Coronavirus: पटना के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में काम करने वाला स्वास्थकर्मी भी हुआ कोरोना संक्रमित

बिहार में अब तक कोरोना संक्रमित 9 लोगों में आठ लोगों की उम्र 38 वर्ष या उससे कम है

स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि 20 वर्षीय व्यक्ति, जिसने एक निजी अस्पताल में वार्ड बॉय के रूप में काम किया था, जहां वह COVID -19 रोगी के संपर्क में आया था, उसका भी टेस्ट पॉजिटिव आया है|

स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, मुंगेर जिले का एक 38 वर्षीय व्यक्ति, जिसकी एम्स, पटना में मृत्यु हो गई थी, पिछले सप्ताह उसके परीक्षा परिणामों की पुष्टि होने के बाद कि वह COVID-19 से पीड़ित था, उसे पहले खेमनीचक स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शहर का वह इलाका सील कर दिया गया है।

जिला प्रशासन ने सभी डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्टाफ को सुविधा प्रदान करने का आदेश दिया। निजी अस्पताल में काम करने वाले 13 लोगों के नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए थे और शहर के जगनपुरा इलाके में रहने वाले वार्ड बॉय का एक परिणाम पॉजिटिव पाया गया था।

अधिकारी ने कहा कि निजी अस्पताल के अन्य कर्मचारियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है, जिन्हें एहतियात के तौर पर एकांत में रखा जाएगा और उनके नमूने परीक्षण के लिए भेजे जाएंगे। इस से पहले नालंदा के भी एक नर्सिंग होमकर्मी का युवक संक्रमित हो चुके हैं|

ज्ञात हो कि Aapna Bihar लगातार प्रमुखता से बिहार के हॉस्पिटलों में स्वास्थ कर्मियों के लिए सुरक्षा किट नहीं होने का मुद्दा उठाता रहा है| हम जिस खतरे के लिए चेतावनी दे रहे थे उसका एक उदाहरण भी आ गया है| अब जाकर सरकार की नींद खुली है| बिहार में नोवेल कोरोना वायरस की जांच को लेकर जांच किट नेशनल वायरोलॉजी लैब, पुणे से विशेष विमान से पहुंचेगा।

शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने बताया कि आईसीएमआर  राज्य सरकार  एवं एनआईबी, पुणे के बीच समन्वय स्थापित कर तत्काल विशेष विमान से बिहार जांच किट पहुंचाने की तैयारी की गई है।

बिहार में सबसे ज्‍यादा युवा संक्रमित

बिहार में अब तक कोरोना संक्रमित 9 लोगों में आठ लोगों की उम्र 38 वर्ष या उससे कम है। सिर्फ नेपाल से आई दीघावासी महिला की उम्र 42 है। शुरुआती दौर में माना जा रहा था कि कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा खतरा 60 वर्ष से अधिक उम्र वालों या दमा, मधुमेह, हाइपरटेंशन, कैंसर, हृदय रोग की सर्जरी, डायलिसिस जैसे रोगियों को ही है। इस कारण युवा कोरोना के खतरे से काफी हद तक बेपरवाह थे। सिविल सर्जन डॉ. राजकिशोर चौधरी ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी बिहार और अन्य संक्रमितों में प्रतिशतता को देखते हुए हाल में युवाओं को कोरोना के खतरे से आगाह किया। पूर्व के अध्ययन में जिन लोगों को ज्यादा खतरा बताया गया था, वह सही है लेकिन अब युवा भी खुद को सुरक्षित नहीं मानें।

बिहार में कोरोना संक्रमितों की उम्र 

मुंगेर का युवक जिसकी मौत हुई, 38
मुंगेर के युवक की पत्नी, 36
मुंगेर के युवक का भतीजा 10
दीघा की महिला 42 वर्ष
फुलवारीशरीफ का युवक- 26
पटना सिटी का युवक 29 वर्ष
नर्सिंग होम का खेमनीचक निवासी कर्मी 20
नर्सिंग होमकर्मी नालंदा का युवक 30 वर्ष
सिवान का युवक – 33 वर्ष

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