बिहार के उपमुख्यमंत्री इन 50 चुनिंदा बच्चों को अपने आधिकारिक आवास पर करेंगे स्वागत

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी  इस वर्ष के डेक्सटेरिटी स्कूल ऑफ़ लीडरशिप एंड एंट्रेप्रेन्योरशिप (डेक्सस्कूल) के ग्रेजुएशन स्पीकर होंगे। वें डेक्सटेरिटी स्कूल में इससे पहले आये पद्मश्री विजेताओं, फोर्बेस में सूचित उद्यमी, नासा के साइंटिस्ट्स की लीग को आगे बढ़ाएंगे।

ज्ञात हो कि विश्व स्तरीय लीडरशिप एवं एंट्रेप्रेन्योरशिप के प्रोग्राम के लिए देशभर से 50 बच्चे चुनकर डेक्सस्कूल आते हैं| 2013 में स्थापित डेक्सस्कूल अपने छठे साल में देश भर के 40 शहरों एवं 16 राज्यों से बच्चों को साथ लाएगी और 6 जून से 12 जून के बीच इन्हें एक विश्वस्तरीय पाठ्यक्रम के माध्यम से नेतृत्व एवं उद्यमिता में प्रशिक्षण देगी। 

उपमुख्यमंत्री अपने आवास पर बच्चों का करेंगे स्वागत

उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी न सिर्फ इन 50 प्रतिभावान बच्चों को संबोधित करेंगे बल्कि अपने आधिकारिक आवास पर इनका स्वागत भी करेंगे|

12 जून को संध्या 6 बजे से 1 पोलो रोड स्थित आधिकारिक उपमुख्यमंत्री आवास पर डेक्सस्कूल के दीक्षांत समारोह का आयोजन होगा जहाँ उपमुख्यमंत्री ग्रेजुएशन स्पीकर होंगे एवं बच्चों से मुलाकात करेंगे और नेतृत्व एवं नीतियों से जुड़े उनके अनेक सवालों का भी जवाब देंगे।

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सुशील मोदी और शरद सागर

क्या है डेक्सस्कूल?

डेक्सटेरिटी स्कूल ऑफ़ लीडरशिप एंड एंट्रेप्रेन्योरशिप (डेक्सस्कूल) डेक्सटेरिटी ग्लोबल द्वारा संचालित, एक विश्व स्तरीय लीडरशिप एवं एंट्रेप्रेन्योरशिप का प्रोग्राम है जो युवा स्टूडेंट्स को लीडर्स के रूप में तैयार करता है। 2013 में स्थापित डेक्सस्कूल से अभी तक सैकरों यंग लीडर ग्रेजुएट्स कर चुकें हैं| वें अभी दुनिया भर के सबसे युवा लोगों में से हैं जो हार्वर्ड लॉ स्कूल के मामलों का अध्ययन करते हैं एवं राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर नीतियों को गढ़ने की भूमिका निभाते हैं। डेक्सस्कूल के आधिकारिक वेबसाइट पर दिए आंकड़े के अनुसार, डेक्सस्कूल से निकले बच्चें अभी दुनिया भर के सर्वश्रेष्ठ संस्थाओं में करोड़ों के छात्रवृति पाकर पढ़ रहें हैं, 50 से ज्यादा संस्थाओं के स्थापना कर चुकें हैं साथ ही 1100 से अधिक लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करवा रहें हैं|

डेक्सस्कूल के संस्थापक शरद सागर का बयान

डेक्सस्कूल की स्थापना भारत के युवा आइकॉन एवं सामाजिक उद्यमी शरद सागर ने की। शरद, जो एकमात्र भारतीय थे जिन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने  वाइट हाउस बुलाया और जो की बिहार से एकमात्र उद्यमी हैं जिनको अमेरिकी पत्रिका फोर्बेस की 30 अंडर 30 सूची में शामिल किया गया, ने कहा कि –

“डेक्सटेरिटी स्कूल भारत के सबसे ग्रामीण छेत्रों से लेकर महानगरों से बच्चों को चुनकर लाती है। यह बच्चे अपनी शिक्षा, कार्य-कौशल एवं नेतृत्व के माध्यम से देशसेवा करने का सपना देखते हैं।

अपने सार्वजनिक जीवन के चार दशक में उपमुख्यमंत्री जी ने अनेकाएक लोगों को एक अच्छे नेतृत्व एवं कुशल नीति से प्रेरित किया है। मुझे पूरा भरोसा है कि यह बच्चे इनके अनुभवों से प्रेरणा लेंगे और हम सब सपनो का भारत के निर्माण में लग जाएंगे।”

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