खुशखबरी: पटना और मुजफ्फरपुर को स्मार्ट सिटी बनने के लिए 4357 करोड़ रूपये हुए आवंटित

देर से ही सही मगर लगता है बिहार के पटना और मुजफ्फरपुर शहर के लिए अच्छे दिन जल्द ही आने वाली है| ज्ञात हो कि केंद्र प्रायोजित स्मार्ट सिटी मिशन योजना के तहत बिहार के पटना और मुजाफ्फरपुर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकशित करना है| इन दोनों शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए अलग-अलग एसपीवी (स्पेशल परपस व्हीकिल) कंपनी का गठन करने का फैसला लिया गया है|

मंगलवार को राज्य कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी| इसके तहत केंद्र प्रायोजित स्मार्ट सिटी मिशन योजना के अंतर्गत पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी और मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी बनायी जायेगी| पटना की कंपनी के लिए 2776 करोड़ और मुजफ्फरपुर कंपनी के लिए 1580 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं|

यानी दोनों को मिला कर 4357 करोड़ रुपये दिये गये हैं| इसके अलावा पटना की योजना के लिए 465 करोड़ रुपये और मुजफ्फरपुर की योजना के लिए 490 करोड़ रुपये अलग से दिये गये हैं| दोनों कंपनियों के रजिस्ट्रेशन के लिए ढाई करोड़ रुपये राज्यांश के रूप में खर्च किये जायेंगे| इसके अलावा इन कंपनियों के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर (बीओडी) में तीन नये पदों को जोड़ा गया है| प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में गठित इस बीओडी में अब संबंधित जिले के डीएम, मेयर और बुडको के एमडी भी सदस्य होंगे|

मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर सचिव उपेंद नाथ पांडेय ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिपरिषद, की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। श्री पांडेय ने बताया कि केन्द प्रायोजित स्मार्ट सिटी मिशन योजना के तहत पटना शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए स्पेशल पर्पस व्हीकल (एसपीवी) कम्पनी पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के गठन एवं योजना पर अनुमानित व्यय 2776.16 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

राज्यांश के रूप में 465 करोड़ रुपये एवं कंपनी के निबंधन के लिए 2.50 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। अपर सचिव ने बताया कि इसी तरह मुजफ्फरपुर में स्मार्ट सिटी बनाने के लिए एसपीवी कंपनी मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के गठन और इस योजना पर करीब 1580 करोड़ रुपये व्यय की प्रशासनिक मंजूरी दी गई। योजना पर राज्य की हिस्सेदारी 490 करोड़ रुपये तथा कंपनी के निबंधन के लिए ढाई करोड़ रुपये व्यय की भी स्वीकृति प्रदान की गई।

बेंगलुरु और चंडीगढ़ की तरह चमकेगा राजधानी पटना

पटना को स्मार्ट बनाने वाली कंसल्टेंट कंपनी 43 क्षेत्रों के विशेषज्ञों को रखेगी। स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए पीएमसी प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 25 सितंबर को पटना को स्मार्ट बनाने वाली कंसलटेंसी कंपनी का चयन भी हो जाएगा। शहर हर क्षेत्र में स्मार्ट बनेगा। यहां की सड़कें चमकेंगी। पार्क और खूबसूरत दिखेंगे। हेरिटेज भवन अपनी तरफ आकर्षित करेगा। ट्रांसपोर्ट सेवा बेहतर होगी। नदी का किनारा आकर्षक होगा। बेंगलुरु और चंडीगढ़ की तरह शहर चमकेगा। ड्रेनेज सिस्टम, सफाई व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा व्यवस्था सब स्मार्ट हो जायेंगे।

 

स्मार्ट सीटी बनने पर कैसा दिखेगा राजधानी पटना

स्टेशन गोलंबर पर 16 एकड़ एरिया के विकास पर 350 करोड़ खर्च होंगे। यहां मल्टीप्लेक्स, छह अंडर ग्राउंड पाथ-वे, 750 गाड़ियों के लिए तीन पार्किंग, सोलर रूफ टॉप और वेंडर जोन बनेंगे।

