प्रधानमंत्री के हेलिकॉप्टर की तलाशी लेने वाला ‘बहादुर’ आईएएस अधिकारी है बिहारी

ओडिशा के संबलपुर में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हेलिकॉप्टर की जांच करने वाले 1996 बैच और कर्नाटक काडर के आईएएस अफसर मोहम्मद मोहसिन को बुधवार को चुनाव आयोग ने निलंबित कर दिया। वह संबलपुर लोकसभा क्षेत्र में सामान्य पर्यवेक्षक के तौर पर तैनात थे।

मोहसिन ने प्रधानमंत्री मोदी के हेलिकॉप्टर की जांच की थी। बताया जा रहा है कि इस जांच की वजह से प्रधानमंत्री को 15 मिनट इंतजार करना पड़ा था। जिसकी शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय ने चुनाव आयोग से की थी। जिसपर कार्रवाई करते हुए आयोग ने उन्हें दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने की वजह से निलंबित कर दिया।

चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए सभी संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में सामान्य पर्यवेक्षकों की तैनाती करता है। इससे पहले मोहसिन, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और पेट्रोलियम मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान के भी हेलिकॉप्टर की तलाशी भी ले चुके हैं।

बिहार के रहने वालें हैं मोहसिन

1969 में जन्में मोहम्मद मोहसिन बिहार की राजधानी पटना के रहने वाले हैं और कर्नाटक सरकार में समाज कल्याण विभाग में सचिव हैं। वह कर्नाटक काडर से आईएएस बने हैं। पटना विश्वविद्यालय से उन्होंने बीकॉम की पढ़ाई की है। साल 1994 में वह लोकसेवा की पढ़ाई करने के लिए दिल्ली आए थे।

पहली बार में वह लोकसेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा में सफल नहीं हुए थे और उन्होंने दोबारा इसकी तैयारी की। इसके बाद वह परीक्षा में सफल तो हुए लेकिन कम नंबर की वजह से आईएएस नहीं बन पाए। उन्होंने फिर तैयारी की और 1996 में आईएएस अधिकारी बने।

मोहसिन ने उर्दू के साथ अपनी पढ़ाई की थी। उनकी एक सोशल मीडिया प्रोफाइल के अनुसार वह कर्नाटक सरकार के शिक्षा विभाग और अन्य विभागों में अधिकारी रह चुके हैं। कर्नाटक के कई प्रशासनिक पदों पर वह अपनी सेवाएं दे चुके हैं। शुरुआत में वह उपजिलाधिकारी के पद पर रहे और बाद में जिला पंचायत और ग्रामीण विभाग में उपायुक्त के पदों पर तैनात रहे।

बिहार के मूल निवासी और कर्नाटक कैडर के इस आईएएस के ईमानदारी और उनके उसूलों की चर्चा पूरे साउथ में होती रही है। कहा जाता है वे एक कार्य भी गलत होने नहीं देते हैं। यही वह वजह है कि पिछले दिनों मोदी के हेलीकॉप्टर से काला संदिग्ध बैग ले जाने के बाद इस अधिकारी ने मोदी के हेलीकॉप्टर की तलाशी लेने का फैसला किया।

क्या ऐसा कोई कानून है कि चुनाव की ड्यूटी पर तैनात अधिकारी प्रधानमंत्री के काफिले की गाड़ी चेक नहीं कर सकता है?

अगर ऐसा कोई कानून है तो चुनाव आयोग को पब्लिक को इसके बारे में बताना चाहिए| और अगर किसी अधिकारी ने हेलिकाप्टर की जांच कर दी तो क्या यह इस हद तक का अपराध है कि उस अधिकारी को निलंबित कर दिया जाए.. चुनाव आयोग ने मोहम्मद मोहसिन को निलंबित कर दिया और कहा कि स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप की सुरक्षा घेरे में रहने वाले लोगों की जांच की प्रक्रिया के अनुसार उन्होंने काम नहीं किया। हालाँकि इस से पहले भी स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप की सुरक्षा घेरे में रहने वाले कई लोगों के हेलिकॉप्टर की तलाशी ली जाती रही है|

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