नीतीश कुमार ने किया ऐलान नियोजित शिक्षकों को भी मिलेगा 7वाँ वेतन का लाभ।

बिहार के मुखिया नीतीश कुमार ने कहा कि, नियोजित शिक्षकों को भी सातवें वेतन का लाभ दिया जाएगा। कोई अज्ञात ने यह भ्रम फैला दिया है कि नियोजित शिक्षकों को सातवें वेतन का लाभ नहीं दिया जायेगा। हम नियोजित शिक्षकों की अनदेखी नहीं करेंगे।हमने पहले चार लाख शिक्षकों को बहाल कर मानदेय दिया। फिर मानदेय की जगह उन्हें वेतनमान दिया। इसी तरह सातवें वेतन आयोग की सिफारिश के आधार पर भी नियोजित शिक्षकों को वेतन वृद्धि का लाभ देंगे।

4 साल में 7 निश्चय कार्यक्रम लागू कर देंगे…

  • निश्चय यात्रा के दौरान शुक्रवार को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित चेतना सभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ अच्छा काम करेंगे तो विरोधी अफवाह फैलाते हैं।
  • शराबबंदी का फैसला किया तो कितनी तरह की बातें की जाती थीं। तालिबानी कानून से लेकर क्या-क्या नहीं कहा गया? लेकिन हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। हमने पूरी तैयारी से इसे लागू किया।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है और आगे भी रहेगी। पीछे हटने का सवाल ही नहीं है। शराबबंदी से सरकारी खजाने को नुकसान तो हुआ है पर बिहारवासियों को भारी लाभ मिला है।
  • अपराध का ग्राफ काफी नीचे गया है। हत्या में 23 फीसदी, सड़क दुर्घटना में 21, डकैती में 25, भीषण दंगा में 40 और फिरौती के लिए अपहरण जैसे संज्ञेय वारदातों में 56 फीसदी गिरावट आई है।
  • मुख्यमंत्री ने सूजा पंचायत में सात निश्चय के तहत हो रहे काम को देखा। लोगों से कहा कि चार साल के अंदर पूरे बिहार में सात निश्चय कार्यक्रम को लागू कर देंगे।
  • साथ ही कहा कि एकजुटता से ही खुले में शौच से मुक्ति संभव है। लोगों को हर घर शौचालय योजना का लाभ उठाना चाहिए।
3.50 लाख नियोजित शिक्षक हैं पूरे राज्य में
  • 01 जुलाई, 2015 से नियोजित शिक्षकों को वेतनमान मिल रहा है। इसका लाभ नियोजन तिथि के दो साल पूरा होने के बाद ही मिलता है।
  • 5200 से 20200 रुपए पे बैंड तय किया गया है कक्षा एक से 12 तक के शिक्षकों का।
  • 2000 रुपए ग्रेड पे है कक्षा एक से 5 तक के शिक्षक का।
  • 2400 ग्रेड पे तय है कक्षा 6 से 10 तक के शिक्षक का
  • 2800 रुपए ग्रेड पे निर्धारित है कक्षा 11 व 12 के शिक्षक का।

अनट्रेंड टीचरों को अभी मिल रहे 12 से 14 हजार
वर्तमान में अनट्रेंड टीचरों को 12 से 14 हजार, प्रशिक्षितों को 17 से 21 हजार तक मिल रहे हैं।  कक्षा एक से 5 तक के ट्रेंड शिक्षकों को हर माह 18324रु.,6 से 10 वालों को 19444 व 11 व 12 के शिक्षकों को 20700 रुपए मिलते हैं।

18 हजार सालाना वृद्धि सातवें वेतनमान का लाभ मिलने पर
  •  पे बैंड व ग्रेड पे में 18 फीसदी वृद्धि होने पर शिक्षकों को हर माह 1000 रुपए से 1500 रुपए का लाभ मिलेगा। यानी हर साल 12 से 18 हजार रुपए मिलेंगे।
  • 430 से 630 करोड़ रुपए का सालाना अतिरिक्त भार पड़ेगा सरकारी खजाने पर।

हर पंचायत में हो बैंक शाखा, तभी होंगे डिजिटल:सीएम ने कहा कि केंद्र कैशलेस इकोनॉमी की बात करता है। यह तभी सफल होगा जब हर पंचायत में कम से कम एक बैंक हों। तभी डिजिटल भुगतान संभव है। पंचायत स्तर पर पर्याप्त संख्या में बैंक की शाखाएं खोलने के लिए हमने बैंकों को जगह उपलब्ध करने का प्रस्ताव दिया है। बैंक प्रबंधन चाहे तो पंचायत सरकार भवन में अपनी शाखा खोल सकता है।

दर्जी का काम कर बेटी को पढाया, बेटी बनी बिहार टॉपर…

 जब टूटने लगे हौसले तो बस ये याद रखना,
बिना मेहनत के हासिल तख्तो ताज नहीं होते,
ढूँढ़ ही लेते है अंधेरों में मंजिल अपनी,
जुगनू कभी रौशनी के मोहताज़ नहीं होते…..!

इस पंक्ति को सच कर दिखाया है बिहार के सहरसा जिले की एक बेटी ने। दुनिया को बता दिया की जैसे जूगनू को अंधरों में अपनी मंजिल खोजने के लिए लिए रौशनी की जरूरत नहीं होती उसी तरह काबलियत किसी संसाधन का मोहताज नहीं होता।

 

सहरसा जिले के बख्तियारपुर बस्ती निवासी मो रब्बा की बेटी तैयब्बा प्रवीण ने इंटर कला की परीक्षा में सूबे में चौथा स्थान लाकर सहरसा जिला ही नहीं बल्कि पूरे कोसी का मान बढ़ाया है.

