आज से पंजाब और हरियाणा से भी बिहार के लिए स्पेशल ट्रेन खुल खुलेगी, जानिए कैसे मिलेगा टिकट

आज कोटा, कर्नाटक और केरल आदि जगहों से नौ ट्रेनें बिहार पहुंचेंगी

The Tribune Shramik Special Train for Bihar, Shramik Special train from Punjab and Haryana

दुसरे राज्य में फसे लोगों को स्पेशल ट्रेन के जरिये उनके राज्य पहुँचाया जा रहा है| अब रोज श्रमिक स्पेशल ट्रेन हजारों लोगों को लेकर बिहार पहुँच रही है| आज नौ ट्रेनों के जरिये लोगों को बिहार लाया जायेगा|

आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत के अनुसार आज से पंजाब और हरियाणा से भी बिहार के लिए ट्रेनें खुलने की संभावना है। दोनों राज्य आपस में बातचित कर चुकी है| इसके साथ आज कोटा, कर्नाटक और केरल आदि जगहों से नौ ट्रेनें बिहार पहुंचेंगी।

प्रेस कांफ्रेंस में बिहार के प्रधान सचिव ने बताया कि सरकार की कोशिश है कि प्रतिदिन आठ-दस ट्रेनें विभिन्न राज्यों से बिहार के लिए जरूर खुले।

कैसे मिलेगा टिकट?

बिहार के लोग जो पंजाब या हरयाणा में फसे हैं और श्रमिक स्पेशल ट्रेन के जरिये बिहार लौटना चाहते हैं, उनको वहां की राज्य सरकारें ही टिकट मुहाया करवायेगी| इसके लिए आपको पंजाब और हरियाणा सरकार के पास अपना नाम रजिस्टर करवाना होगा| इसके लिए इन पोर्टल पर जाकर आप अपना नाम रजिस्टर करवा सकते हैं–

हरियाणा: https://edisha.gov.in/eForms/MigrantService

पंजाब:  https://covidhelp.punjab.gov.in

अन्य राज्य में फसे लोगों के रजिस्ट्रेशन के लिए यहाँ क्लिक करें|

कितना होगा ट्रेन का किराया ?

ट्रेन के किराया को लेकर देश में राजनितिक बवाल हो गया था| विपक्ष का आरोप था कि सरकार मजदूरों से किराया वसूल रही है मगर सोमवार को केंद्र सरकार ने साफ़ कर दिया की लोगों से ट्रेन का किराया नहीं ल रही| राज्य और केंद्र सरकार मिलकर रेलवे को भरा दे रही है| इसके साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी एक विडियो जारी करते हुए बताया की स्पेशल ट्रेन ने बिहार आने वाले लोगों से एक रुपया भी नहीं लिया जा रहा, बल्कि ट्रेन से बिहार आने वाले को बिहार सरकार उनको 500 रूपये देगी|

क्या है क्वारनटाइन कैंप की व्यवस्था?

ट्रेन से बिहार आने के बाद लोगों का स्वास्थ जाँच करवाया जाता है| उनकी स्क्रीनिंग के बाद उन्हें अपने जिले के क्वारनटाइन कैंप भेज दिया जाता है| प्रधान सचिव के अनुसार अभी-तक 2450 क्वारनटाइन कैंप तैयार कर लिए गए हैं। अभी इन कैंपों में 8968 लोग रह रहे हैं। इनकी क्षमता बढ़ाई जा रही है।

कैम्प में अभी स्टील के वर्तन में खाना दिया जा रहा है| तीन टाइम खाने के साथ लोगों को पीने के लिए दूध भी दे रही है| साबुन, तेल, कपड़े आदि भी उन्हें उपलब्ध कराए गए हैं। कैंपों में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जा रहे हैं।

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