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बिहार में दारोगा बहाली का पुराना फाॅर्मूला बदला, जानें क्या हुआ बदलाव?

राज्य में दारोगा की बहाली का अब फाॅर्मूला बदल गया है। अब शारीरिक परीक्षा की बजाए उम्मीदवार को प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा पहले पास करनी होगी। मौजूदा व्यवस्था में आवेदक को शारीरिक परीक्षा पास करने के बाद लिखित परीक्षा देनी होती थी। नई व्यवस्था में बहाली राज्य कर्मचारी चयन आयोग की बजाए पुलिस अवर सेवा आयोग के माध्यम से होगी।

अब दारोगा बनने के लिए अभ्यर्थियों को दो लिखित परीक्षा पास करने के बाद एक फिजिकल परीक्षा में पास होना होगा| इतनी मशक्कत के बाद ही कोई दारोगा बन पायेंगे| मंगलवार को मुख्य सचिवालय में हुइ राज्य कैबिनेट की बैठक में दारोगा बहाली के मामले समेत 24 प्रस्तावों पर सहमति बनी| बैठक के बाद सूचना भवन के संवाद कक्ष में लिए गये सभी निर्णयों की जानकारी कैबिनेट प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने पत्रकारों को दी| उन्होंने कहा कि दारोगा बहाली में पहले मेन्स परीक्षा ली जायेगी, जिसमें मौजूदा रिक्त पदों से 20 गुणा ज्यादा अभ्यर्थियों का चयन किया जायेगा|

कुल रिक्तियों का आधा प्रोन्नति से भरा जाएगा। बहाली के पदों का 1% राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के लिए आरक्षित होगा। डीजीपी हरेक वर्ष जुलाई में प्रोन्नति वाले पदों की सूची बनाएंगे। बाकी पद सीधी भर्ती से भरेंगेे। उर्दू के जानकार दारोगा के पद भी सीधी भर्ती से भरे जाएंगे।

 

200 अंक की होगी पीटी

सबसे पहले 200 अंक की प्रारंभिक परीक्षा होगी। इसमें नेगेटिव मार्किंग होगी। पास करने के लिए न्यूनतम 30 % अंक लाना होगा। मुख्य परीक्षा के लिए रिक्त पदों के 20 गुना उम्मीदवार चुने जाएंगे। इसमें 200 अंक की सामान्य हिन्दी और 200 अंक का एक अन्य पेपर होगा।

मेन्स में एससी-एसटी के लिए 33 %, पिछड़ा -अति पिछड़ा वर्ग के लिए 35 %, सामान्य के लिए न्यूनतम 40 % अंक अनिवार्य। फिजिकल के लिए रिक्ति से 6 गुना को मौका दिया जाएगा।

 

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