दर्जी का काम करने वाले पिता और  मां को भी एक बेटी पर गर्व करने का ऐसा अवसर दे दिया है जिसे जानकर लाखों वैसे युवा प्रेरणा ले सकते हैं जो अपनी विपरीत परिस्थियों को कोस कर संघर्ष पथ पर बिना मंजिल तय किए ही हार मान लेते हैं.

 

पिता दिल्ली में दर्जी का काम करते हैं तो मां सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडलीय अस्पताल में आशा कार्यकर्ता है. साधारण परिवार में बढ़ी और पढ़ी प्रवीण ने बता दिया आँखों में सपना हो,  उसे पाने की चाहत हो और उसके लिए जुनून हो तो सफलता आपकी कदम चूमेगी।

 

 

बचपन से मेधावी रही तैयब्बा प्रवीण ने वर्ग 8 तक की पढाई गांव के ही मध्य विद्यालय फकीरटोला से किया. उसके बाद प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय सिमरी बख्यितारपुर से मैट्रिक की परीक्षा प्रथम श्रेणी से पास कर इंटर की परीक्षा डीसी कॉलेज सिमरी बख्तियारपुर (रोल नम्बर 30375) से दी और 398 अंकों का बेहतरीन अंक प्राप्त कर राज्य में चौथा स्थान हासिल किया है।

 

बेटी के इस सफलता से पिता को अपनी बेटी पर गर्व है।  माँ के खुशी का अंदाजा नहीं, वह इतनी खुश है कि रिजल्ट सुनते ही अपनी बेटी को अपने गले से लगा ली।  आस पास के लोग भी उसके इस सफलता पर गर्व कर रहे है।  लोग आब बात कर रहें है कि बेटी भी बेटा से कम नहीं।  चारों तरफ से प्रवीन को इस सफलता के लिए बधाई मिल रही है।

 

प्रवीन इस सफलता से अभी संतुष्ठ नहीं उसे तो और दूर तक का सफर तय करना है। प्रवीण की इच्छा आगे की पढाई कर आइएएस बनने की है. कहती है कि देखना में एक दिन आईएएस बनकर अपने राज्य का नाम रौशन जरूर करूंगी.

 

पाना है जो मुकाम वो अभी बाकि है,

अभी तो आये है जमी पर ,आसमां की उड़न अभी बाकि है…

अभी तो सुना है सिर्फ लोगो ने मेरा नाम,

अभी इस नाम की पहचान बनाना बाकि है। ?

 

 

 

 

Photo via – DBN

नीतीश निश्चय : चार साल में बिहार के हर घर को नल से पेयजल आपूर्ति!!

पटना: नीतीश कुमार ने चुनाव के दौरान जो बिहार के जनता से वादा किया था, उस पे वह धिरे-धिरे आगे वह बढ़ रहे है।  नीतीश कुमार के सात निश्चयों पर बिहार सरकार अपना काम कर रही है।  

अब अगले चार सालों में सभी बसावटों में नल से पेयजल आपूर्ति और पक्की नली- गली का काम पूरा कर लिया जायेगा.

मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना  के तहत कुल  83600 बसावटों में पीने की पानी उपलब्ध कराया जायेगा. इसको लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को संवाद में पंचायती राज और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक किया है.

बैठक के बाद ग्रामीण विकास विभाग के सचिव  अरविंद चौधरी ने बोला कि हर घर नल का पानी, सभी घर तक पक्की गली, नालियां और शौचालय निर्माण-घर का सम्मान पर विस्तार से चर्चा की गयी.  बैठक में हर घर नल का जल, घर तक पक्की गली व नाली के लिए पंचायती राज विभाग और शौचालय निर्माण योजना पर पीएचइडी ने  प्रेजेंटेशन दिया. यह निर्णय लिया गया कि आर्सेनिक और फ्लोराइड ग्रस्त 21300 बसावटों में ग्रामीण पेयजल  की योजना का काम पीएचइडी करेगा. इस विभाग की ओर की जा रही 1077 पेयजल योजनाओं से कवर लगभग 5385 बसावटों को छोड़ कर बाकी 83600 बसावटों से संबंधित वार्डों में  मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना शुरू की जायेगी.

 

अरविंद ने बताया कि,  मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि सभी योजनाओं को हर हाल में चार साल में पूरा कर लिया जाये. वार्डों की प्राथमिकता निर्धारित कर क्रमवार नली-गली और पेयजल का काम पूरा किया जायेगा. इसकी ऐसी योजना बनेगी कि एक साथ सभी पंचायतों में योजना शुरू होगी और चार साल में सभी पंचायतों में इसे पूरा कर लिया जायेगा. मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास विभाग और पीएचइडी को इस संबंध में कार्ययोजना तैयार कर जल्द पेश करने का निर्देश दिया.

बैठक के बाद ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि योजनाओं के आरंभ में एससी, एसटी और पिछड़ा वर्ग के वार्डों को तरजीह दी जायेगी. उन्होंने कहा कि पूरे देश में शौचालय बनाने की जिम्मेवारी ग्रामीण विकास विभाग वहन करता है, बिहार में भी यह काम अब यही विभाग करेगा।

 

बैठक में मुख्यमंत्री के अलावा ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, पीएचइडी मंत्री कृष्णनंदन वर्मा, पंचायती राज मंत्री कपिलदेव कामत, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, विकास आयुक्त शिशिर सिन्हा, वित्त विभाग के प्रधान सचिव रवि मित्तल, पीएचइडी की प्रधान सचिव अंशुली आर्या, मुख्यमंत्री के सचिव चंचल कुमार, अतीश चंद्रा व मनीष कुमार वर्मा, ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव बालामुरूगन डी, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, निदेशक पंचायती राज कुलदीप नारायण सहित संबंधित विभाग के पदाधिकारी भी मौजूद थे.