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अशोक चौधरी की होगी छुट्टी, नए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का जल्द होगा ऐलान

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी बिहार कांग्रेस को टूट से बचाने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच खबर है कि बिहार के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी की छुट्टी की जा सकती है। खबर है कि आलाकमान ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखाने का मन बना लिया है। अशोक चौधरी पर भीतरघात के आरोप लगे हैं।

पार्टी जल्द नए अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर देगी। इस बीच, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने विधायकों व एमएलसी से मुलाकात कर पार्टी को एकजुट रखने की कोशिश की है।

विधायकों और एमएलसी के साथ अलग-अलग मुलाकात के बाद पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में प्रदेश अध्यक्ष बदलना तय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी की जिम्मेदारी पार्टी के फैसले को अमलीजामा पहनाना है। वह यह तय नहीं कर सकते कि पार्टी को किसके साथ गठबंधन करना चाहिए या किस पार्टी के साथ नहीं करना चाहिए।

राहुल गांधी की पार्टी विधायकों के साथ बेहद सख्त लहजे में ‘क्लास’ लेने के बावजूद पार्टी रणनीतिकार मानते हैं कि कुछ विधायक टूट सकते हैं। पार्टी के एक नेता ने कहा कि जो विधायक राजद के साथ गठबंधन का विरोध कर रहे हैं, वह अब या भविष्य में कभी पार्टी छोड़ सकते हैं। बिहार में अगले साल राज्यसभा चुनाव के वक्त भी यह हो सकता है। राजद का विरोध करने वाले विधायकों की संख्या करीब आठ से दस है।

प्रदेश अध्यक्ष का हटना तय

पार्टी ने अपने सूत्रों के हिसाब से यह पता लगवाया कि जब नीतीश कुमार भाजपा के साथ हाथ मिला कर सत्ता संभाल चुके हैं| पार्टी को नीतीश के खिलाफ जाना है| विधायक खिलाफ हैं भी, अचानक लालू के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाने का क्या मतलब है| पार्टी को यह पता चला कि हस्ताक्षर अभियान के पीछे जो दिमाग है, उसने आधार अपमान को बनाया है कि लालू ने कांग्रेस के साथ दुर्व्यवहार किया है| ऐसे में कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व जल्द कुछ फैसला करे| पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से मिल रही जानकारी की मानें, तो जब मंत्रियों के बंगलों को खाली कराने की बारी आयी, तो नीतीश के करीबी रहे अशोक चौधरी को बंगला खाली करने का नोटिस नहीं मिला| यह बात केंद्रीय नेतृत्व को पूरी तरह खल गयी है और अब पार्टी चार साल से अध्यक्ष रहे अशोक चौधरी को बाहर का रास्ता दिखाने की फिराक में है| वैसे भी कांग्रेस के एक विधायक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि डेढ़ महीने के भीतर कांग्रेस के सांगठनिक चुनाव में राहुल गांधी का अध्यक्ष बनना तय है| अंदर की बात मानें तो केंद्रीय नेतृत्व को यह लग रहा है कि बिहार में यदि कांग्रेस के सांगठनिक चुनाव होंगे, तो अशोक चौधरी उसे प्रभावित करेंगे| अशोक चौधरी भविष्य में कांग्रेस से अलग हटते हैं, तो स्थानीय स्तर के नेताओं को अपने पाले में कर लेंगे, इसलिए पार्टी ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने का निर्णय ले लिया है|

जब रो पड़े प्रदेश अध्यक्ष

इससे पूर्व गुरुवार को एक क्षेत्रीय चैनल से बातचीत में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अशोक चौधरी के कैमरे के सामने आंसू निकल गये. अशोक चौधरी रो पड़े. अशोक चौधरी के दर्द को करीब से देखने वाले उनके नजदीकियों की मानें, तो हाल में कांग्रेस में जो भितरघात चल रही है, उसे लेकर डॉ. अशोक चौधरी पूरी तरह टूट चुके हैं. बिहार में पार्टी की कमान संभाल रहे चौधरी ने चैनल से बातचीत में कहा कि मैंने 25 साल की उम्र से इस पार्टी को ज्वाइन किया. 4 साल से बिहार में पार्टी को खड़ा करने में लगे हुए हैं. मेरी वफादारी पर शक किया जा रहा है. इतना कहने के साथ ही अशोक चौधरी रो पड़े. डॉ अशोक चौधरी ने पार्टी के बड़े नेताओं पर भी बड़ा आरोप लगाया और कहा कि ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के बड़े नेता ही इस सारे खेल को खेल रहे हैं. चौधरी ने कहा कि कुछ बड़े नेता अपने चहेतों को बिहार में पार्टी का अध्यक्ष बनाना चाहते हैं. चौधरी ने कहा कि पार्टी को मेरी वफादारी पर कोई शंका नहीं है, लेकिन दिल्ली में बैठे कुछ सीनियर नेता मुझे बिहार में प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाना चाहते हैं. उसके लिए बड़ा गेम किया जा रहा है. इससे पूर्व कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को  राज्य के विधायकों से मुलाकात की और राज्य के राजनीतिक हालात पर चर्चा की.

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