभी उम्मीदवार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.csbc.bih.nic.in पर बिहार पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा के नतीजे चेक कर सकते हैं।

 

उम्मीदवारों का चयन दो चरणों में होगा। लिखित परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद पहला चरण पूर्ण हो चुका है।

केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) के अध्यक्ष और डीजी के एस द्विवेदी ने बताया कि लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए फिजिकल टेस्ट 19 फरवरी से शुरु होगा।

दूसरे चरण में फिजिकल और मेडिकल टेस्ट्स होंगे। दूसरे चरण में 100 मार्क्स का फिजिकल इवैलुएशन टेस्ट (PET) होगा। फिजिकल इवैलुएशन टेस्ट में रेस, शॉट पुट, हाई जम्प राउंड कम्पटीशन होंगे। फाइनल मेरिट लिस्ट (PET) के आधार पर तैयार होगी। बता दें राज्य में कॉन्स्टेबल पदों पर भर्ती का काम सेंट्रल सिलेक्शन बोर्ड ऑफ कॉन्स्टेबल (CSBC) के जिम्मे है। बहरहाल, लिखित परीक्षा के परिणाम जारी हो चुके हैं और अब आप इन स्टेप्स को फॉलो कर अपना रिजल्ट देख कर सकते हैं।

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बिहार पुलिस कांस्टेबल पदों के लिए इस दिन जारी हो सकते हैं रिजल्ट, ऐसे देखें रिजल्ट

बिहार पुलिस (CSBC, Bihar Police Constable Result 2017) कांस्टेबल परीक्षा का परिणाम किसी भी समय घोषित हो सकता है। मीडिया में आई रिपोर्ट्स के मुताबिक नतीजे फरवरी के पहले सप्ताह में किसी भी दिन आने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि बिहार पुलिस ने इस बाबत कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी है।

विभाग ने पिछले साल कुल 9900 पदों के लिए परीक्षा का आयोजन कराया था| गौरतलब है कि बिहार पुलिस ने लंबे समय बाद इतने बड़े स्तर पर भर्तियाँ निकाली थी| इन पदों पर चुने जाने वाले उम्मीदवारों को बिहार के अलग-अलग जिलों में भेजा जाएगा|

जानकारी के लिए आपको बता दें कि बिहार पुलिस में कुल 9,900 कॉन्स्टेबल पदों पर भर्ती होनी है। रिजल्ट्स घोषणा के बाद चयनिता उम्मीदवारों को फिजिकल एबिलिटी टेस्ट (PAT) पास करना होगा। तो चलिए पहले जानते हैं फिजिकल टेस्ट से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें और रिजल्ट चेक करने का सही तरीका। फिजिकल एबिलिटी टेस्ट यानी PAT कुल 100 अंकों का होगा।

इसमें 50 अंक की 1.6km की दौड़, 25 अंक का गोला फेंक और 25 अंक की हाई जम्प होगी। 1.6km की तेज दौड़ (स्प्रिंट रन) को सबसे कम टाइम में पूरा करने वालों को तरजीह मिलेगी। निर्धारित समय से कम में इसे पूरा करने वाले उम्मीदवार अच्छे स्कोर्स हासिल करेंगे। 1.6km की दूरी का समय 6 मिनट रखा गया है। 5 मिनट से कम में इसे पूरा करने वालों को पूरे 50 मार्क्स मिलेंगे। गोला फेंक राउंड में 16 पाउंड के गोले को न्यूनतम 16 फीट की दूरी तक फेंकना होगा। इससे कम दूरी पर गोला फेंकने वाले उम्मीदवार फेल होंगे। गोला 20 फीट से ज्यादा पर फेंकने वालों को पूरे 25 अंक मिलेंगे। वहीं हाइ जम्प भी 25 अंकों की होगी। छलांग के लिए न्यूनतम हाइट 4 फीट है। 5 फीट से ज्यादा की छलांग पर उम्मीदवार को पूरे 25 अंक प्राप्त होंगे। वहीं महिला उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम हाइट 3 फीट निर्धारित की गई है।