सभी कनेक्टिंग रुट पर ई-रिक्शा

राजधानी की एजेंसियों की मदद से सभी कनेक्टिंग रुट पर ई-रिक्शा चलेगी। 10 ई-बसें भी चलेंगी। प्रदूषण नियंत्रण के लिए ई व्हीकल को बढ़ावा दिया जाएगा। इस पर 20 करोड़ खर्च होंगे।

सरकारी भवनों में लगेगा सोलर प्लेट

गांधी मैदान क्षेत्र में सूर्य की रोशनी से 16 फीसदी बिजली का उत्पादन होगा। इसे सभी सरकारी भवन की छतों पर लगाया जाएगा। मौर्यालोक, कलेक्ट्रेट सहित 20 से अधिक सरकारी भवनों पर सोलर प्लेट लगाए जाएंगे। इस पर कुल 99.92 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

गांधी मैदान में पार्टी जोन

करगिल चौक से गांधी मैदान के 500 मीटर क्षेत्र में पैदल पथ, फर्नीचर, फन जोन, वाटर जोन, ई-चार्जिंग प्वाइंट्स का विकास होगा। यहां बच्चों के साथ लोग घूमने जा सकते हैं। खेलकूद, मस्ती के साथ-साथ पार्टी भी कर सकते हैं। इस पूरे एरिया के विकास पर 14 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

स्लम फ्री होंगे इलाके

चीना कोठी लोदीपुर में 4.22 एकड़ एरिया में हाउसिंग और 1.77 एरिया को व्यावसायिक इलाके के तौर पर विकसित किया जाएगा। कमला नेहरु नगर में 7.5 एकड़ एरिया को हाउसिंग और 2.5 एकड़ क्षेत्र व्यवसाय के लिए खाली छोड़ा जाएगा। छह स्लम की 14,129 आबादी वाले इलाकों को झोपड़ीमुक्त किया जाएगा।

बांकीपुर परिवहन हब

दूसरे शहरों के लिए बस, पार्किंग, कॉमर्शियल हब, भाड़े पर मिलने वाली साइकिल के लिए स्टैंड, ई-रिक्शा प्वाइंट, सोलर रूफ टॉप बनेंगे। 700 गाड़ियों के लिए पार्किंग बनेगी। छह एकड़ क्षेत्र के विकास पर 175 करोड़ खर्च होंगे।

मंदिरी नाले पर फास्ट ट्रैक

 

आयकर गोलंबर से बांसघाट के बीच मंदिरी नाले पर 20 मीटर चौड़ा फास्ट ट्रैक बनेगा। गाड़ियों व साइिकल के लिए अलग ट्रैक बनेंगे। फुटपाथ, वेंडर जोन, पार्किंग, एडवरटाइजमेंट जोन के 1.3 किमी. क्षेत्र के विकास पर 65.2 करोड़ खर्च होंगे।
वीरचंद पटेल पथ बनेगा राहगीरी रोड, छुट्‌टी के दिन खेलकूद और पार्टी
{वीरचंद पटेल पथ पर राहगीरी रोड बनेगा। छुट्टी के दिन सुबह और शाम में लोगों के लिए पार्टी व खेलकूद की व्यवस्था की जाएगी। स्ट्रीट फर्नीचर, स्मार्ट पोल, स्मार्ट बस स्टॉप, एक फुटओवर ब्रिज, बसों और साइकिल के लिए अलग ट्रैक, फुटपाथ, अंडर ग्राउंड पाथवे, सूचना पट्ट, सीसीटीवी कैमरा, वाईफाई हॉट स्पॉट बनेंगे। 1.27 किलोमीटर के क्षेत्र के विकास पर 31.25 करोड़ खर्च होंगे।

25 भवनों पर थ्री-डी पेंटिंग बनाई जाएगी

मल्टीलेवल पार्किंग, दानापुर, मौर्या लोक कॉम्पलेक्स सहित 25 भवनों पर थ्री-डी पेंटिंग बनेगी। 11.25 करोड़ खर्च होंगे।

