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खुशखबरी : नए वर्ष में बिहार क्रिकेट को मिलेगा तोहफा, बीसीसीआई देगी बिहार क्रिकेट को मान्यता

आने वाला नया वर्ष बिहार के क्रिकेटरों के लिए बीसीसीआई तोहफा दे सकती है. 9 जनवरी को बीसीसीआई ओर बीसीए के अधिकारीयों के साथ पटना में बैठक है. इस बैठक में बीसीए के पूर्ण मान्यता की मांग रखी जाएगी.

नौ जनवरी को बीसीसीआइ, बिहार के क्रिकेट संघ और बिहार सरकार के उच्च अधिकारी पटना में बैठक करेंगे। इसमें बीसीसीआइ से बिहार को पूर्ण मान्यता देने की मांग रखी जाएगी।  कला, संस्कृति, युवा व खेल मामलों के मंत्री शिवचंद्र राम के कार्यालय में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। शिवचंद्र राम ने कहा कि बिहार में क्रिकेट की शुरूआत फिर से करने के लिए उनका मंत्रालय गंभीर है। उन्होंने बिहार क्रिकेट संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अब्दुल बारी सिद्दीकी और सचिव रविशंकर प्रसाद सिंह से फोन पर बात की और उनसे नौ जनवरी को होने वाली बैठक में मौजूद रहने का आग्रह किया।  मंत्री ने कहा कि वे क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार के सचिव आदित्य वर्मा से भी बात करेंगे। मिलजुल कर बिहार में क्रिकेट को फिर से नए सिरे से शुरु करने की पहल करेंगे।  एडहॉक कमेटी के सदस्य केवीपी राव ने बताया कि नौ जनवरी को होने वाली बैठक में बीसीसीआइ के जनरल मैनजर रत्नाकर शेट्टी भी मौजूद रहेंगे।  बिहार क्रिकेट के लिए की जा रही तैयारियां, एक नजर…  बीसीसीआइ के एसोसिएट सदस्यों के बीच होने वाले क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए बिहार के क्रिकेटरों का चयन एडहॉक कमेटी के सदस्य बिहार सरकार की मदद से करेंगे। अंडर 16 टूर्नामेंट के लिए अंडर 17 सीके नायडू क्रिकेट टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले 20 क्रिकेटरों के अलावा अन्य 30 खिलाड़ियों को चुना जाएगा। इसी तरह अंडर 19 टूर्नामेंट के लिए वीनू मांकड क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए चुने जाने वाले 20 खिलाड़ियों के अलावा 30 अन्य खिलाड़ियों को चुना जाएगा। चयन में शामिल होने के लिए खिलाड़ियों को विज्ञापन के माध्यम से सूचित किया जाएगा। इसके बाद एडहॉक कमेटी मोइनुल हक स्टेडियम में अंडर 16 के 50 और अंडर 19 के 50 क्रिकेटरों का ट्रायल करेगी। ट्रायल के बाद दोनों वर्गों से अंतिम 20 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा, जो एसोसिएट क्रिकेट टूर्नामेंट में बिहार टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे मान्यता के लिए लोढ़ा समिति से आग्रह  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से मान्यता हासिल करने के लिए लड़ रहे क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार (सीएबी) ने न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) आरएम लोढ़ा की समिति के समक्ष अपना पक्ष रखा था।  सीएबी के सचिव आदित्य वर्मा ने बताया, ‘‘लोढ़ा समिति अगले साल चार जनवरी को पेश करने वाली अपनी रिपोर्ट में बीसीसीआइ के संविधान और उसकी कार्यप्रणाली में कई बदलाव के सुझाव दे सकती है। इसलिए मैंने समिति को लिखकर सीएबी को मान्यता प्रदान करने का मामला उठाया है।’’उन्होंने कहा कि मेरी बस यही तमन्ना है कि बिहार में किसी भी हाल में क्रिकेट शुरूआत हो जाए।

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