यहां से देखें अपना परिणाम

प्रतिभागी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट csbc.bih.nic.in पर जाकर अपना परिणाम देख सकते हैं| इसके लिए उन्हें कुछ स्टेप्स फॉलो करने होंगे| परिणाम जानने के लिए जरूरी है कि आपके पास अपना क्रमांक संख्या से लेकर अन्य सभी जरूरी जानकारी हो| इसे वेबसाइट पर डालने के बाद ही आप अपना परिणाम देख सकते हैं|

 

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बिहार पुलिस में 9900 कांस्टेबल पदों के लिए इस दिन जारी होगा रिजल्ट, 11 लाख उम्मीदवारों की किस्मत का होगा फैसला

सेंट्रल सिलेक्शन बोर्ड ऑफ कॉन्स्टेबल (CSBC) जल्द ही बिहार पुलिस सिपाही भर्ती के नतीजे जारी कर सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक नतीजों की घोषणा कभी भई हो सकती है। टाइम्स नाउ की खबर के अनुसार नतीजे इसी सप्ताह किसी भी समय जारी हो सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है। 

विभाग ने पिछले साल कुल 9900 पदों के लिए परीक्षा का आयोजन कराया था| गौरतलब है कि बिहार पुलिस ने लंबे समय बाद इतने बड़े स्तर पर भर्तियाँ निकाली थी| इन पदों पर चुने जाने वाले उम्मीदवारों को बिहार के अलग-अलग जिलों में भेजा जाएगा|

जानकारी के लिए आपको बता दें कि बिहार पुलिस में कुल 9,900 कॉन्स्टेबल पदों पर भर्ती होनी है। रिजल्ट्स घोषणा के बाद चयनिता उम्मीदवारों को फिजिकल एबिलिटी टेस्ट (PAT) पास करना होगा। तो चलिए पहले जानते हैं फिजिकल टेस्ट से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें और रिजल्ट चेक करने का सही तरीका। फिजिकल एबिलिटी टेस्ट यानी PAT कुल 100 अंकों का होगा।

इसमें 50 अंक की 1.6km की दौड़, 25 अंक का गोला फेंक और 25 अंक की हाई जम्प होगी। 1.6km की तेज दौड़ (स्प्रिंट रन) को सबसे कम टाइम में पूरा करने वालों को तरजीह मिलेगी। निर्धारित समय से कम में इसे पूरा करने वाले उम्मीदवार अच्छे स्कोर्स हासिल करेंगे। 1.6km की दूरी का समय 6 मिनट रखा गया है। 5 मिनट से कम में इसे पूरा करने वालों को पूरे 50 मार्क्स मिलेंगे। गोला फेंक राउंड में 16 पाउंड के गोले को न्यूनतम 16 फीट की दूरी तक फेंकना होगा। इससे कम दूरी पर गोला फेंकने वाले उम्मीदवार फेल होंगे। गोला 20 फीट से ज्यादा पर फेंकने वालों को पूरे 25 अंक मिलेंगे। वहीं हाइ जम्प भी 25 अंकों की होगी। छलांग के लिए न्यूनतम हाइट 4 फीट है। 5 फीट से ज्यादा की छलांग पर उम्मीदवार को पूरे 25 अंक प्राप्त होंगे। वहीं महिला उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम हाइट 3 फीट निर्धारित की गई है।

यहां से देखें अपना परिणाम
प्रतिभागी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट csbc.bih.nic.in पर जाकर अपना परिणाम देख सकते हैं| इसके लिए उन्हें कुछ स्टेप्स फॉलो करने होंगे| परिणाम जानने के लिए जरूरी है कि आपके पास अपना क्रमांक संख्या से लेकर अन्य सभी जरूरी जानकारी हो| इसे वेबसाइट पर डालने के बाद ही आप अपना परिणाम देख सकते हैं|