स्टेशन से गांधी मैदान तक 15 इंटर सेक्शन सड़कें बनेंगी
फुटपाथ इम्प्रूवमेंट, रोड मार्केटिंग, स्ट्रीट फर्नीचर, स्मार्ट पोल आदि के साथ शहर की 16.7 किमी. सड़कों को विकसित किया जाएगा। इस रुट को पूरी तरह अतिक्रमण फ्री बनाया जाएगा। आने-जाने के सभी अवरोध दूर कर दिए जाएंगे। 15 इंटर सेक्शन सड़कों के विकास पर 240 करोड़ खर्च होंगे।
वीरकुंवर सिंह पार्क में बुद्धिष्ट सर्किट का विकास होगा
वीरकुंवर सिंह पार्क में बुद्धिष्ट सर्किट, जैन सर्किट, रामायण सर्किट, सूफी सर्किट, गांधी सर्किट और ईको सर्किट का विकास होगा। ओपन जिम, ई-लाइब्रेरी, आइकोनिक हेरिटेज पार्क, आर्टिफिशयल जंगल, ऐतिहासिक पुरुषों की मूर्ति के विकास पर 50 करोड़ खर्च होंगे।

पूरे शहर में ट्रैफिक की एक ही जगह से होगी मॉनिटरिंग

मोबाइल बूस्टर के साथ 61 फ्री वाईफाई जोन होंगे। 61 एलईडी स्ट्रीट पोल लगेंगे। ऑटोमैटिक वेस्ट मैनेजमेंट से कचरा उठाव की मॉनिटरिंग होगी। डस्टबिन में कचरा भरते ही निगम को जानकारी मिल जाएगी। इस पर 30.24 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

 

बिहार में खुशी की लहर, पटना और मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी के लिस्ट में शामिल

केंद्र सरकार द्वारा स्मार्ट सिटी के लिए शुक्रवार को जारी 30 शहरों की सूची में बिहार की राजधानी पटना और मुजफ्फरपुर को शामिल किया गया है. सूची में पटना को पांचवें और मुजफ्फरपुर को सातवें नंबर पर रखा गया है. शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए 25 जून, 2015 को स्मार्ट सिटी मिशन का शुभारंभ किया गया था. अब तक कुल 90 शहरों का चयन किया जा चुका है. शहरी विकास और आवास व गरीबी उन्मूलन मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि 40 स्मार्ट सिटी के स्लॉट में केवल 30 शहरों को चुना गया है. अन्य दस शहरों के लिए 20 शहरों में कड़ी प्रतिस्पर्धा है. नायडू ने बताया कि 30 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए 57,393 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे.

 

30 शहरों का चयन प्रतिस्पर्धा के आधार पर किया गया। इनमें त्रिवेंद्रम पहले और पटना 5वें नंबर पर है। वहीं, बिहार के मुजफ्फरपुर सातवें नंबर पर है। इस लिस्ट में जम्मू और श्रीनगर भी शामिल है। यूपी के तीन शहर इलाहाबाद, अलीगढ़ और झांसी को स्मार्ट सिटी के दायरे में रखा गया है।

 

वहीं, देहरादून और शिमला का चयन पर्वतीय प्रदेशों में से किया गया है, जिन्हें स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा।

 

नया  रायपुर, त्रिवेंद्रम, राजकोट, अमरावती, करीमनगर, पुडुचेरी, गांधीनगर, सागर, करनाल, सतना, बेंगलुरु, त्रिपुर, पिंपली-चिंचवाड़, बिलासपुर, पासीघाट, दाहोद, तिरुनवेल्ली, थूठकुडी, त्रिरुचेल्लापल्ली, आइजोल और गंगटोक का चयन किया गया है, जिन्हें स्मार्ट सिटी बनाया जायेगा।

 

गौरतलब है कि इस योजना के तहत 100 शहरों को स्मार्ट बनाया जाना है। अबतक कुल 90 शहरों का चयन हो चुका है।

