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बिहार यंग थिंकर्स फोरम द्वारा कोविड-19 वैश्विक महामारी पर बैठक

बिहार यंग थिंकर्स फोरम कोविड-19 वैश्विक महामारी पर आभासी(वर्चुअल ) बैठक का आयोजन कर रहा है । जिसका रूपांतरण – चिंताओं, चुनौतियों और संभावित समाधानों पर एक परिप्रेक्ष्य है। यह कार्यक्रम 30 जुलाई को शाम 6 बजे से आयोजित किया जाना है। बिहार के राज्य में स्थिति बिगड़ती जा रही है और पिछले कुछ हफ्तों से राज्य में कोविड ​​-19 के सामुदायिक संचरण में प्रवेश करने के कारण लगातार स्तिथि असमान्य होते जा रही है ।

इस आयोजन का उद्देश्य बिहार में COVID-19 संकट पर चर्चा के माध्यम से किए जाने वाले उपायों के बारे में आम जनता के बीच जागरूकता पैदा करना है और इस वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ने के लिए संभव समाधानों की तलाश करना है, जो मानसिक के साथ-साथ मानसिक हाल चाल।

जिन वक्ताओं को इस मुद्दे पर जानकारी दी जाएगी, वे श्री अजोय शर्मा हैं, जो योग शिक्षक, प्रेरक अध्यक्ष, लाइफस्टाइल कोच और स्वास्थ्य दल के संस्थापक, श्री कुणाल (मुख्य निर्वाचन अधिकारी, गोवा) और प्रो (डॉ।) उमा कुमार (हैं) एचओडी, डिपार्टमेंट ऑफ रयूमेटोलॉजी, एम्स, नई दिल्ली)। सत्र को बिहार युवा विचारक मंच के सोशल मीडिया पेजों और चैनलों के माध्यम से सीधा प्रसारण किया जाएगा।

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COVID-19: बिहार में कोरोना मरीजों की संख्या 403 पहुंची, 38 में से 29 जिलों में फैला संक्रमण

बिहार में COVID-19 से संक्रमित में लोगों की संख्या में अचानक उछाला आ गया है| बिहार में बुधवार को कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के 37 नए मामले सामने आयें| इसके बाद प्रदेश में संक्रमण की संख्या 403 हो गए| बिहार के कुल 38 जिलों में से 29 जिलों में कोविड-19 के मामले सामने आ चुके हैं|

संक्रमण के मामले अबतक सबसे अधिक मुंगेर जिले में 92 मामले मिले हैं। पटना में 40, बक्सर में 38, नालंदा में 35, रोहतास में 33, सिवान में 30, गोपालगंज में 18, कैमूर में 18, बेगुसराय में 11, भोजपुर में नौ, औरंगाबाद में सात, गया में छह, भागलपुर, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, पश्चिम चंपारण एवं दरभंगा में पांच-पांच, अरवल, नवादा, लखीसराय एवं सारण एवं जहानाबाद में चार-चार, बांका में तीन, वैशाली में दो तथा मधेपुरा, पूर्णिया, अररिया, शेखपुरा एवं सीतामढ़ी में एक—एक मामले प्रकाश में आए हैं।

राज्य के बक्सर जिले में कोरोना की पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है| बुधवार को एक छह माह की बच्ची की भी संक्रमित होने की खबर है| बुधवार को कुल 12 और नये कोरोना की पॉजिटिव मरीज मिले हैं| ये सभी मरीज पूर्व के पॉजिटिव पाये गये मरीजों के संपर्क में आने से संक्रमित हुए हैं| बक्सर अब कुल 40 मरीजों के साथ नालंदा को पीछे छोड़ तीसरे नंबर पर आ गया है| वहीं, पहले नंबर पर मुंगेर और दूसरे नंबर पर पटना बना हुआ है|

 

 

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Aapna Bihar का असर: नीतीश कुमार ने गरीब-बिहारी मजदूरों के लिए 100 करोड़ के पैकेज किया ऐलान