 

खुशखबरी: आठ साल बाद बिहार पुलिस में बंपर बहाली,दारोगा के 1734 पद खाली

बिहार के युवाओं के लिए खुशखबरी है कि आठ साल बाद दारोगा (सब इंस्पेक्टर) के 1734 पदों की बहाली होगी| इस संबंध में विज्ञापन जल्द निकाला जाएगा| पुलिस मुख्यालय ने बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग को 1717 पदों पर बहाली का प्रस्ताव भेजा हैं|

एक दैनिक अखबार के मुताबिक गुरुवार को एडीजी (मुख्यालय) एक के सिंघल ने बताया कि स्पोर्टस कोटे से 17 पद भरे जाएंगे| फिलहाल बिहार पुलिस को 5 हजार से अधिक दारोगा की जरूरत है|
बिहार पुलिस में जवान- अफसरों के कुल स्वीकृत पर 1 लाख 9 हजार 46 की जगह 79 हजार पुलिसकर्मी ही उपलब्ध है| आईपीएस से लेकर सिपाही स्तर तक 29 हजार 194 पद खाली है| खासकर सिपाही-हवलदार के सर्वाधिक 16 हजार रिक्तियां है| दारोगा के करीब 44 फीसदी पद खाली है|

दारोगा बहाली के मापदंड में किए गए बदलाव के तहत अब लिखित परीक्षा के केवल वस्तुनिष्ठ प्रश्न ही पूछे जाएंगे। पहले विषयनिष्ठ प्रश्न भी पूछे जाते थे। प्रारंभिक और मुख्य दो लिखित परीक्षाएं होंगी। जितने पद होंगे उसके 20 गुणा अभ्यर्थियों का चयन मुख्य परीक्षा के लिए होगा। प्रारंभिक परीक्षा में सौ वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे।

आपको बता दें कि इससे पहले 2004 में दारोगा के 1510 पदों पर बहाली का विज्ञापन निकला था| हालांकि प्रक्रिया पूरी होने में 5 साल लग गए थे| कुल 2153 दारोगा की बहाली की गई थी| इस बार बहाली नए पैटर्न पर होगी| पीटी और मेन्स में वस्तुनिष्ठ सवाल होंगे|

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बिहार में दारोगा बहाली का पुराना फाॅर्मूला बदला, जानें क्या हुआ बदलाव?

राज्य में दारोगा की बहाली का अब फाॅर्मूला बदल गया है। अब शारीरिक परीक्षा की बजाए उम्मीदवार को प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा पहले पास करनी होगी। मौजूदा व्यवस्था में आवेदक को शारीरिक परीक्षा पास करने के बाद लिखित परीक्षा देनी होती थी। नई व्यवस्था में बहाली राज्य कर्मचारी चयन आयोग की बजाए पुलिस अवर सेवा आयोग के माध्यम से होगी।

अब दारोगा बनने के लिए अभ्यर्थियों को दो लिखित परीक्षा पास करने के बाद एक फिजिकल परीक्षा में पास होना होगा| इतनी मशक्कत के बाद ही कोई दारोगा बन पायेंगे| मंगलवार को मुख्य सचिवालय में हुइ राज्य कैबिनेट की बैठक में दारोगा बहाली के मामले समेत 24 प्रस्तावों पर सहमति बनी| बैठक के बाद सूचना भवन के संवाद कक्ष में लिए गये सभी निर्णयों की जानकारी कैबिनेट प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने पत्रकारों को दी| उन्होंने कहा कि दारोगा बहाली में पहले मेन्स परीक्षा ली जायेगी, जिसमें मौजूदा रिक्त पदों से 20 गुणा ज्यादा अभ्यर्थियों का चयन किया जायेगा|

