Trending in Bihar

Latest Stories

बिहार के लाल शरद सागर को फिर आया बराक ओबामा का बुलावा

26 वर्षीय सामाजिक उद्यमी एवं भारत के युवा आइकॉन शरद सागर को एक बार फिर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा का न्योता आया है। इस बार बराक ओबामा ने शरद सागर को ओबामा फाउंडेशन के एक विशेष सभा में सम्मलित होने के लिए न्योता भेजा है। यह सम्मलेन 01 दिसंबर को नई दिल्ली में होगा जहाँ शरद सागर बराक ओबामा के साथ शामिल होंगे।

ओबामा का शरद को दूसरा न्योता

यह साल भर में दूसरी बार है जब बराक ओबामा ने शरद सागर को अतिथि के तौर पर बुलाया है। पिछले ही साल अक्टूबर में शरद एकमात्र भारतीय थे जिन्हे राष्ट्रपति ओबामा ने वाइट हाउस आने का न्योता भेजा था।

शरद को भेजे गए आधिकारिक निमंत्रण में लिखा गया है कि – “एक बेहतर समाज बनाने के लिए आपने जो भूमिका निभाई है हम उससे प्रेरित हैं और हमें उम्मीद है कि आप इस विशेष आयोजन का हिस्सा बन पाएंगे। आप जैसे युवा भारतीय सिर्फ इस देश के भविष्य को ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के भविष्य को बेहतर बनाने में लगे हैं।”

राष्ट्रपति के कार्यकाल के बाद यह बराक ओबामा का पहला भारतीय दौरा है और शरद ओबामा के ख़ास अतिथि के रूप में नई दिल्ली में होने वाले आयोजन में उनसे मिलने के लिए उत्साहित हैं।

भारत के युवा आइकॉन हैं शरद

इस आमंत्रण के साथ शरद के अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों एवं सम्मानों की सूची और लंबी हो गयी है। अक्टूबर 2016 में शरद एकमात्र भारतीय थे जिन्हे अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा वाइट हाउस आने का आमंत्रण मिला। शरद विश्व के 100 सबसे प्रभावशाली युवा उद्यमियों की सूची में भारत से सबसे ऊपर हैं। शरद फोर्ब्स पत्रिका के 30 अंडर 30 की सूची में मार्क ज़ुकेरबर्ग एवं मलाला यूसफज़ई के साथ शामिल होने वाले बिहार से एकमात्र हैं। दिसंबर 2016 में नोबेल पीस सेण्टर ने शरद को ओस्लो, नॉर्वे में होने वाले नोबेल शान्ति पुरस्कार समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया और जून 2017 में अखबार दिव्य भास्कर ने शरद को “21वीं शताब्दी के स्वामी विवेकानंद” की उपाधि दी। शरद ने एशिया, अमेरिका और यूरोप में प्रसिद्ध भाषण दिए हैं और ऑनलाइन उनके भाषणों को लाखों लोग द्वारा सुना जाता है। शरद सागर एक भारतीय युवा आइकॉन, विश्व प्रसिद्द उद्यमी एवं 21वीं शताब्दी के लीडर हैं जिनके शिक्षा एवं सामाजिक सेवा में किये गए काम एक पूरी पीढ़ी को प्रेरणा देती है।

शरद ने 4 करोड़ की छात्रवृत्ति पर अमेरिका के प्रतिष्ठित टफ्ट्स यूनिवर्सिटी से पढाई पूरी की। मई 2016 में शरद को टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के 160 साल के इतिहास में स्नातक भाषण देने वाले पहले भारतीय होने का सम्मान प्राप्त हुआ। उसी साल शरद ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के मास्टर्स डिग्री के प्रस्ताव को ठुकरा कर भारत लौटकर बच्चों और युवाओं के साथ काम जारी रखने का निर्णय लिया।
कई यूएन पुरस्कार के विजेता शरद दुनिया भर के सबसे प्रभावशाली नेताओं, संस्थानों, विश्वविद्यालयों, सरकारों एवं अखबारों द्वारा चित्रित किये गए हैं एवं उन्हें संयुक्त राष्ट्र, वाइट हाउस, वर्ल्ड बैंक, हार्वर्ड, आईआईटी एवं आईआईएम जैसे संस्थानों द्वारा आमंत्रित एवं सम्मानित किया गया हैं।

पिछले ही हफ्ते शरद भारत के इतिहास में किसी विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित करने वाले सबसे युवा भारतीय बने। शरद सागर को गुजरात सरकार द्वारा स्थापित प्रतिष्ठित नवरचना यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के तौर पर सम्बोधित करने के लिए आमंत्रित किया गया है।

शरद ने कहा-

ओबामा द्वारा फिर से बुलाए जाने पर शरद ने कहा – “बहुत लोग जानते हैं कि मैं पहली बार स्कूल 12 साल की उम्र पर गया और मैंने स्कूल एवं कॉलेज के दिनों में छात्रवृत्तियां पाने के लिए कड़ी मेहनत की। मैंने अमेरिका के टफ्ट्स यूनिवर्सिटी से चार करोड़ की छात्रवृत्ति पर पढाई पूरी की और फिर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रस्ताव को ठुकरा कर भारत आकर बच्चों एवं युवाओं के साथ कार्य को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। मैंने एक छात्र के रूप में कड़ी मेहनत की और अब उन सभी छात्र-छात्राओं के लिए जो इस देश के छोटे गावों एवं शहरों से बिना किसी संसाधनों के आते हैं उनके लिए कड़ी मेहनत कर रहा हूँ । मैंने कड़ी मेहनत की ताकि मैं अपने प्रेरणास्रोतों जैसा बन सकूं और इस देश की और यहाँ के लोगों की सेवा कर सकूं। अपने सबसे बड़े प्रेरणास्रोत राष्ट्रपति बराक ओबामा का साल में दो बार समर्थन पाना मेरे लिए सम्मान की बात है और मैं इसके लिए उत्साहित हूँ।”

Search Article

Your Emotions

    Leave a Comment

    %d bloggers like this: