Instagram Slider

  •    Mahabodhi Bodhgaya Gaya BiharTourism bihar Aapnabihar
    2 weeks ago by aapnabihar महाबोधि मंदिर, बोधगया  #Mahabodhi   #Bodhgaya   #Gaya   #BiharTourism   #bihar   #Aapnabihar 
  •          hellip
    2 weeks ago by aapnabihar गुरु अगर चाहे तो साधारण इंसान को भी महान बना दे। बिहार के ही आचार्य चाणक्य थे जिन्होंने एक साधारण से बालक चंद्रगुप्त मौर्य को शिक्षा दे हिन्दुस्तान का सबसे बड़ा सम्राट बना दिया था। आज भी बिहार की धरती पर ऐसे महान शिक्षकों की कमी नहीं है जो लगातार सैकड़ों बच्चों के भविष्य सँवारने में लगे हुए हैं ।  #Aapnabihar   #Bihar   #TeachersDay 
  • Weather  Patna Bihar Aapnabihar
    24 hours ago by aapnabihar Weather ❤  #Patna   #Bihar   #Aapnabihar 
  •          hellip
    2 weeks ago by aapnabihar केबीसी के सेट पर अमिताभ बच्चन ने कहा ' बिहार के इस लाल (आनंद कुमार) पर पूरे देश को गर्व है'  #Aapnabihar   #bihar   #AnandKumar   #KBC   #AmitabhBachchan 
  •    Ashokdham Luckheyshray Bihar Aapnabihar
    5 days ago by aapnabihar अशोकधाम मंदिर, लखीसराय  #Ashokdham   #Luckheyshray   #Bihar   #Aapnabihar 
  • 4 days ago by aapnabihar
  • She is coming soon DurgaPuja Bihar Aapnabihar
    1 day ago by aapnabihar She is coming soon  #DurgaPuja   #Bihar   #Aapnabihar 
  • 2 days ago by aapnabihar पटना - बख्तियारपुर
  •          hellip
    19 hours ago by aapnabihar प्रो कबड्डी में पटना पाइरेट्स की एक और जीत ✌  #Patna   #PatnaPirates   #Victory   #ProKabaddi   #Bihar   #Aapnabihar 
  • 1 week ago by aapnabihar जितिया स्पेशल

Latest Stories

Featured Articles
BQhdufh
aapna bihar is one of the best & trusted portal of bihar.good luck.

Featured Articles
BQhdufh
aapna bihar is one of the best & trusted portal of bihar.good luck.

#BihariKrantikari: #7 अपनी आखरी सांसों तक राष्ट्र और समाज की सेवा करते रहे बिहार विभूति अनुग्रह बाबू

आपन बिहार हिन्दुस्तान की आजादी का 70 वाँ पर्व मना रहा है।  हम रोज आपको ऐसे बिहारी क्रान्तिकारी  से मिलवाते है जिसने अपनी मातृभूमी की रक्षा करने के लिए अपना सबकुछ न्योछावर कर दिया।  ऐसे ही बिहारी क्रान्तिकारी थे बिहार विभूती अनुग्रह नारायण सिंह।

 

डा अनुग्रह नारायण सिंह एक भारतीय राजनेता और बिहार के पहले उप मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री (1946-1957) थे। अनुग्रह बाबू (1887-1957) भारत के स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षक तथा राजनीतिज्ञ रहे हैं।

इन्होंने अंग्रेजों के विरूद्ध चम्पारण से अपना सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया था। बिहार-विभूति का भारत की आजादी में सहभागिता रही थी। उन्होंने महात्मा गांधी एवं डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद के साथ राष्ट्रीय आन्दोलन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी थे। अनुग्रह बाबू आधुनिक बिहार के निर्माता थे। वे देश के उन गिने-चुने सर्वाधिक लोकप्रिय नेताओं में से थे जिन्होंने अपने छात्र जीवन से लेकर अंतिम दिनों तक राष्ट्र और समाज की सेवा की। उन्होंने आधुनिक बिहार के निर्माण के लिए जो कार्य किया, उसके कारण लोग उन्हें प्यार से बिहार विभूति के नाम से पूकारते हैं।

 