कुल रिक्तियों का आधा प्रोन्नति से भरा जाएगा। बहाली के पदों का 1% राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के लिए आरक्षित होगा। डीजीपी हरेक वर्ष जुलाई में प्रोन्नति वाले पदों की सूची बनाएंगे। बाकी पद सीधी भर्ती से भरेंगेे। उर्दू के जानकार दारोगा के पद भी सीधी भर्ती से भरे जाएंगे।

 

200 अंक की होगी पीटी

सबसे पहले 200 अंक की प्रारंभिक परीक्षा होगी। इसमें नेगेटिव मार्किंग होगी। पास करने के लिए न्यूनतम 30 % अंक लाना होगा। मुख्य परीक्षा के लिए रिक्त पदों के 20 गुना उम्मीदवार चुने जाएंगे। इसमें 200 अंक की सामान्य हिन्दी और 200 अंक का एक अन्य पेपर होगा।

मेन्स में एससी-एसटी के लिए 33 %, पिछड़ा -अति पिछड़ा वर्ग के लिए 35 %, सामान्य के लिए न्यूनतम 40 % अंक अनिवार्य। फिजिकल के लिए रिक्ति से 6 गुना को मौका दिया जाएगा।

 

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बिहार में 9900 सिपाहियों की निकली बहाली, यहाँ करें आवेदन

राज्य में 9900 पदों पर बिहार पुलिस के लिए भर्ती, ऑनलाइन आवेदन करें ।

ऑनलाइन आवेदन 31 जुलाई से 30 अगस्त तक, केंद्रीय चयन पर्षद की वेबसाइट पर स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन शुल्क भी ऑनलाइन ही जमा करना होगा। डाक या सीधे हाथ से दिए गए आवेदनों पर पर्षद विचार नहीं करेगा।

ऑनलाइन आवेदन के लिए यहाँ क्लिक करें  http://www.csbc.bih.nic.in/Default.htm

जिन अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र सही पाए जाएंगे उनके लिए लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। कुल अंक के फीसद या अधिक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी शारीरिक योग्यता परीक्षा में शामिल होंगे। लिखित परीक्षा केवल शारीरिक जांच-माप परीक्षा के लिए ही मान्य होगी। इसका उपयोग अंतिम मेधा सूची में नहीं किया जाएगा।

बिहार पुलिस के नोटिफिकेशन देखने के लिए यहाँ क्लिक करें  http://www.csbc.bih.nic.in/Advt/Advt-01-2017-29-07-2017.pdf

इंटर में उत्तीर्ण होना जरूरी :- आवेदन के लिए इंटर स्तर की परीक्षाओं में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। बिहार राज्य के मदरसा बोर्ड द्वारा निर्गत मौलवी, बिहार राज्य संस्कृत बोर्ड द्वारा जारी शास्त्री (अंग्रेजी सहित) अथवा आचार्य (अंग्रेजी सहित) के डिग्रीधारी भी आवेदन जमा कर सकते हैं। सामान्य एंव पिछड़ा वर्ग के पुरुषों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 165 सेंटीमीटर, अत्यंत पिछड़ा के लिए 162, एससी एवं एसटी के लिए 160 तथा महिलाओं के 155 सेंटीमीटर ऊंचाई अनिवार्य है। अभ्यर्थियों की उम्र एक जून, 2017 के आधार पर 18 से 25 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसमें पिछड़ा वर्ग के पुरुषों को दो साल और महिलाओं को तीन साल, एससी-एसटी के अभ्यर्थियों को पांच साल की छूट दी गई है।

