बिहार के सारण और बेगुसराय जिले के शिक्षकों को मिला प्रतिष्ठित राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार

बिहार से जिन दो शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए भारत सरकार ने चयनित किया है उनमें सारण के अखिलेश्वर पाठक एवं बेगूसराय के संत कुमार सहनी शामिल हैं.

केन्द्र सरकार के शिक्षा विभाग के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने शुक्रवार की रात करीब नौ बजे अपने वेबसाइट पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों की सूची डालकर इसे सार्वजनिक किया। इस सूची में बिहार के दो जिलों के शिक्षकों को भी जगह मिली है| बिहार से जिन दो शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए भारत सरकार ने चयनित किया है उनमें सारण के अखिलेश्वर पाठक एवं बेगूसराय के संत कुमार सहनी शामिल हैं। देशभर से 47 शिक्षकों का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2020 के लिए हुआ है। चयनित सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस पर भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के हाथों पुरस्कृत किया जाएगा।

मंत्रालय द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने वर्ष 2020 के लिए पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं का चयन करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक स्वतंत्र जूरी का गठन किया था. जारी आदेश के अनुसार, “राष्ट्रीय स्तर पर स्वतंत्र जूरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 153 शिक्षकों की सूची की समीक्षा करने के बाद सभी 36 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश चयन समितियों और 7 संगठन चयन समितियों द्वारा शॉटलिस्ट किया गया है.”

बिहार का नाम राष्ट्रीय फलक पर स्थापित करने वाले दो शिक्षकों में से एक अखिलेश्वर पाठक सारण जिले के गड़खा के मध्य विद्यालय चैनपुर भैंसवारा में हेडमास्टर हैं। वहीं दूसरे चयनित शिक्षक संत कुमार सहनी उत्क्रमित हाईसकूल खरमौली, वीरपुर, बेगूसराय में हेडमास्टर हैं। चयनित सूची में अखिलेश्वर का नाम 12वें जबकि संत सहनी का नाम 47वें क्रम पर अंकित है।

 

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