कोरोना वायरस के कारण पूरे देश में हुए लॉकडाउन से बिहारी मजदूर को हो रही दिक्कत का मामला हम सब लोग मिलकर लगातार Aapna Bihar के माध्यम से किया है| हमारी मेहनत रंग लायी है| आख़िरकार बिहार के मुख्यमंत्री इन गरीब लोगों के हक़ में फैसला लेने को मजबूर हुए|

अन्य राज्यों में काम कर रहे बिहारी मजदूरों के मदद के लिए अब बिहार सरकार आगे आई है। इन लोगों को सहायता पहुंचाने के लिए राज्य सरकार की तरफ से दो नंबर जारी किए गए हैं। इन दो नंबरों 981831252 और 9773711261 पर कॉल कर लोग सहायता मांग सकते हैं।

यही नहीं, दूसरी तरफ बिहार सरकार ने लॉकडाउन से परेशान राज्य के गरीब जनता के लिए अपनी तिजोरी खोल दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को गरीबों के लिए 100 करोड़ रुपए के राहत पैकेज का ऐलान किया है।

जदयू के राष्ट्रीय महासचिव संजय कुमार झा ने ट्वीट कर बताया कि दूसरे राज्यों के प्रशासन से सामंजस्य स्थापित कर हम उनके रहने और खाने की व्यवस्था करवा रहे हैं। आज सुबह तीन बजे तक कई लोगों की मदद की गई है, आगे भी यह सिलसिला जारी रहेगा।

https://twitter.com/SanjayJhaBihar/status/1243075057959596037

इसके अलावा भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री सह पाटलिपुत्र के सांसद राम कृपाल यादव ने कोरोना से बचाव के उपाय करने को 1 करोड़ दिए हैं। अपने सांसद निधि से पाटलिपुत्र संसदीय क्षेत्र के दानापुर, बिक्रम, फुलवारी, पालीगंज, मसौढ़ी और मनेर विधान सभा में कोरोना वायरस के रोकथाम और इलाज में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न चीजों यथा मास्क, सैनिटाइजर, हैंड ग्लब्स, हैंड वाश, थर्मल स्कैनर इत्यादि की खरीद के लिए एक करोड़ दिये हैं। इस बाबत सांसद ने पटना के जिलाधिकारी और जिला योजना पदाधिकारी पटना को पत्र लिखा है। सांसद निधि का पैसा कोरोना पर खर्च करने के लिया रामकृपाल यादव संभवतः पहले सांसद हैं जो आगे आए हैं।

न दो नंबरों के अलावा भी सरकार ने अन्य नंबर जारी किए हैं। बिहार के श्रम मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कोषांग पदाधिकारियों का नंबर जारी किया है। 9476191436 नंबर पर कॉल कर आप अपर मुख्य सचिव सुधीर कुमार से बात कर अपनी समस्या बता सकते हैं। इसके अलावा 9431019731,7631499034,9973904546 इन तीन नंबरों पर कॉल करने पर भी बिहार सरकार आपकी मदद के लिए आगे आएगी।

कोरोना के संक्रमण से मरीज की मौत पर 4 लाख का अनुदान देगी बिहार सरकार

बिहार सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण से किसी भी मरीज की मौत होने पर  मृतक के आश्रित को चार लाख रुपए का अनुदान मिलेगा। इसके साथ ही परिवार को स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इस संबंध में बिहार के श्रम विभाग ने एक सर्कुलर जारी किया है।

बिहार और बिहारी के हक की लड़ाई हम लड़ते रहेंगे| साथ लड़ते रहें, जबतक बोलेंगे नहीं तब तक सत्ता पर बैठे लोग सुनेंगे नहीं| Aapna Bihar का साथ देने के लिए धन्यवाद!

