नीतीश राज में बेखौफ हुए अपराधी !!!

पटना: बिहार हुए दो सामूहिक रेप की घटनाओं ने सबको हिला के रख दिया है। सरकार के लाख आश्वासनों और भरोसा के बाद भी बिहार में लगातार अपराध के ग्राफ बढ रहे हैं।  तो यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या नीतीश राज में अपराधियों को पुलिस का खौफ नहीं है?? 

 

बिहार में यौन उत्पीड़न से जुड़ी दो वारदाते सामने आई हैं जिसमें एक 10 साल की लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार का मामला भी शामिल है। इन दोनों हादसों से बिहार के लोगों में काफी आक्रोश है

मोतीहारी के पास एक गांव में छोटी बच्ची के साथ कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार हुआ है। बीती रात बच्ची की सर्जरी हुई है और फिलहाल उसकी हालत स्थिर है। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है – प्रमोद साहनी और कमल साहनी।

भाई ने आरोप लगाया कि उनके परिवार पर केस वापिस लेने के लिए दबाव डाला जा रहा है। वह कहते हैं ‘हम गरीब लोग हैं। उन्होंने कहा कि अगर हम केस वापिस नहीं लेंगे तो वो हमें शूट कर देंगे।’

वही मोतिहारी से ही एक और दिल दहला देने वाली खबर आ रही है। बिहार के मोतिहारी के रामगढ़वा थाना इलाके में 15 जून को 21 साल की युवती के साथ गैंगरेप और प्राइवेट पार्ट में पिस्टल डालने का संगीन मामला सामने आया है।

 

घटना मोतिहारी जिले के रक्सौल अनुमंडल के रामगढ़वा थाना इलाके की है। गांव के समीउल्लाह ने कुछ दिन पहले उसके साथ रेप किया था और इसका वीडियो बना लिया था। वीडियो के नाम पर समीउल्लाह युवती को ब्लैकमेल करता था। 13 जून को समीउल्लाह ने फिर से युवती के साथ रेप की कोशिश की। इस बार लड़की ने साहस दिखाया और उसका गुप्तांग काट दिया था।

दबंगों ने गांव में घुमा-घुमाकर पीटा
15 जून को समीउल्लाह के परिवार के लोगों और गांव के अन्य दबंगों ने युवती के साथ हैवानियत का खेल खेला। बंदूक के बल पर युवती को गांव में घुमा-घुमाकर पीटा गया। युवती को बचाने आई मां को भी दबंगों ने बेरहमी से मारा।

 

मीडिया में खबर आने के बाद गुरुवार से आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही पुलिस ने समीउल्लाह को गिरफ्तार कर राहत की सांस ली है। पुलिस ने तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है और बाकी आरोपियों को पकड़ने की कोशिश कर रही है। मोतिहारी एसपी जीतेंद्र राणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि बाकी आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।

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चारो तरफ इस घटना की नींदा की जा रही है।  सोशल मिडिया पर भी लोगों ने पीडीता को न्याय दिलाने के लिए जोरदार तरीके से आवाज उठाई है।  लोग जल्द से जल्द न्याय की मांग कर रहे है।

#MatBadnamKaroBiharKo  मुहिम चलाने वाले Aapna Bihar ने भी जल्द से दोषियों को कडी सजा देने की मांग की है व् सोशल साईटों पर लोगों से बिहार के इन बेटियों को न्याय दिलाने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया है और कहा

“मोतिहारी की दो घटनाएं, आज औरंगाबाद में नौवीं की छात्रा पर मनचलों द्वारा एसिड अटैक.. भाई ये हमारा समाज को क्या हो रहा है? सरकार के साथ हमारा समाज भी सो गया है..
“हाँ हम न्याय के साथ है, बिहार के बेटियों के साथ है, बिहार के साथ है, सरकार के नहीं.. समाज से सरकार है.. समाज के लिए सरकार है”

-Aapna Bihar

 

 

बिहारी प्रतिभा को अब विश्वप्रसिद्ध पत्रिका फोर्ब्स में मिली जगह

बिहार के शरद सागर

बिहार के शरद सागर

जँहा पुरे देश की मीडिया बिहार के शिक्षा का मजाक बनाते नही थकती है वंही दुनिया की सर्वश्रेष्ठ पत्रिका’फ़ोर्ब्स’ ने दुनिया के 30 वर्ष से कम उम्र के सर्वश्रेष्ठ सामाजिक उद्यमियों की सूचि में बिहार के शरद सागर को भी शामिल किया है।

