बिहार के 98.8% गावों तक पहुंची बिजली, दिसंबर तक बिहार का हर गांव हो जायेगा रौशन

इस साल के जुलाई तक बिहार के 98.8% गावों तक बिजली पहुँच चुकी है । बिहार के 39,073 गावों में से मात्र 477 गावों तक अभी बिजली पहुंचाना बाकी है। जहां इस साल के अंत तक बिजली पहुंचा देने का लक्ष्य है ।

यह जानकारी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को शनिवार को उर्जा विभाग के समीक्षा बैठक के दौरान दी गई। विभाग के इस उपलब्धि पर अपनी संतुष्टी जताते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दिसंबर तक बाकी बचे हुए 477 गावों में भी बिजली पहुंचा दिया जायें ।

समीक्षा बैठक के दौरान, यह भी निर्णय लिया गया कि काजरा (लखिसराई) और पीरपंती (भागलपुर) में प्रस्तावित तापीय बिजली संयंत्रों के लिए अधिग्रहित भूमि पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रत्येक प्रस्तावित ताप विद्युत संयंत्रों की साइट पर लगभग 1000 एकड़ जमीन उपलब्ध है। जैसा कि सौर संयंत्र अधिक व्यवहार्य हैं, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से खाली भूमि पर सौर संयंत्र स्थापित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा।

मुख्यमंत्री ने बिजली इंजीनियरों को उन सभी घरों में मीटर स्थापित करने के लिए कहा, जो अभी भी वैध मीटर के बिना बिजली प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने घर के बाहर बिजली मीटर को स्थानांतरित करने और उपभोक्ताओं को गुणवत्ता बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक कनेक्शन के साथ एक तटस्थ तार तय करने का भी आदेश दिया।

मुख्य सचिव ने बताया कि 11 केवी एवं कम क्षमता वाले जर्जर तारों को शीघ्र बदलने का निर्देश ऊर्जा विभाग को दिया गया है। कजरा एवं पीरपैंती में पूर्व प्रस्तावित थर्मल पावर स्टेशन के जगह अब सोलर पावर स्टेशन की स्थापना की जाएगी।

इसके अलावा अंजनी कुमार ने बताया, “ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफॉर्मर एवं विद्युत खंभों में शराबबंदी की सूचना अंकित किए जाने तथा उनमें उत्पाद और पुलिस विभाग के नियंत्रण कक्षों के टेलीफोन नंबर का उल्लेख करने का निर्देश दिए हैं. इससे लोग आसानी से गांवों अवैध शराब से संबंधित जानकारी पुलिस तक पहुंचा सकेंगे.”

 

 

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