खुशखबरी: cm का बड़ा एलान, अब बिहार के छात्र बाहर पढ़ने नही जायेंगे!

छात्रों के लिए खुशखबरी हर जिला में होगा पॉलिटेक्निक कॉलेज।

बिहार के मुखिया श्री नीतीश कुमार जी अपने सात निश्चयों को पूरी करने के लिए बिहार के अलग-अलग जिलों के दौरे पर निश्चय यात्रा के रूप में निकले हुए हैं। ईस निश्चय यात्रा के दौरान बिहार के छात्रों के आवश्यकताओं को हर हाल में सुविधायें देने को लेकर प्रतिबद्धता को दुहराया नवादा, जहानाबाद और अरवल की निश्चय के दौरान उन्होंने बड़ी बात कह दी।

सीएम ने कहा कि, उनका योजना बिहार के हर जिले में एक पाॅलिटेक्निक काॅलेज खोलने का था लेकिन युवाओं को रोजगार देने की बात है इसके लिए हर जिले में एक-एक इंजीनियरिंग काॅलेज खोलने का निर्णय हुआ है और इन सभी इंजीनियरिंग काॅलेजों को समय से पहले निर्माण कर लिया जाएगा साथ ही कहा कि सात निश्चय के अंतर्गत जितने भी संस्थान खोला गया है उसके लिए भूमी को उपलब्ध कराया जा चूका है।

इससे पहले भी कई बार cm नीतीश कुमार बिहार में शिक्षण संस्थान की घोर कमी को लेकर अपनी चिंता जता चुके है, और हमेशा नए संस्थान खोलने के लिए प्रयासरत है इसके लिए बिहार में ITI के अलावे Medical और अभियंत्रण कॉलेज के अलावे युवाओं को रोजगार के लिए प्रशिक्षण करने के लिए कौशल बनाने के लिए भी ट्रेनिंग दिया जा रहा है।

फरवरी 2017 तक, बिहार के सारे collage और university में मिलेगें फ्री WIFI, अश्लील साइट्स रहेंगे ब्लॉक

नितीश सरकार की घोषणा के मुताबित फ़रवरी 2017 में होगा बिहार के सारे कॉलेज और विश्वविद्यालय पूरी तरह से wifi से लैस.

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लेकिन ईस फ्री wifi के लिए कुछ सर्तें भी लगाई जा रही है. मकसद यही है की छात्र फ्री wifi का प्रयोग अच्छे कामों के लिए ही करें 

इस वाई-फाई में पोर्न यानी अश्लील कंटेंट वाली वेबसाइट को पूरी तरह ब्लॉक कर देगी। यही नहीं, पोर्न साइट्स के अलावा वैसी कोई भी वेबसाइट इस वाई-फाई जोन में ब्लॉक रहेगी जिसका शिक्षा या जानकारी से कोई लेना-देना नहीं है। इसके अलावा कैंपस में वाई-फाई इस्तेमाल करने पर डेटा लिमिट की भी व्यवस्था की जा रही है। इन सब मुद्दों को लेकर बेलट्रॉन अपना काम भी शुरू कर चुकी है। बेलट्रॉन के मुताबिक बिहार के 300 कॉलेजों और 9 विश्वविद्यालयों में फ्री वाई-वाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। 9 दिसंबर को पूर्णिया की अपनी निश्चय यात्रा में सीएम नीतीश ने कहा था कि फरवरी 2017 तक सूबे के कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में फ्री वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगा.

पैसे माँग-माँग कर खोल दिया 3 कॉलेज अब यूनिवर्सिटी खोलने की ठानी

अक्षर की पहचान मात्र रखने वाले एक संत ने शिक्षा की अलख जगाई है। अब तक दो इंटर और एक डिग्री कॉलेज की स्थापना करा चुके हैं। अब यूनिवर्सिटी खोलने के लिए प्रयासरत हैं। यह जज्बा,जुनून और समर्पण सारण के सराय बक्स में एक मठ में रह रहे संत श्रीधर दास का है। वे संत देवराहा बाबा के शिष्य हैं।


जहां 10वीं के बाद छूट जाती थी पढ़ाई,वहां अब लड़कियां भी कर रही ग्रैजुएशन…

  • श्रीधर दास करीब 35 वर्षों तक साधना में रहे। 1978 में अपने गांव दिघवारा हराजी लौटे। फिर समाज के लिए कुछ करने की इच्छा लेकर गड़खा आ गए।
  • बचपन में उनका नाम शिवपूजन राय था। जब वे गृहत्याग के बाद देवराहा बाबा से मिले थे तो उनकी उम्र 17 साल थी। देवराहा बाबा ने ही उन्हें श्रीधर दास का नाम दिया था।
  • गड़खा आने के बाद वे गांव-गांव घूमे और कॉलेज के लिए सहयोग मांगा। एक एक रुपया जमाकर 1984 में कदना,गड़खा में देवरहवा बाबा श्रीधर दास इंटर कॉलेज की नींव रखी।
  • कॉलेज में पढ़ाई शुरू हुई। इसके बाद श्रीधर दास ने 1988 में भेल्दी में इसी नाम से कॉलेज खोला। फिर भिक्षाटन शुरू किया और रामपुर में 10 एकड़ जमीन खरीद डिग्री कॉलेज का अलग भवन बनवाया।
  • गड़खा और भेल्दी जिला मुख्यालय से 15-25 किमी.दूर है। पहले यहां एक भी कॉलेज नहीं था। लड़के 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ देते थे। लेकिन कॉलेज खुलने के बाद लड़कियां भी स्नातक तक पढ़ाई कर रही हैं।
संत श्रीधर दास

संत श्रीधर दास

दूसरी के बाद नहीं पढ़ पाए हमेशा इसकी टीस रही
श्रीधर दास जब दूसरी कक्षा में थे तो स्कूल के शिक्षक की प्रताड़ना से तंग आकर पढ़ाई छोड़ दी। पढ़ाई छूटने की टीस हमेशा सालती रही।

मन में ठानी कि जीवन में ऐसा जरूर करेंगे कि हजारों लोग पढ़-लिख सकें। उनका बचपन का नाम शिवपूजन था।

किशोरावस्था में उन्होंने धन कमाने की लालसा में घर छोड़ा था,पर किस्मत ने देवराहा बाबा तक पहुंचा दिया।