स्मार्ट सिटी बनने के बाद कुछ ऐसा होगा पटना।

इस वर्ष के वजट के बाद  टारगेट यह कि अगले एक साल में शहर में हर 500 मीटर पर एक डस्टबिन हो। पूरे पटना में हर एक किलोमीटर पर शौचालय हो। बजट तय करने के लिए 6 मार्च को स्थायी समिति की विशेष बैठक होगी।

इसके बाद 7 मार्च को निगम बोर्ड की होने वाली बैठक में इस पर सभी 72 पार्षद अपनी राय रखेंगे। इसे फाइनल करने में 15 मार्च तक का समय लग सकता है। इस बार होल्डिंग टैक्स का टारगेट 100 करोड़ पर पहुंच सकता है।
नगर निगम ने 2016-17 के लिए 50 करोड़ होल्डिंग टैक्स का टारगेट तय किया था। जो अबतक 36 करोड़ तक पहुंच पाया है। नगर आयुक्त अभिषेक सिंह ने बताया कि राजधानी के चार जोन (एनसीसी उत्तरी-दक्षिणी, कंकड़बाग और बांकीपुर अंचल) से डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए चार एजेंसियों का चयन हो गया है।

सिर्फ पटना सिटी के दोनों जोन का चयन बाकी है। 4 मार्च को डोर टू डोर कचरा कलेक्शन पर स्थायी समिित की विशेष बैठक होगी 6 मार्च को स्थायी समिति बजट पर चर्चा करेगी।
7 मार्च को निगम बोर्ड की बैठक होगी। यहां से मुहर लगने के बाद 15 से 20 मार्च के बीच डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन शुरू हो जाएगा। जहां-तहां कचरा फेंकने वालों पर कार्रवाई और फाइन के लिए प्रस्ताव पर एक महीने तक चर्चा होगी।

बिहार में बनेगें “स्मार्ट विलेज”: CM नितीश कुमार

बिहार सरकार नितीश कुमार ने केंद्र सरकार को निशाना बनाते हुए कहा,भले ही बिहार की राजधानी पटना का नाम स्मार्ट सिटी की सूची में शुमार न पाया हो लेकिन अब बिहार के सभी गांवों को स्मार्ट बनाया जाएगा। 

निश्चय यात्रा के तीसरे चरण के अंतिम दिन शनिवार को कटिहार में चेतना सभा में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐलान किया कि अब सूबे के सभी गांवों को स्मार्ट बनाया जाएगा।
गांव में सड़क, बिजली और घरों में पेय जल, शौचालय होगा
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कटिहार के राजेन्द्र स्टेडियम में चेतना सभा में उमड़ी जनसैलाब को संबोधित करने के दौरान कहा कि बिहार के सभी गांवों को स्मार्ट गांव बनाने के लिए पहल शुरू कर दी गई है. उन्होंने कहा कि इसके लिए बिहार के सभी गांवों के हर घर तक पक्की सड़क का जाल बिछाया जाएगा. यहां सभी घरों में नल का जल और शौचालय की व्यवस्था होगी. इसके साथ ही हर घर में बिजली भी होगी।
नीतीश कुमार ने कहा कि ये हो जाने से बिहार का हर गांव स्मार्ट हो जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर दोहराया कि अगले साल तक बिहार के हर घर को बिजली से जोड़ दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि बिहार का एक घर भी ऐसा न हो जिसके दरवाजे तक पक्की सड़क न हो, घर में नल का जल हो, घर में शौचालय हो और बिहार के हर घर में 24×7 बिजली हो.
सभी कॉलेजों-हाई स्कूलों में मुफ्त वाई फाई
चेतना सभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार के सभी कॉलेजों और हाई स्कूलों को मुफ्त वाई-फाई सुविधा से लैश किया जा रहा है लेकिन छात्र इसका उपयोग साकारात्मक काम के लिए करें न कि फिल्मों को डाउनलोड करने में। उन्होंने छात्रों से अपील किया कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए बिहार के सभी अंगीभूत कॉलेजों में मुफ्त वाई- फाई की सुविधा देने जा रही है ताकि इंटरनेट के युग में छात्र इसका भरपूर फायदा उठा सकें।
15 दिसंबर से होगा निश्चय यात्रा का चौथा चरण
तीसरे चरण की निश्चय यात्रा समाप्त कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार की शाम पटना वापस लौट चुके हैं. तीसरे चरण के निश्चय यात्रा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के चार जिले अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार में सरकारी योजनाओं और सरकार के सात निश्चय कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा की।
निश्चय यात्रा का चौथा चरण 15 दिसंबर से शुरू होगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार निश्चय यात्रा के चौथे चरण में सुपौल, मधेपुरा और सहरसा जिले का दौरा करेंगे। विदित हो कि मुख्यमंत्री 9 नवंबर से निश्चय यात्रा पर निकले थे. पहले चरण में मुख्यमंत्री ने बिहार के पांच जिले, दूसरे चरण में तीन जिले और तीसरे चरण में चार जिले का दौरा कर चुके हैं।

इस खुशखबरी से ग्रामीण क्षेत्रो के लोगों में ख़ुशी की लहर दौड़ रही है

बिहार के इस शहर को स्मार्ट सिटी बनाने का पूरा खाका हुआ तैयार, जल्द शुरू होगा काम

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बिहार के भागलपुर को मोदी सरकार के स्मार्ट सिटी बनाने के योजना में शामिल होने के बाद अब जल्द ही इसे जमीन पर उतारने के लिए काम शुरू होगा। स्मार्ट सिटी के लिए स्पेशल पर्पस व्हीकल (एसपीवी) को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब इसकी अगली प्रक्रिया तो जल्द शुरू हो जाएगी। जो कार्ययोजना बनी है, उसके अनुसार पहले एक-दो साल में ई-गवर्नेंस, पार्क और ओपन एरिया विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
वहीं, इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल और इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट जैसी सुविधाएं 2020 तक ही पूरी हो पाएंगी। एसपीवी की पहली बैठक इसी महीने होगी, लेकिन काम शुरू होने में 6 माह का वक्त लग सकता है।

स्मार्ट सिटी में दो स्तर पर काम होगा। पहला है एरिया बेस्ट डेपलपमेंट…। इसे कोर एरिया का नाम दिया गया है। इसके तहत एनएच-80 से गंगा किनारे तक के इलाके को रखा गया है। कोर एरिया में वार्ड-18 से 23 तक के क्षेत्र शामिल किए गए हैं। दूसरा है पैन सिटी प्रोजेक्ट…। इसके तहत जो योजनाएं हैं, उन्हें पूरे शहर में क्रियान्वयित किया जाएगा।

 

कौन सा प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा
वाईफाई की सुविधा 2017 तक
पार्क, ग्रीन एरिया डेवलपमेंट मार्च 2018 तक
रिवर फ्रंट डेवलपमेंट सितंबर 2018 तक
शिक्षा एवं स्वास्थ्य के संसाधनों का विकास मार्च 2020 तक
अंडर ग्राउंड सीवेज और नाला सितंबर 2020 तक
अंडर ग्राउंड सीवेज और नाला सितंबर 2020 तक
मार्केट डेवलपमेंट सितंबर 2020 तक
(ये एरिया बेस्ड डेवलपमेंट में अतिरिक्त काम हैं)
स्मार्ट क्लीनिंग 2018 तक
धरोहर संवरेगा, म्यूजियम बनेगा सितंबर 2018 तक
इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सितंबर 2020 तक
इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सितंबर 2020 तक
कमांड एंड कंट्रोल सेन्टर मार्च 2021 तक
(उक्त अवधि डीपीआर में तय किए गए लक्ष्य के अनुसार)