 

बिहार के लोग प्रतिभा के धनी होते हैं यह बात बिहार के शरद सागर ने साबित की है। यह पहला मौका है जब किसी बिहार के निवासी को फोर्ब्स पत्रिका में जगह मिली है। यह सूची फोर्ब्स ने 4 जनवरी को जारी की जिसके लिए पत्रिका के पास 15 हजार नाम आए थे। पत्रिका की ओर से प्रकाशित इस सूची में दुनिया के अरबपतियों, निवेशकों, हॉलीवुड अभिनेताओं, संगीतकार व अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के संस्थापक व सामाजिक कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है।

 

 

 

सिर्फ 24 वर्षीय शरद सागर अभी अमेरिका के कोलंबिया यूनिवर्सिटी से अंतर्राष्ट्रीय राजनीति व कूटनीति विषय की पढ़ाई कर रहे हैं। साथ ही शरद 2008 में स्थापित अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक संगठन डेक्सटेरिटी ग्लोबल के संस्थापक व सीईओ भी हैं।शरद मूल रूप से सिवान (बिहार) के जीरादेई निवासी हैं। इनके पिता विमलकांत प्रसाद स्टेट बैंक में कार्यरत हैं। शरद ने पटना के संत डोमिनिक से 12वीं तक पढ़ाई की। 12वीं के बाद शरद शत-प्रतिशत छात्रवृत्ति पर अमेरिका में पढ़ाई कर रहे हैं।

 

 

 

पत्रिका ने सागर के बारे में लिखा है कि इनके जीवन का लक्ष्य नेक्स्ट जेनेरेशन को अंतर्राष्ट्रीय स्तर के साथ जोड़ना है। इनकी संस्था डेक्सटेरिटी ग्लोबल, शैक्षिक प्लेटफॉर्म की एक प्रणाली है जो दक्षिण एशियाई देशों के उच्च विद्यालयों व मध्य विद्यालयों के साथ काम करती है।

 

 

 

शरद को इससे पहले साल 2013 में रॉकेफेलर फाउंडेशन ने इस शताब्दी के 100 सर्वश्रेष्ठ सामाजिक उद्यमियों की सूची में शामिल किया था। इसके अलावा मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी ने मई 2015 में अपनी उद्यमिता पाठ्यक्रम में शरद व उनके विचारों का चित्रण भी किया था।

 

शरद सागर के इस उपलब्धि ने समस्त बिहारियों को गौरवांवित किया है। जँहा बिहार से बाहर लोग बिहार के शिक्षा का मजाक उड़ाते नही थकते थे वहीं आज विश्वभर के लोग बिहारी प्रतिभा के मुरीद होते नजर आ रहे हैं।

 

शरद सागर को भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं।

 

उनके साजिश को नाकाम करो-बिहार को मत बदनाम करो

उनके साजिशों को नाकाम करो-बिहार को मत बदनाम करो।

कई दिनों से खूब हल्ला मचा रहे हैं वो, बिहार के टॉपर्स का सच्चाई बता रहे हैं वो, पर इसी बहाने हर बिहारियों का लताड़ रहे हैं वो.

फर्जीवाड़ा किस राज्य में नही हो रहा है, सच बताओ हमे कोई परहेज नही।

पर अब बात आगे जा रही है वो बिहार के हर एक प्रतिभावान विद्यार्थियों पर सवाल कर रहे हैं, वो बिहार के प्रतिभा पर संदेह कर रहे हैं।

वो उस बिहार को शिक्षा के मामले में निचा दिखा रहे हैं जिसने ना जाने देश और दुनिया के कितने विद्वान एवं गणितज्ञ दिए।

वो उस बिहार के शिक्षा का मजाक बना रहे हैं जिस बिहार के महान गणितज्ञ आर्यभट्ट ने शून्य का आविष्कार किया।

वास्तव में ये आज नया नही हो रहा है, कई दसकों से वो हमे हीन भावना से देख रहे हैं।

अब बस भी करो, ड्रामा बंद करो।

#MatBadnamKaroBiharKo

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