बिहार सहित संपूर्ण देश के लिए गौरवपूर्ण क्षण : 800 वर्ष बाद आज आयोजित हुआ नालंदा विश्विद्यालय का पहला दीक्षांत समारोह

बिहार सहित पुरे भारत के लिए ऐतिहासिक क्षण है। आज 800 साल बाद नालंदा विश्वविद्यालय में प्रथम दीक्षांत समारोह हुआ। जिसमें राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने विश्वविद्यालय के पहले सत्र के कुल बारह छात्रों को सम्मानित किया जिनमें से दो छात्रों, शशि अहलावत और साना सालाह को राष्ट्रपति ने गोल्ड मेडल से नवाजा, साथ ही अन्य दस छात्रों को सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति के साथ ही राज्यपाल रामनाथ कोविंद, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित राज्य के कई मंत्री और गणमान्य लोगों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। दीक्षांत समारोह में खादी को प्रोमोट करने के लिए सभी सम्मानित होने वाले छात्रों ने खादी का गाउन पहना। वही राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने नालंदा विवि के नये भवन का शिलान्यास किया।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शिरकत की. मौके पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने नालंदा विश्वविद्यालय के पहले बैच के विद्यार्थियों का हार्दिक अभिनंदन किया. उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय का ऐतिहासिक महत्व रखा है. उन्होंने कहा कि बिहार में नालंदा और विक्रमशिला जैसे ऐतिहासिक महत्व के विश्वविद्यालय रहे हैं जो हमारे लिए गर्व की बात है. उन्होंने विश्वविद्यालय के नये भवन का भी उद्घाटन किया.
इस अवसर पर बोलते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नालंदा विश्वविद्यालय को वर्ल्ड हैरिटेज साइट घोषित करने पर प्रशंसा व्यक्त की.
उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए गौरव की बात है कि जिस विश्वविद्यालय का इतना गौरवशाली इतिहास रहा है उसे इस योग्य माना गया. साथ ही उन्होंने विक्रमशिला यूनिर्वसिटी के पुनरुद्धार करने की मांग की.

राष्ट्रपति यहां लगभग डेढ़ घंटे तक रहें. यह नालंदा विश्वविद्याल का पहला दीक्षांत समारोह है. प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी कार्यक्रम में मौजूद थे. दीक्षांत समारोह में कई देशों के राजदूत भी शिरकत किए.
राष्ट्रपति के कार्यक्रम के मद्देनजर तैयारियों का रिहर्सल शुक्रवार को किया गया. कुल डेढ़ घंटे के कार्यक्रम के दौरान वहां क्या-क्या और कैसे होना है. इन सभी का रिहर्सल कार्यक्रम से एक दिन पूर्व शुक्रवार को किया गया.

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