एरिया बेस्ड डेवलपमेंट में अतिरिक्त काम

अंडर ग्राउंड बिजली आपूर्ति: कोर एरिया में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए ग्रिड को अपग्रेड किया जाएगा और बिजली तारों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। इस एरिया में कहीं भी बिजली के तार पोल पर नहीं होंगे।
मार्केट डेवलपमेंट: कोर एरिया में अधिकांश बाजार क्षेत्र के इलाके हैं। इस इलाके में पीपीपी मोड पर बिजनेस सेन्टर भी विकसित किए जाएंगे। म्यूनिसिपल मार्केट का भी फिर से विकास किया जाएगा।
वाईफाई की सुविधा: एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के तहत चिह्नित इलाकों में तय अवधि तक नि:शुल्क वाईफाई की सुविधा भी मिलेगी। यह भी शहर को स्मार्ट बनाने की ओर एक अच्छा कदम साबित होगा
शिक्षा एवं स्वास्थ्य के संसाधनों का विकास: ई-हेल्थ सिस्टम के साथ एक मल्टीस्पेशिएलिटी हॉस्पिटल बनना है। एक डिजिटल लाइब्रेरी, ई-लर्निंग फैसेलिटी के साथ 10 पब्लिक स्कूल बनना है।
इंटेलीजेंट डायनामिक ट्रैफिक मैनेजमेंट: यातायात को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए ट्रैफिक कंट्रोल रूम बनेगा। ट्रैफिक सिग्नल, सीसीटीवी कैमरे, ई-चलान सिस्टम, पार्किंग और ट्रैफिक सेंसर भी लगेंगे।
कमांड एंड कंट्रोल सेन्टर: कमांड एंड कंट्रोल सेन्टर के नाम से एक जगह नियंत्रण कक्ष बनेगा, जिसमें वीडियो सर्विलांस की सुविधा होगी। अग्निकांड, विधि व्यवस्था भंग होने या दुर्घटना होने पर अलार्म सिस्टम काम करेगा।
स्मार्ट क्लीनिंग: पूरे शहर में आधुनिक संसाधनों के साथ सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित होगी। आधुनिक संसाधनों की खरीद और नालों का निर्माण भी इसमें शामिल है। शहर में सफाई का मुद्दा हमेशा अहम रहा है।
इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट: इसके तहत रोड और यातायात संसाधन विकसित किए जाएंगे। वन-वे ट्रैफिक सिस्टम होगा। स्मार्ट बस स्टैंड, स्मार्ट पार्किंग, फुटपाथ, स्ट्रीट पार्किंग की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
धरोहर संवरेगा, म्यूजियम बनेगा: बूढ़ानाथ मंदिर, जैन मंदिर, चंपानगर मंदिर, टिल्हा कोठी, शाहजंगी पहाड़ आदि धरोहरों का जीर्णोद्धार, विक्रमशिला विवि, प्रमुख फसल, सिल्क उद्योग के इतिहास दिखाने के लिए म्यूजियम बनेगा।
रिवर फ्रंट डेवलपमेंट: गंगा किनारे वाले इलाके को विकसित किया जाएगा। वाटर पार्क, सिल्क, कतरनी और जर्दालू आम के प्रमोशनल हाट बनेंगे। गंगा घाटों पर सीढ़ियां बनेंगी। पार्क का रूप दिया जाएगा और इवेंट सेन्टर भी होंगे।
पार्क, ग्रीन एरिया डेवलपमेंट: लाजपत पार्क, सैंडिस कंपाउंड के जयप्रकाश उद्यान को विकसित किया जाएगा। फूड कोर्ट और फूड पार्क भी बनाए जाएंगे। लाजपत और सैंडिस दोनों ही शहर के प्रमुख स्थानों में से एक हैं।
अंडर ग्राउंड सीवेज और नाला: कोर एरिया में सीवेज और नाले 100 प्रतिशत अंडर ग्राउंड बनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि पॉलीथिन व इधर-उधर के मलबे से नाला जाम होने की समस्या ही न रहे।
अगर योजना पर ठीक से काम हुआ तो सिल्क सिटी के नाम से पूरी दुनिया में मसहूर भागलपुर बिहार का पहला स्मार्ट सिटी बन के उभरेगा।

इस तरह राजधानी पटना बनेगा स्मार्ट सिटी, पहला खाका हुआ तैयार

पटना: बिहार की राजधानी पटना केंद्र सरकार के स्मार्ट सिटी के लिस्ट में शामिल नहीं है मगर पटना को स्मार्ट बनाने के लिए पटना नगर निगम ने अपनी कबायद शुरू कर दी है।