100-100 अंक की होगी लिखित और शारीरिक परीक्षा:- लिखित परीक्षा का स्तर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के इंटर अथवा समकक्ष स्तर का होगा। सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ होंगे। चार में से एक विकल्प का चयन करना होगा। दो घंटे की परीक्षा में एक-एक अंक के कुल 100 प्रश्न होंगे। शारीरिक परीक्षा भी 100 अंक की होगी। इसमें दौड़ के लिए 50, गोला फेंक के लिए 25 तथा ऊंची कूद के लिए 25 अंक निर्धारित किए गए हैं। समय के साथ अंक घटे और बढ़ेंगे। पांच मिनट में 1.6 मील की दूरी तय करने पर 50 अंक मिलेंगे। छह मिनट से अधिक समय लेने वाले अभ्यर्थी असफल घोषित किए जाएंगे। 20 फीट से ज्यादा दूरी तक गोला फेंकने पर पूरे-पूरे अंक मिलेंगे। पांच फीट से अधिक ऊंची कूद के लिए 25 अंक दिया जाएगा। पुरुष और महिला अभ्यर्थियों के लिए अलग-अलग मापदंड तय हैं।

गृह रक्षकों के लिए आधी सीटें आरक्षित:- सूबे के प्रशिक्षित गृह रक्षकों से सभी कोटी की 50 फीसद रिक्तियां भरी जाएगी। योग्य गृह रक्षक नहीं मिलने की स्थिति में उसी कोटि के गैर गृहरक्षक अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। तीन फीसद पद पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित है। शेष 97 फीसद में से 35 फीसद पद महिलाओं के लिए आरक्षित है।

समय के साथ अंक घटे और बढ़ेंगे। पांच मिनट में 1.6 मील की दूरी तय करने पर अंक मिलेंगे। छह मिनट से अधिक समय लेने वाले अभ्यर्थी असफल घोषित किए जाएंगे। 20 फीट से ज्यादा दूरी तक गोला फेंकने पर पूरे-पूरे अंक मिलेंगे। पांच फीट से अधिक ऊंची कूद के लिए 25 अंक दिया जाएगा। पुरुष और महिला अभ्यर्थियों के लिए अलग-अलग मापदंड तय हैं। आवेदन के लिए मोबाइल और ईमेल आइडी अनिवार्य है।

फिर AK-47 के साथ दिखा बिहारी सिंघम, बालू माफियाओं में मचा हड़कंप

सोन के विवादित क्षेत्र महुई महाल में अवैध बालू खनन में लिप्त माफियाओं के वर्चस्व को समाप्त करने के लिए रविवार को पटना व भोजपुर जिले की पुलिस टीम ने मिलकर छापेमारी अभियान चलाया। नेतृत्व पटना के एसएसपी मनु महाराज ने किया। करीब पांच घंटे तक चले अभियान में बालू निकाल रहे 30 मजदूरों व पोकलेन चलाने वाले 4 चालकों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही 29 पोकलेन जब्त किए गए। पुलिस ने गिरफ्तार लोगों के अलावा नौ बालू माफियाओं के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिनमें मनेर के राजद विधायक भाई वीरेंद्र का महिनामा निवासी भतीजा सोनू भी शामिल है.

एसएसपी मनु महाराज ने कहा कि बालू माफियाओं के खिलाफ आगे भी बड़ी कार्रवाई जारी रहेगी, क्योंकि बालू माफिया पटना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है। फिलहाल मनेर से से लेकर बिहटा और कोइलवर तक पूरे इलाके को सील कर दिया गया है।

विधायक भाई वीरेंद्र के भतीजे का नाम लिया : पकड़े गये पोकलेन चालकों व मजदूरों से एसएसपी मनु महाराज ने पूछताछ की. इस दौरान उन्होंने कई वीआइपी और स्थानीय विधायक भाई वीरेंद्र के भतीजे सोनू का नाम लिया है. विधायक भाई वीरेंद्र के खिलाफ जांच की जा रही है.

