विकास दुबे की गिरफ्तारी और एनकाउंटर में इन बिहारियों की अहम भूमिका, जानिए

उज्जैन महाकाल मंदिर में पकड़कर पुलिस को सौंपने का साहस दिखाने वाला एक प्राइवेट सुरक्षागार्ड लाखन यादव बिहार का है

कानपुर शूटआउट के मास्टरमाइंड विकास दुबे को पुलिस ने एक एनकाउंटर में मार गिराया है। पुलिस के मुताबिक, उत्तर प्रदेश एसटीएफ की टीम उज्जैन से विकास दुबे को कानपुर लेकर आ रही थी, इसी दौरान शुक्रवार सुबह हाइवे पर काफिले की गाड़ी पलट गई।

हादसे के बाद विकास दुबे हथियार छीनकर भागने की कोशिश करने लगा, तभी मुठभेड़ में वो मारा गया। इससे पहले गुरुवार को विकास दुबे को उज्जैन पुलिस ने महाकाल मंदिर के बाहर से गिरफ्तार किया था। इस गिरफ्तारी में बिहार के सारण जिले के लाल मनोज सिंह सुर्खियों में आ गए हैं।

उज्जैन के एसपी मनोज सिंह का क्या है बिहार के छपरा से कनेक्शन

दरअसल उज्जैन में विकास दुबे को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम के नेतृत्वकर्ता मनोज सिंह बिहार के छपरा जिले के रहने वाले है । वह मांझी थाना क्षेत्र के मुबारकपुर गांव निवासी स्वर्गीय शिव रतन सिंह के पुत्र हैं और वर्तमान समय में उज्जैन में पुलिस अधीक्षक के पद पर पदस्थापित हैं। गुरुवार को उनके ही नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए विकास दुबे को पकड़ने में कामयाबी पाई। विकास दुबे कानपुर जिले में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का मुख्य आरोपी था, जिसकी तलाश यूपी पुलिस कई दिनों से कर रही थी।

बिहार के मनोज सिंह ने किया कमाल 

बता दें कि विकास दुबे की गिरफ्तारी के लिए यूपी की योगी सरकार ने पुलिस की साठ टीमें गठित कर रखी थीं। बावजूद इसके विकास दुबे यूपी की सीमा लांघ कर उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर तक किसी तरह पहुंच गया। मंदिर तक पहुंचने के बाद उसने खुद सरेंडर किया अथवा उसे स्थानीय प्रशासन ने सरेंडर करने के लिए मजबूर किया इस मुद्दे पर समूचे देश में बहस छिड़ी है।

हालांकि, इस बात की भी जोरदार चर्चा है कि उज्जैन के एसपी मनोज सिंह के कुशल नेतृत्व में टीम ने विकास दुबे को गिरफ्तार किया था। सारण जिले के लोग उनकी इस कार्रवाई को लेकर खुद को गौरवांवित महसूस कर रहे हैं।

बिहार के लाखन यादव की रही अहम भूमिका 

भले ही यूपी एसटीएफ ने 5 लाख के इनामी बदमाश विकास दुबे को एनकाउंटर में ढेर कर दिया हो। लेकिन, उसे उज्जैन महाकाल मंदिर में पकड़कर पुलिस को सौंपने का साहस दिखाने वाला एक प्राइवेट सुरक्षागार्ड लाखन यादव है। जिसकी तारीफ भी हो रही है। बता दें कि ये सुरक्षा गार्ड मूलरूप से बिहार का रहने वाला है।

वहीं, 65 गार्डों में अकेले इस कार्य को करने वाले 28 वर्षीय लाखन यादव को बुलाकर उज्जैन के डीएम-एसएसपी ने पूछताछ की है। इसकी जानकारी लाखन ने अपने घरवालों को भी दी है। साथ ही कहा है कि उसे, कंपनी (एसआईएस) से बहादुरी के लिए सम्मानित भी किया जाएगा।

 

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