मजदूरों को अपने राज्य में ही रोजगार देने के लिए बिहार ने तीन लाख 44 हजार योजनाएं शुरू की

बिहार में स्पेशल ट्रेन से रोज हजारों मजदूर बिहार श्रमिक स्पेशल ट्रेन से लौट रहे हैं| रोजगार के लिए दूसरे राज्य में गये ये मजदूर लॉकडाउन के बाद बेरोजगार हो गयें हैं और इन्हें मजबूरन अपने गाँव लौटना पड़ रहा है| एक साथ लाखों मजदूर बिहार आ रहे हैं, इनके जीवन यापन के लिए इन्हें रोजगार देना भी एक बड़ी चुनौती है|

बिहार सरकार इन मजदूरों को अपने ही राज्य में रोजगार देने की तैयारी कर रही है| सरकार की माने तो लॉकडाउन के दौरान अब तक 12 विभागों के तीन लाख 44 हजार योजनाएं शुरू की गई हैं, जिसके तहत एक करोड़ 34 लाख कार्य दिवस का सृजन किया गया है।


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राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार ने बताया, “मनरेगा, जल-जीवन-हरियाली, नल-जल, सड़क निर्माण आदि कार्यों को शुरू कराया गया है।”

मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने बिहार लौट रहे सभी मजदूरों का स्किल सर्वे करने का निर्देश दिया है| जिसके आधार पर सभी विभाग इनके लिए रोजगार श्रृजन करेगी|

प्रवासी मजदूरों का एप से होगा स्किल सर्वे

लाखों की संख्या में बिहार लौट रहे मजदूरों को राज्य में ही रोजगार देने सरकार उनकी स्किल सर्वे कर रही है| इसके लिए सरकार ने एक विशेष एप बनाई है| सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार ने सभी जिले के डीएम को ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार दिलाने का निर्देश दिया है|

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कहा है कि रोजगरों का स्किल सर्वे अच्छे तरीके से की जाये ताकि क्व़ारनटिन से जब ये मजदूर निकलेंगें तो उनके क्षमता का बेहतर उपयोग हो पाए|


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