कोटा बना सुसाइड सेंटर, एक और बिहारी छात्र ने किया आत्महत्या

06_07_2016-nikhil

कोटा: राजस्थान का कोटा शहर सुसाइड साईट बनता जा रहा है। कुछ दिन पहले बिहार के ही मुंगेर जिले की एक छात्रा के अप्रैल में कोटा में सुसाइड कर लेने की खबर आई थी। आज  बिहार के एक और छात्र ने राजस्थान के कोटा में सुसाइड कर लिया। भागलपुर से मेडिकल की तैयारी करने गए छात्र निखिल नयन ने बाथरूम में फव्वारे वाले नल में फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।

 

 बिहार के भागलपुर के निखिल नाम के छात्र ने कोटा में खुदकुशी कर ली है। कुछ दिनों पहले ही वह मेडिकल की तैयारी करने कोटा गया था। 

हैरत की बात ये है कि निखिल के सुसाइड करने के दो दिन बाद इस घटना का पता चला।

निखिल कोटा के एलेन कोचिंग संस्थान नें मेडिकल की तैयारी करने गया था। निखिल जिस कमरे में रह रहा था वह दो दिनों से बंद था तो आस-पास रहने वाले छात्रों को शक हुआ, इसके साथ ही उसके कमरे से बदबू आने लगी तो छात्रों ने पुलिस को सूचना दी।

मंगलवार देर रात जब निखिल के कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तो उसका शव बरामद हुआ जिससे सड़ांध आ रही थी। मामले की तहकीकात की जा रही है। निखिल के हॉस्टल के छात्रों से भी पूछताछ की जा रही है। मौके से पुलिस को सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन शुरूआती जांच में पता चला है कि पढ़ाई के तनाव की वजह से आत्महत्या किया है।

पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया और उसके परिजनों को इत्तला दे दी है, परिजन आज शाम तक वहां पहुंचेंगे। मामले की तहकीकात की जा रही है। छात्रों से भी पूछताछ की जा रही है।

 

कोटा में सुसाइड की यह पहली घटना नहीं है। 

Sucide point kota

अप्रैल में मुंगेर की छात्रा ने कर लिया था सुसाइड

इससे पहले बिहार के ही मुंगेर जिले की एक छात्रा ने अप्रैल में कोटा में सुसाइड कर लिया था। पुलिस ने उसकी लाश हॉस्टल के कैम्पस से बरामद की थी। सुसाइड की पूरी घटना हॉस्टल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी।

वैष्णवी (16) न्यू राजीव गांधी नगर के गुरु वात्सल्य हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। दसवीं बोर्ड का एग्जाम देकर ही वह कोटा में आईआईटी जेईई की तैयारी करने आ गई थी। वैष्णवी के पेरेंट्स ने बताया कि वह साइंटिस्ट बनना चाहती थी।

 

हॉस्टल में लगे सीसीटीवी कैमरे में वैष्णवी की रात की सारी एक्टिविटी कैद हो गई। वैष्णवी ने रूम में हाथ की नस काटी थी। पुलिस को वैष्णवी के कमरे के बाहर खून मिला है। हॉस्टल की गैलरी से होते हुए चौथी मंजिल पर जाकर वहां से छलांग लगा दी। वो छत से कूदी तो पीठ के बल जमीन पर गिरी।

 

इससे पहले बिहार के छात्रों के बीच हुई थी खूनी वारदात

कोटा में छात्रों के बीच हिंसक भिड़ंत में एक कोचिंग छात्र की मौत हो गई। उस पर बड़ी संख्या में आए अन्य छात्रों ने हथियारों से हमला किय, जिसमें18 साल के सत्य प्रकाश तीन साल से कोटा में रहकर कोचिंग ले रहा था। इस हमले में उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी संदीप बुरी तरह घायल हो गया। सत्यप्रकाश बिहार के नवादा का रहने वाला था।

 

अपने बच्चे को डाक्टर और इंजीनियर बनाने का सपना पूरा करने के लिए कोटा भेजने वाले माता-पिता को एक बार ठीक से विचार जरुर करना चाहिए।  वैसे माता – पिता को भी अपने आप में आत्म चिंतन करना चाहिए जो अपने बच्चेपर डाक्टर और इंजीनियर बनने का दवाब देते है।  एक बार सोचिये जरूर, यह आपके बच्चे के जिंदगी का सवाल है।

 

 

Facebook Comments

Tags

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Time limit is exhausted. Please reload CAPTCHA.

top