सालभर पहले हुई थी छापेमारी 28 लोग गिरफ्तार किए गए थे

गौरतलब है कि एक साल पहले फौजिया गुट और उमाशंकर गुट में वर्चस्व को लेकर गोलीबारी हुई थी। इसमें फौजिया गुट के एक गुर्गे की मौत हो गई थी, जबकि कई घायल हुए थे। एसएसपी मनु महाराज ने इस घटना के बाद छापेमारी अभियान चलाया था, जिसमें 28 लोग पकड़े गए थे और 28 पोकलेन भी जब्त किए गए थे। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने कार्रवाई की थी। एकबार फिर एसएसपी को महुई महाल से बालू निकालने की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम का गठन कर भोजपुर पुलिस की मदद से दोनों छोर से अवैध बालू निकालने वाले को घेरा गया। इस अभियान में एसएसपी के साथ सिटी एसपी राकेश दुबे, जिला खनन पदाधिकारी मनोज अंबष्ठ सहित कई अधिकारी शामिल थे।

 

 

पुर्णियां एसपी निशांत तिवारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा, राहत कैंप में खुद खाकर स्थिति का लिया जायजा

पूरे बिहार में लगातार हो रहे बारिश के कारण राज्य के कई जिलों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है तो वहीं पांच नदियों से घिरे पूर्णिया के बायसी अनुमंडल में बाढ़ ने दस्तक दे दी है। बाढ़ के साथ ही पुर्णियां जिला प्रशासन भी इस प्राकृतिक संकट का सामना करने को तैयार है । अनुमंडल के 6 पंचायतें बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित है. इस क्षेत्र में कई राहत कैम्प भी खोले गये हैं. इसके इतर एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर तैनात कर दी गयी है. पूर्णिया के एसपी निशांत तिवारी खुद राहत कार्यों का जायजा लेने के लिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहें है।

 

 

बायसी अनुमंडल के ताराबाड़ी, लोटियाबाड़ी, कदगामा, हफनियां, खाड़ी और हरिपुर समेत छ पंचायतें बाढ़ से बुरी तरह घिर चुकी हैं. यहां के हजारों लोग बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं. सैकड़ों लोग बाढ़ राहत कैम्पों में शरण लिये हुये हैं. पूर्णिया के एसपी निशांत तिवारी, बायसी एसडीएम सह प्रशिक्षु आईएएस शशांक शुभंकर ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने एसडीआरएफ की टीम के साथ ताराबाड़ी पहुंचे.

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के दौरान एसपी निशान्त तिवारी और एसडीएम प्रशिक्षु आईएएस शशांक शुभंकर ने खुद राहत कैम्प में खाना भी खा के देखा, लोगों के लिए चिकित्सा व्यवस्था और उनके रहने के लिए किये गये व्यवस्था का भी जायजा लिया । खाना खाने के बाद निशांत तिवारी ने कहा कि खाना स्वादिष्ट बना है । दूसरे तरफ बाढ़ से प्रभावित लोग भी प्रशासन के व्यवस्था से खुश थे। बाढ़ पीड़ितों ने कहा कि प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे राहत कैम्पों में अच्छी व्यवस्था है ।

4000 दारोगा व 20,000 सिपाहियों की होगी भर्ती, जाने कैसे होगा सिलेक्शन

बिहार राज्य में जल्द ही दारोगा और सिपाही के करीब 24 हजार पदों पर बहाली होगी।

पुलिस मुख्यालय में बहाली को लेकर कवायद शुरू कर दी गयी है। सभी जिलों को सिपाही और दारोगा के खाली पड़े पदों का श्रेणीवार रोस्टर तैयार करके मई के अंत तक हर हाल में भेजने का निर्देश दिया गया है। सभी जिलों से रोस्टर प्राप्त होने के बाद यह पूरी तरह से स्पष्ट हो जायेगा कि किस जिले में दारोगा और सिपाही के कितने पद किस श्रेणी में खाली पड़े हुए हैं।

राज्य में  20,000 पद सिपाही और करीब 4000 पद दारोगा के खाली हैं। सभी जिलों से रोस्टर प्राप्त होने के बाद इसकी पुलिस मुख्यालय अपने स्तर पर समीक्षा करेगा। इसके बाद बहाल की प्रक्रिया शुरू करने से संबंधित सूचना बिहार राज्य पुलिस भर्ती बोर्ड को भेज दी जायेगी। विभाग की तरफ से हरी झंडी मिलने के बाद राज्य पुलिस भरती बोर्ड इसका विज्ञापन निकालेगा।

पूरी प्रक्रियायों को पूरी करने और बहाली का विज्ञापन निकलने में पांच से छह महीने का समय लगेगा। हालांकि, यह तय है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान हर हाल में दारोगा और सिपाही की बहाली शुरू हो जायेगी।

महिलाओं को 35% आरक्षण : बहाली में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। सरकार ने पहले ही महिलाओं के लिए आरक्षण की घोषणा कर रखी है।

  • इस पूरी बहाली को तुरंत पूरा करने की तैयारी है। एक बड़े अधिकारी के मुताबिक इस बार ऐसा नहीं होगा जैसा 2004 में दारोगा की बहाली में हुअा था।
  • नए तरीके से होगी सिपाही की भर्ती
  • लिखित परीक्षा केवल क्वालिफाइंग
  • शारीरिक परीक्षा के अंक पर ही चयन
  • सिपाही भर्ती का तरीका बिल्कुल बदल गया है। अब लिखित परीक्षा केवल फिजिकल के लिए क्वालिफाइंग होगी।
  • शारीरिक परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर ही मेरिट लिस्ट बनेगी या बहाली होगी।
  • इसके विभिन्न पहलू यानी दौड़, गोला फेंक, ऊंची कूद के अंक तय कर दिए गए हैं। इन्हीं अंकों के बूते मेरिट लिस्ट बनेगी।
  •  नई व्यवस्था में सभी वर्ग को बहाली के लिए उम्र में 2-2 वर्ष की छूट दी गई है।
  •  लिखित परीक्षा में गोलमाल नहीं हो, इसलिए लिखित परीक्षा की उत्तर पुस्तिका की कार्बन कॉपी चयन पर्षद के पास भी रहेगी।
  • दारोगा भर्ती पुराने पैटर्न पर, पहले फिजिकल, फिर लिखित परीक्षा
  • दारोगा बहाली की प्रक्रिया में सबसे पहले फिजिकल टेस्ट होगा। शारीरिक परीक्षा में सफल होने पर लिखित परीक्षा देनी होगी। पिछली बार भी इसी पैटर्न पर बहाली हुई थी।
  • बिहार में जवानों की भारी कमी, एक लाख लोगों पर सिर्फ 70
  • राष्ट्रीय आैसत के मुकाबले बिहार में पब्लिक व पुलिस का अनुपात काफी कम है। राष्ट्रीय आैसत है-1 लाख आबादी पर 143 पुलिसकर्मी।
  • लेकिन बिहार में 1 लाख लोगों की सुरक्षा के लिए महज 70 पुलिसकर्मी ही हैं।
  •  20 हजार सिपाही व 4 हजार दारोगा की बहाली के बाद प्रति एक लाख की आबादी पर पुलिसकर्मियों की संख्या 150 तक हो जाएगी
  • थानों में 30 फीसदी अफसरों के पद खाली
  • बिहार पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह के मुताबिक थानों के स्तर पर 30 फीसदी अफसरों (जमादार से इंस्पेक्टर तक) की कमी है।
  • इसके कारण अफसरों पर काम का दबाव रहता है। नतीजतन कार्यक्षमता पर भी बुरा असर पड़ता है।
  • ऐसे हालात को देखते हुए बहाली की प्रक्रिया को जल्दी पूरा करने की आवश्यकता है।
  • सिपाहियों की कमी के कारण ही 32 हजार होमगार्ड विधि-व्यवस्था व अन्य सुरक्षा के काम में लगाए जाते हैं।