बिहार के विश्वविद्यालयों में 8500 शिक्षकों की होने जा रही है भर्ती, जाने पूरी प्रक्रिया

बिहार में उच्च शिक्षा की ख़राब स्थिति जग जाहिर है| इसका एक सबसे बड़ा कारण है राज्य के विश्वविद्यालयों के विभिन्न विभागों में शिक्षकों की कमी| अब जल्द ही यह कमी दूर हो सकती है| विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नई नियुक्तियां अगले वर्ष फरवरी-मार्च से शुरू हो जाएगी।

रिक्त पदों पर नई नियुक्तियां विश्वविद्यालय सेवा आयोग के माध्यम से होंगी। शिक्षा विभाग ने बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग नियमावली 2018 का प्रारूप तय कर लिया है और इसे वित्त विभाग की सहमति के लिए भेजा गया है। संभावना जताई जा रही है कि नवंबर के अंत तक आयोग अस्तित्व में आ जाएगा।

पिछले वर्ष ही आयोग गठन की मिली अनुमति

राज्य सरकार ने पिछले वर्ष ही विवि सेवा आयोग गठन की अनुमति दी थी। बाद में इसमें आंशिक संशोधन किया गया और विधानमंडल से इसे पारित कराया गया। पुराने प्रस्ताव में सभी प्रकार की नियुक्तियां थी जिसे संशोधित करते हुए नई नियुक्तियां शब्द को शामिल किया गया।

साढ़े आठ हजार पदों पर नियुक्तियां करेगा आयोग

बिहार विवि सेवा आयोग विवि में रिक्त पड़े तकरीबन साढ़े आठ हजार पदों पर नियुक्तियां करेगा। यहां बता दें कि 2014 में सरकार ने बिहार लोक सेवा आयोग को विश्वविद्यालय शिक्षकों के 3354 रिक्त पदों पर नियुक्ति की अधियाचना भेजी थी। जिसमें से बीपीएससी ने तकरीबन 17 सौ पदों पर नियुक्तियां कर ली हैं।

 शेष 34 सौ पदों पर भर्ती की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इन पदों पर नियुक्ति होने के बाद भी विवि में करीब साढ़े आठ हजार पद रिक्त रह जाएंगे। जिन पर नवगठित आयोग नियुक्ति करेगा।

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