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Coronavirus: बिहार में संदिग्ध मरीज के मौत के बाद आ रही है कोरोना वायरस टेस्ट की रिपोर्ट

कोरोना वायरस को लेकर बिहार में एक अलग ही स्तर की लापरवाही देखने को मिल रही है| कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीज के मौत की लगातार खबर आ रही है| होश उड़ाने वाली बात यह है कि मरीज के मरने के बाद उसका टेस्ट के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं और मरने के बाद उसका रिपोर्ट आ रहा है|

अभी खबर आ रही है कि एक और संदिग्ध मरीज की मौत हो गई है। बिहार के प्रमुख अख़बार दैनिक जागरण ने दावा किया है कि उस मरीज का टेस्ट रिपोर्ट आना बाकी है।

दैनिक जागरण के मुताबिक ये संदिग्ध मरीज नालंदा जिले के पावापुरी स्थित वर्धमान मेडिकल कॉलेज में भर्ती था। इस सन्दिग्ध मरीज की रात 11.30 बजे मौत हो गई है। मरीज की मौत के बाद उसके ब्लड के सैंपल को जांच को भेजा गया है।

हालांकि विम्स के डॉ पुरुषोत्तम ने बताया है कि 50 वर्षीय मरीज पहले से इम्पाइमा (फेफड़े में पस होना) से ग्रसित था। कोरोना के संक्रमण की जांच के लिए उसका ब्लड सैम्पल पहले ही पटना भेजा जा चुका था। रिपोर्ट निगेटिव आई थी।

ये कोई पहला मामला नहीं है| दो दिन पहले ही Aapna Bihar ने ऐसा ही मामला प्रमुखता से उठाया था| गया में एक संदिग्ध की मौत के बाद जब उसका अंतिम संस्कार किया जा रहा था, तब डॉक्टर उसका सैंपल लेने पहुंचे। डॉक्टरों ने चिता पर रखे शव से सैंपल लिया था।

कतर से लौटे मोहम्मद सैफ की मौत कोरोना वायरस से होने वाली बिहार में पहली मौत थी| मगर उस मामले में भी उसके मरने बाद बताया गया कि उसका रिपोर्ट पॉजिटिव आया है| यही नहीं उसके लाश को भी लापरवाही के साथ उसके परिवार को जबरदस्ती दे दिया गया|

पूरे मामले को समझना है तो जरा बिहार सरकार द्वारा कोरोना वायरस के टेस्ट का आंकड़ा को एक बार देखिये| बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को इससे संबंधित आंकड़ा जारी किया । इन आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक कुल 194 लोगों का सैम्पल लिया गया, जिसमें 175 लोगों का रिजल्ट निगेटिव पाया गया।

यानी बिहार की आबादी 10 करोड़ से व ज्यादा है मगर की जा रही टेस्ट की संख्या बिहार के एक जिले के लिए भी काफी नहीं है| कम टेस्ट हो रहे हैं| जो टेस्ट हो रही है उसका रिपोर्ट देरी से आ रहे हैं और इसी कारण कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या कागज़ पर कम है| जो लोग मर रहें है उसका वजह उसके अंतिम संस्कार के बाद परिवार को पता चल रहा है, संभव है की परिवार भी संक्रिमित हो और उसके साथ पूरा समाज| सवाल है कि राज्य और केंद्र सरकार बिहार को लेकर इतना लापरवाह कैसे हो सकते हैं? करोड़ों लोगों की जिन्दगी खतरे में डाला जा रहा है|

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Coronavirus: गया में एक संदिग्ध की मौत के बाद डॉक्टर ने चिता पर रखे शव से सैंपल लिया

जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं कोरोना वायरस को लेकर बिहार सरकार की पोल खुलती हुई नजर आ रही है| रविवार से पहले बिहार से कोरोना वायरस का एक भी केस सामने नहीं आया था मगर रविवार को अचानक खबर आई कि एक व्यक्ति कि मौत हो गयी और दो केस पॉजिटिव निकले हैं|

पहले यह अनुमान लगाय जा रहे थे कि बिहार में कोरोना नहीं पहुंचा है मगर हकिकत कुछ और है| वास्तव में बिहार में पर्याप्त संख्या में लोगों की टेस्टिंग ही नहीं हो पा रही है और जितने लोगों का हो रहा उसका रिपोर्ट आने में काफी समय लग जाता है| Indian Council of Medical Research के अनुसार 10 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले बिहार में मात्र एक टेस्टिंग सेंटर आरएमआरआई, पटना में कोरोना वायरस की जांच हो रही है| हालत का अनुमान इस से लगाईये की मरने के बाद पता चल रहा है कि मरने वाले का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव है| बिहार के गया से तो एक ऐसा भी मामला आया कि मरने के बाद उस आदमी का सैंपल लिया गया|