नगर निगम ने स्मार्ट पटना का पहला खाका शनिवार को पेश किया। स्मार्ट सिटी कैंपेन में प्रोजेक्ट तैयार कर रही कंपनी ने पूरे पटना और क्षेत्र विशेष के विकास का अलग-अलग प्रेजेंटेशन स्टेकहोल्डर्स को दिखाया। कैंपेन के तहत अगले दो माह आम लोगों-विशेषज्ञों से सुझाव लिए जाएंगे। एरिया बेस्ड डेवलपमेंट प्रोग्राम में 500 एकड़ की योजनाएं ली जानी हैं। यहां का विकास रेट्रोफिटिंग के जरिए किया जाना है। इसके लिए दो इलाके चुने गए हैं।

– पहला इलाका गांधी मैदान के आसपास का इलाका, जिसमें गोलघर, सिन्हा लाइब्रेरी, लोदीपुर, दुजरा आदि शामिल हैं।
– यहां सरकारी और निजी भवनों का रेट्रोफिटिंग किया जाएगा। दूसरा इलाका कंकड़बाग है, जिसमें पीसी कॉलोनी, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी शामिल है।
– यह आवासीय इलाका है। स्मार्ट सिटी योजना में करीब 50 एकड़ की भूमि को रि-डेवलप किया जा सकता है।
– इसके लिए 63.4 एकड़ में फैले गर्दनीबाग और 53.4 एकड़ में फैले पाटलिपुत्र इंडस्ट्रियल एरिया का प्रस्ताव दिया गया है।
– गंगा दियारा को ग्रीन फील्ड के रूप में विकसित किया जा सकता है। पैन सिटी यानी पूरे शहर के लिए पांच प्रमुख योजनाओं का सुझाव है।
– इसमें जलापूर्ति, बिजली आपूर्ति, स्टॉर्म वाटर मैनेजमेंट, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और म्युनिसिपैलिटी गवर्नेंस मैनेजमेंट शामिल हैं।
– ट्रैफिक एसपी पीके दास ने ई-चालान व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया।
– एम्स, पटना के अधीक्षक डॉ. उमेश कुमार भदानी ने रैपिड ट्रांजिट सिस्टम लागू करने और एम्स के आसपास के इलाके को एरिया बेस्ड डेवलपमेंट प्लान में शामिल करने का सुझाव दिया।
– दीघा विधायक संजीव चौरसिया ने राजधानी की जलनिकासी की समस्या के समाधान के लिए नए सिरे से प्रयास करने का सुझाव दिया।
– बीआईए के रामलाल खेतान ने उद्योगों के लिए अलग व्यवस्था करने की बात कही। शुरुआत में नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद ने कैंपेन का खाका प्रस्तुत किया।

 

सहयोग-सुझाव से स्मार्ट बनेगा पटना

– स्मार्ट सिटी कैंपेन की शुरुआत के मौके पर नगर विकास मंत्री महेश्वर हजारी ने कहा कि सबके सहयोग और सुझाव से पटना स्मार्ट सिटी बनेगा।
– विजन और काम करने के तरीके में बदलाव लाना होगा। केन्द्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि पटना का विकास अनियोजित हुआ है।
– पेयजल, जलनिकासी व ट्रैफिक बड़ी समस्या है। इसे प्रोजेक्ट में शामिल करना चाहिए।

 

हाल ही में आए एक सर्वेक्षण में पटना को सबसे गंदा राजधानी कहा गया है।  इसके बाद पटना नगर निगम की नींद टूटी है।  पटना बिहार के राजधानी के साथ बिहार का सबसे बडा शहर है और साथ ही बिहार का गौरव है।  पटना को स्मार्ट बनाने के लिए इमानदार प्रयास जरूरी है।

बिहार के इन दो शहरों के स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल होने का रास्ता साफ हो गया है