चंपारण में किसानों पर अत्याचार के खिलाफ गांधी जी के आंदोलन में अनुग्रह बाबू ने अपनी वकालत के पेशे को त्याग अंग्रेजों के खिलाफ आजादी के लडाई में शामिल हो गये।  इस आंदोलन ने उनके जीवन की धारा ही बदल दी। स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का पाठ उन्हें गांधीजी के आश्रम में ही रहकर प़ढने का सुअवसर प्राप्त हुआ। अनुग्रह बाबू ने चम्पारण के नील आंदोलन में गांधीजी के साथ लगन और निर्भीकता के साथ काम किया और आंदोलन को सफल बनाकर उनके आदेशानुसार १९१७ में पटना आये। बापू के साथ रहने से उन्हें जो आत्मिक बल प्राप्त हुआ, वही इनके जीवन का संबल बना। सन्‌ १९२० के दिसंबर में नागपुर में कांग्रेस का वार्षिक अधिवेशन हुआ, जिसमें अनुग्रह बाबू ने भी भाग लिया। सन्‌ १९२९ के दिसंबर में सरदार पटेल ने किसान संगठन के सिलसिले में मुंगेर आदि शहरों का दौरा किया, तब अनुग्रह बाबू सभी जगह उनके साथ थे। २६ जनवरी १९३० को सारे देश में स्वतंत्रता की घोषणा प़ढी गई। अनुग्रह बाबू को भी कई स्थानों में घोषण पत्र प़ढना प़ढा।

 

मेरा परिचय अनुग्रह बाबू से बिहारी छात्र सम्मेलन में ही पहले पहल हुआ था। मैं उनकी संगठन शक्ति और हाथ में आए हुए कार्य में उत्साह देखकर मुग्ध हो गया और वह भावना समय बीतने से कम न होकर अधिक गहरी होती गई।
– देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद

अनुग्रह बाबू को  बिहार विभूति’ के रूप में जाना जाता था। वह स्वाधीनता आंदोलन के योद्धा थे। स्वाधीनता के बाद राष्ट्र निर्माण व जनकल्याण के कार्यो में उन्होंने सक्रिय योगदान दिया।

आधुनिक बिहार के निर्माता
डॉ. अनुग्रह नारायण सिन्हा मानवतावादी प्रगतिशील विचारक एवं दलितों के उत्थान के प्रबल समर्थक और आधुनिक बिहार के निर्माताओं में से एक थे। उनका जीवन दर्शन देश की अखंड स्वतंत्रता और नवनिर्माण की भावनाआ से सराबोर रहा। उनका सौभ्य, स्निग्ध, शीतल, परोपकारी, अहंकारहीन और दर्पोदीप्त शख़्सियत बिहार के जनगणमन पर अधिकार किए हुए था। वे शरीर से दुर्बल, कृषकाय थे, पर इस अर्थ में महाप्राण कोई संकट उनके ओठों की मुस्कुराहट नहीं छीन सका। उनमें शक्ति और शील एकाकार हो गये थे और इसीलिए वे बुद्धिजीवियों को विशेष प्रिय थे। बिहार के विकास में उनका योगदान अतुलनीय है। राज्य के प्रशासनिक ढांचा को तैयार करने का काम अनुग्रह बाबू ने किया था। इन्होंने राज्य के प्रथम उप मुख्यमंत्री और सह वित्तमंत्री के रूप में 11 वर्षों तक बिहार की अनवरत सेवा की।

 

जो देशभक्त जेल में अनुग्रह बाबू के चौके में खाते थे, वे जब जेल से निकले तो यह कहते निकले कि अनुग्रह बाबू सचमुच प्रांत के अर्थमंत्री पद के योग्य हैं। इस काम में उनसे कोई बाज़ी नहीं मार सकता।”-
– राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर

इस तेजस्वी महापुरुष का निधन 5 जुलाई, 1957 को उनके निवास स्थान पटना में बीमारी के कारण हुआ। उनके सम्मान मे तत्कालीन मुख्यमंत्री ने सात दिन का राजकीय शोक घोषित किया, उनके अन्तिम संस्कार में विशाल जनसमूह उपस्थित था। अनुग्रह बाबू 2 जनवरी, 1946 से अपनी मृत्यु तक बिहार के उप मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री रहे।

Facebook Comments

Search Article

Leave a Comment

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: