पटना के सड़कों पर अब लफंगों को सबक सिखायेगी मनु महराज की लेडीज सिंघम

राजधानी में छेड़छाड़ की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के लिए एसएसपी मनु महाराज ने बुधवार को पहल की। पुलिस लाइन में आराम फरमा रहीं 54 महिला सिपाहियों को पुरूष बल के साथ गश्त में लगाया जाएगा।
अब वे छेड़खानी की घटनाएं होने वाले चिह्नित स्थानों पर सुबह और शाम नियमित रूप में गश्त लगाएंगी। उनके हाथ में जरूरत के मुताबिक पिस्टल से लेकर एके-47 तक के हथियार होंगे। इसके अलावा महिला जवान साइकिल और बाइक से गश्ती करेंगी।


पुलिस नियंत्रण कक्ष से संचालित डॉल्फिन मोबाइल की टीम में भी महिला सिपाही और पदाधिकारी को शामिल किया जाएगा। भागलपुर के नाथनगर ट्रेनिंग सेंटर से प्रशिक्षण लेकर आईं महिला जवानों को तीनों पहर की गश्ती में लगाया जाएगा।
दरअसल, एक संस्था के बैनर तले दर्जनभर लड़कियों ने की मनु महाराज से मुलाकात कर कहा कि ‘सर, शहर में लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं। राजधानी में आए दिन छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। लफंगे कभी कमेंट्स करते हैं तो कभी सरेराह दुपट्टा खींच देते हैं। प्लीज, इससे हमें निजात दिलाएं और आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करें।
एसएसपी ने युवतियों को सुरक्षित वातावरण मुहैया कराने का आश्वासन दिया। साथ ही छेड़खानी की घटनाओं पर अंकुश लगाने का भरोसा दिलाया। इस संबंध में उन्होंने पीडि़तों से अपील की कि वे सामने आएं और शिकायत करें, ताकि आरोपित को पकड़ा जा सके।

गोली चलाने में हैं माहिर, इंसास से हैं लैस

छेड़खानी, चेन स्नेचिंग और महिलाओं के साथ होने वाले दूसरे आपराधिक वारदातों को रोकने के लिए पटना पुलिस ने अपनी महिला ब्रिगेड को मैदान में उतारा है. इसमें दो तरह के फोर्स हैं। 30 महिला जवानों का एक दस्ता है, जो इंसास और एके—47 जैसे हथियार से लैस है. भागलपुर के नाथ नगर में 10 महीने की इन्हें जबरदस्त ट्रेनिंग दी गई है। गोली चलाने में ये काफी माहिर हैं. जरूरत पड़ने पर ये बदमाशों और अपराधियों पर गोली चलाने से पीछे नहीं हटेंगी।

चोरी रोकने के लिए ये भी हैं तैयार

पिछले कुछ महीनों में पटना के अंदर चोरी की वारदातों में काफी इजाफा हुआ है। शातिर चोरों ने पटना पुलिस की नींद उड़ा रखी थी. अब बारी पुलिस की है। इन पर लगाम लगाने के लिए मेन रोड से लेकर शहर की गलियों में पुलिस के जवान साइकिल से मूवमेंट करते दिखेंगे। पहले इनकी स्ट्रेंथ 30 जवानों की थी, जिसे बढ़ाकर अब 80 कर दिया गया है. इनके साइकिल में सायरन लगा है, इन्हें व्हीसल भी मिली है. जिन इलाकों में पहले से रात के टाइम ये गुजरते थे, वहां चोरी की वारदातों में कमी आ गई थी।

Search Article

Your Emotions

    %d bloggers like this: