26 मई तक 505 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से सभी बिहारी मजदूरों को वापस लाने का कार्यक्रम तय

लवे की अधिकतम क्षमता का इस्तेमाल कर प्रतिदिन 70 से 75 हजार लोगों को लाया जा रहा है

अब तक 320 श्रमिक स्पेशल ट्रेन से 95 हज़ार लोग बिहार वापस आ चुकें हैं मगर अभी भी हजारों बिहारी मजदूर दूसरे राज्य में फसे हैं और घर आने का इंतज़ार कर रहे हैं| बिहार सरकार हर दिन 50-60 ट्रेन देश के अलग-अलग राज्यों से चला रही है| जिससे हर रोज़ हजारों लोगों का बिहार वापस आने का सिलसिला जारी है|

बिहार के परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल और सूचना एवं जनसंपर्क सचिव अनुपम कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहां कि सरकार प्रवासी मजदूरों बिहार वापस लाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है| सभी मजदूरों को घर वापस लाया जायेगा| अब रेलवे की अधिकतम क्षमता का इस्तेमाल कर प्रतिदिन 70 से 75 हजार लोगों को लाया जा रहा है । अब हर दिन 50 से 60 ट्रेन देश के अलग-अलग हिस्सों से बिहार पहुंच रही है ।

अनुपम कुमार ने यह भी कहा कि 26 मई तक 505 ट्रेन से आठ लाख और लोगों के आने का कार्यक्रम तय हो चुका है ।

उन्होंने कहा कि घर लौटने के लिए सभी इच्छुक प्रवासी मजदूरों वापस लाया जायेगा| उन्होंने कहा कि किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है, सरकार सभी का ख्याल रखेगी।

सरकार ने एक और महत्वपूर्ण जानकारी साँझा की है| पहले श्रमिक स्पेशल ट्रेन राज्य के खास रेलवे स्टेशन पर ही रूकती थी मगर अब यह सभी जिलों के स्टेशन पर रुकेगी| यही नहीं, अब कुछ हाल्ट पर ही इसे रोका जायेगा ताकि लोगों को अपने घर जाने में ज्यादा परेसानी का सामना नहीं करना हो| गंतव्य स्टेशनों से लोगों को अपने गाँव ले जाने क लिए भी 4500 बसों को लगाया गया है। वहीं बड़ी संख्या में पैदल भी लोग राज्य की सीमा पर पहुंच रहे हैं। ऐसे लोगों के लिए आठ सौ बसों का इंतजाम कर्मनाशा और गोपालगंज में किया गया है। इसके अलवा इंटरसिटी ट्रेनों का भी परिचालन शुरू क्र दी गयी है| भी पांच- पांच ट्रेन कर्मनाशा और गोपालगंज से तथा एक ट्रेन पटना से राज्य के अंदर चलाई जा रही हैं।

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