खुशखबरी: बिहार के बासु बने माइक्रोसॉफ्ट के अंतरराष्ट्रीय कोडिंग डिजाइनिंग कैंपेन के विजेता

दुनिया भर में बिहारी प्रतिभा का लोग लोहा मानते हैं और अक्सर बिहार अपने प्रतिभा के कारण चर्चा में बना रहता है| बिहार के एक लाल ने फिर अपने प्रतिभा के दम पर केवल बिहार हीं नहीं बल्कि पुरे देश का नाम रौशन किया है| पटना के बासु को माइक्रोसॉफ्ट के एक विश्वस्तरीय कोडिंग डिजाइनिंग कैंपेन का विजेता घोषित किया गया है|

‘ऑवर ऑफ़ कोड’ कैंपेन code.org द्वारा आयोजित किया जाता है| यह एक गैर लाभकारी संस्था है जो कि कंप्यूटर विज्ञान को महिलाओं और अल्पसंख्यकों तक पहुचाने और उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए काम करती है| इस कैंपेन को बिल गेट्स, मार्क जुकरबर्ग, बरैक ओबामा और आदि विस्वस्तरीय लीडर सपोर्ट करते हैं|

‘कोड’ और ‘माइक्रोसॉफ्ट’ ने मिलकर दुनियाभर में ४ से १० दिसम्बर के बीच में, अभी तक का सबसे बड़ा इवेंट आयोजित किया है, जिसमें बिहार के बासु के डिजाईन को सोशल मीडिया पर दुनिया भर में उपयोग किया है और आख़िरकार उसे विजेता के रूप में चुना गया|

‘ऑवर ऑफ़ कोड’ एक अंतरराष्ट्रीय कैंपेन है जो 180 से ज्यादा देशों के लगभग दस मिलियन छात्रों तक पहुचती है| कोई भी और कहीं भी इसे आयोजित कर सकती है| 

एक घंटे के ट्यूटोरियल 45 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध हैं। कोई अनुभव आवश्यक नहीं अब तक, 134,272 लोग इसके लिए के पंजीकृत करवा चुकें है|

डिजाइन में एक ऐसा फ्रेम है जिसमें लोग कोडिंग के प्रति अपने प्यार को साझा करने के लिए उपयोग करेंगे। बासु डिजाइन को पूरा करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट इंडिया और माइक्रोसॉफ्ट सिंगापुर टीम के साथ काम कर रहा था।

डिजाइन के बारे में बताते हुए, एक वरिष्ठ माइक्रोसॉफ्ट इंडिया ऑफिसियल ने कहा, “उनका डिजाईन बिलकुल हमारे दिमाग में था।”

 

कौन है बासु ?

बासु बिहार के पटना जिले के निवासी हैं, उनकी 12वीं तक की पढाई पटना में ही हुई और वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक कम्प्यूटर साइंस के एक छात्र है। वे एक पेशेवर एंड्रॉइड डेवलपर है और समाज में बदलाव लाने के मकसद से ऐप्लीकेशन बनाते हैं। वे एक डेक्स स्कूल स्नातक हैं साथ ही उन्होंने संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के लिए भारत में क्षेत्रीय राजदूत के रूप में भी काम किया है। 

बासु को पिछले वर्ष अंतरराष्ट्रीय डायना पुरस्कार और यूनेस्को मल्टीमीडिया युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। 

बासु के पिता रवि भूषण कुमार पटना में भारतीय डाक विभाग के एक कर्मचारी है| उनको अपने बेटे के काम पर गर्व है और उसे यह सब काम करने के लिए प्रोत्साहित करते रहते हैं|

इस शानदार उपलब्धि पर बासु कहतें हैं,

मेरे लिए और मेरे आस-पास के लोगों के लिए यह बहुत गर्व का विषय है| मैं चाहता हूं कि हर लोग कोडिंग सीखें ताकि वे बेहतर परिप्रेक्ष्य प्राप्त कर सकें। और साथ ही यह मेरे लिए एक प्रभाव में लाने के लिए यह एक बढ़िया अवसर था। मैं माइक्रोसॉफ्ट के वरिष्ठ कर्मचारियों के साथ लगातार संपर्क में रहा था जो मुझे इस प्रक्रिया में अच्छी तरह से मार्गदर्शन करते थे। इस सफलता का श्रेय उन सभी लोगों को जाता है, जो मुझे हर दिन प्रेरणा देते हैं|

Reported by: Rahul Dev`

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