भागलपुर के बाद बिहारशरीफऔर मुजफ्फरपुर के स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल होने का रास्ता भी साफ हो गया है।  मंगलवार को मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह की अध्यक्षता में गठित हाई पावर कमेटी ने दोनों शहरों के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी। 

 

इस प्रस्ताव को 30 जून तक केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को भेज दिया जाएगा। शहरी विकास मंत्रालय द्वारा पहली सूची की मंजूरी के बाद केंद्र ने मुजफ्फरपुर और बिहारशरीफ के लिए संशोधित प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया था।

 

गौरतलब है कि दुसरे सूची में बिहार के भागलपुर को पहले ही स्मार्ट सिटी  के दौर में शामिल किया जा चुका है।

 

राज्य में मुजफ्फरपुर, भागलपुर व बिहारशरीफ को स्मार्ट सिटी के रूप में चयन किया गया है. सौ शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से प्रस्ताव मांगा था. इसमें बिहार के तीन शहर मुजफ्फरपुर, भागलपुर व बिहारशरीफ का चयन किया गया है. तीनों शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए अलग-अलग एजेंसियों को प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेवारी सौंपी गयी थी.

नागरिक सुविधाओं का होगा विकास :

-स्मार्ट शहर बनाने के लिए शहर की नागरिक सुविधाओं का विकास किया जाना है.

इसमें सभी नागरिकों के लिए

-पर्याप्त जलापूर्ति

-सुनिश्चित विद्युत आपूर्ति

-ठोस कचरा प्रबंधन

-शहरी गतिशीलता के लिए सार्वजनिक परिवहन की सुदृढ़ व्यवस्था

-गरीबों के लिए किफायती आवास की सुविधा

-आइटी कनेक्टिविटी व डिजिटेलाइजेशन

-इ-गवर्नेंस व नागरिक भागीदारी, महिलाओं, बच्चों व वृद्ध नागरिकों की सुरक्षा के अलावा स्वास्थ्य व शिक्षा का व्यस्था की जानी है.

स्मार्ट शहर में किसी तरह की नागरिक सुविधाओं की कमी नहीं होगी और सभी तरह की सेवाओं के लिए आइटी के उपयोग की सुविधा दी जायेगी.

खुशखबरी : मोदी सरकार ने बिहार को दिया फिर एक तोहफा !

स्मार्ट सीटी के पहली लिस्ट में बिहार के एक भी शहर का नाम नहीं था।  मगर कल जारी हुए 13 शहरों के दुसरे लिस्ट में एक नाम बिहार के शहर का भी है।  

भागलपुर स्मार्ट सिटी

भागलपुर स्मार्ट सिटी

 

सिल्क सिटी भागलपुर बनेगा बिहार का पहला स्मार्ट सिटी।  केंद्र सरकार ने मंगलवार को लखनऊ, भागलपुर, रांची, इंफाल तथा वारंगल सहित 13 और शहरों को स्मार्ट सिटी के रुप में विकसित करने की घोषणा की।

 

सभी शहरों का चयन फास्ट ट्रैक कंपटीशन के आधार पर किया गया है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने फास्ट ट्रैक स्मार्ट सिटी के लिए चुने जाने वालों शहरों की घोषणा की।

गौर हो कि केंद्र सरकार ने देश के 100 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा किया था। इस योजना के तहत दूसरे चरण में 23 शहरों की दावेदारी में से 13 के नामों का ऐलान कर दिया गया। अगले दो सालों में इस योजना के तहत 40-40 शहरों का चयन रैंकिंग के आधार पर होगा। फास्ट ट्रैक कंपटीशन के जरिए सभी शहरों को अपनी रैकिंग सुधारने का मौका दिया जा रहा है।

 

13 शहरों की सूची इस प्रकार है:
1- लखनऊ, 2- वारंगल, 3- धर्मशाला, 4- चंडीगढ़, 5- रायपुर, 6- न्यू टाउन कोलकाता, 7- भागलपुर, 8- पणजी, 9- पोर्ट ब्लेयर, 10- इंफाल, 11- रांची, 12- अगरतला, 13- फरीदाबाद