मौजूदा कॉलेजियम व्यवस्था अलोकतांत्रिक है : उपेंद्र कुशवाहा

रालोसपा द्वारा सामाजिक आंदोलन हल्ला बोल दरवाजा खोल” कार्यक्रम का हुआ आयोजन और संचालन पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सह प्रवक्ता माधव आनंद ने किया।

राष्ट्रीय लोक समता पार्टी द्वारा पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में न्यायपालिका में अपारदर्शिता कॉलेजियम व्यवस्था के खिलाफ ” हल्ला बोल दरवाजा खोल” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह भारत सरकार के केंद्रीय राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा, कानून विशेषज्ञ बसंत चौधरी, पूर्व न्यायाधीश घनश्याम प्रसाद, कानून विशेषज्ञ प्रत्युष मणि त्रिपाठी व इंटरनेशनल रिलेशन विशेषज्ञ गौतम कुमार झा मुख्य रूप से न्यायलयों के जजो की नियुक्ति में अपारदर्शी कॉलेजियम व्यवस्था पर प्रकाश डालें।

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सह प्रवक्ता ने किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि मौजूदा कॉलेजियम व्यवस्था अलोकतांत्रिक है और यह हमारे प्रजातांत्रिक व्यवस्था पर एक काला धब्बा है। न्यायपालिका को अगर बचाना है तो इस व्यवस्था में बदलाव लाना अत्यंत आवश्यक है। इस सामाजिक आंदोलन के लिए अमृत की जगह जहर पीना पड़े तो मंजूर है। वही पूर्व न्यायाधीश घनश्याम प्रसाद ने कहा कि भारत की न्याय व्यवस्था अच्छी है लेकिन आज के दौर में इसमें सुधार की जरूरत है।

हमलोग किसी भी रूप में कॉलेजियम व्यवस्था का समर्थन नहीं कर सकते। अब समय आ गया है कि इसका दरवाजा खोला जाय। साथ ही कानून विशेषज्ञ प्रत्युष मणि त्रिपाठी ने कहा कि आज विश्व पर्यावरण दिवस है तो आज हम यह संकल्प लेते है कि न्यायिक व्यवस्था में भी शुद्धिकरण हो। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में जजो की संख्या देश की जनसंख्या के अनुपात में बहुत ही कम है।

इसलिए इस कॉलेजियम व्यवस्था में बदलाव बहुत जरूरी है। उधर इंटरनेशलन रिलेशन विशेषज्ञ गौतम कुमार झा ने कहा कि मैंने लगभग सभी प्रमुख देश का भ्रमण किया है। लेकिन सिर्फ भारत मे ही कॉलेजियम सिस्टम देखने को मिला है। जब से हमें आज़ादी मिली है तब से न्यायपालिका में भाई भतीजावाद ही हुआ है। कुशवाहा जी ने जिस विषय को उठाया है वह काबिले तारीफ है। कार्यक्रम का संचालन कर रहे पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सह प्रवक्ता माधव आंनद ने अपने संबोधन में कहा कि इस देशव्यापी अभियान का आगाज़ हमने दिल्ली के कंस्टीट्यूशन क्लब में किया था| जहाँ पर देश के शीर्ष न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एवं संविधान के मानद विशेषज्ञ उपस्थित थे और कॉलेजियम व्यवस्था के बारे में अपनी बात रखी|

राष्ट्रीय लोक समता पार्टी देश की एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसने इस कॉलेजियम व्यवस्था के खिलाफ़ दलित, पिछड़ों, अति पिछड़ों एवं आर्थिक रूप से कमजोर तबकों के अधिकार के लिए देशव्यापी आन्दोलन चलाने का कार्य कर रही है। कार्यक्रम के दौरान पार्टी के सांसद व विधायक की भी उपस्थिति रही।