गया में एक संदिग्ध की मौत के बाद जब उसका अंतिम संस्कार किया जा रहा था, तब डॉक्टर उसका सैंपल लेने पहुंचे। डॉक्टरों ने चिता पर रखे शव से सैंपल लिया। इस बारे में सिविल सर्जन डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि मृतक जिन-जिन लोगों के संपर्क में आया था, उन्हें क्वारैंटाइन किया जा रहा है।

गया में एक संदिग्ध की मौत के बाद जब उसका अंतिम संस्कार किया जा रहा था, तब डॉक्टर उसका सैंपल लेने पहुंचे। डॉक्टरों ने चिता पर रखे शव से सैंपल लिया। इस बारे में सिविल सर्जन डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि मृतक जिन-जिन लोगों के संपर्क में आया था, उन्हें क्वारैंटाइन किया जा रहा है।

जिस संदिग्ध की कोरोना से मौत, उसके परिजनाें को ही जबरन सौंप दिया शव

मुंगेर के एक 38 साल के युवक को एम्स में 20 मार्च को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। 21 मार्च की सुबह 9:28 में मौत हो गई। कोराेना की रिपोर्ट रविवार को आई। एम्स के निदेशक डॉ. पीके सिंह ने इसकी पुष्टि की। मरीज की दोनों किडनी भी फेल्योर थी। वहीं, एम्स के आइसोलेशन वार्ड में 19 मार्च से भर्ती दीघा के पोलसन रोड की 45 साल की महिला की भी रविवार को रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके अलावा एनएमसीएच में भर्ती  मरीज की भी प्राथमिक रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, हालांकि आरएमआरआई की ओर से दोबारा मरीज की जांच कराई जा रही है। वह 3 दिन पूर्व एम्स से बिना भर्ती हुए निकल गया था। इधर, मुंबई से आए विशेष ट्रेन के 3990 यात्रियों की दानापुर में स्क्रीनिंग कराई गई। जिनमें 24 संदिग्ध मिले। इन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

छात्र भागकर घर चला गया, अब रिपोर्ट पॉजिटव

स्काॅटलैंड से फुलवारीशरीफ आया छात्र एम्स पहुंचा तो उसे आइसोलेशन के लिए कहा गया, लेकिन वह वहां से भागकर घर आ गया। जब इसकी जानकारी प्रशासन को हुई तो उसे घर से पकड़कर एनएमसीएच में भर्ती करा दिया। रविवार को उसकी कोरोना वायरस की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। उसे आइसोलेशन वार्ड से अलग कर दिया गया है। वह 19 मार्च को मुंबई होते पटना एयरपोर्ट पहुंचा था।

इधर, रविवार की शाम उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने की सूचना के बाद उसके गांव और आसपास में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने उसके परिजनों को घर में ही रहने को कहा है।

उसके पड़ोस के लोगों को भी एहतियात बरतने और घर में ही रहने को कहा गया है। वह स्कॉटलैंड में कंप्यूटर साइंस का छात्र है। स्थानीय मुखिया के पति व उसके गांव के लोगों ने कहा कि जिस दिन वह आया, उस दिन भी कई लोगों से मिलते हुए घर गया। फिर जब घर से एम्स के लिए निकला तो भी आठ-दस लोगों से मिलते गया।

बिहार सरकार के लापरवाही रवैया करोड़ों लोगों की जिन्दगी खतरे में डाल रही है| बिहार में स्वास्थ आपातकाल की स्थिति पहली बार नहीं है और न ही सरकार की नाकामी पहली बार दिख रही है। हालांकि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए कई राज्यों की तर्ज पर बिहार में भी 31 मार्च तक लॉकडाउन करने का फैसला किया है। रविवार को बिहार में भी एक कोरोना पीड़ित की मौत हुई है। इसके अलावा चार केस पॉजीटिव पाए गए हैं। सीएम नीतीश कुमार के आवास पर उच्च स्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया है| देश में कोरोना के कुल संक्रमित मामलों बढ़कर 341 तक पहुंच गए हैं। भारतीय रेलवे ने भी 31 मार्च तक सभी यात्री ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है।