बिहार समेत पूरे भारतवर्ष में महापर्व छठ की धूम, गूंज रहे हैं लोकगीत

पटना : दीपावली के बाद आने वाला उत्तर भारत और बिहार का प्रमुख पर्व छठ आज से प्रारंभ होने जा रहा है। इस पर्व के दौरान महिलाओं द्वारा निर्जल रहकर सूर्य देवता की आराधना की जाती है। इसे सूर्य षष्ठी या डाला छठ भी कहा जाता है। यह उत्तरभारत के प्रमुख पर्व की तरह ही है। उत्तर भारत के ही साथ यह भारतभर में मनाया जाता है। पूर्वी उत्तरप्रदेश और बिहार के निवासियों द्वारा छठ पर्व के मौके पर गीत गाये जाते हैं सरोवरों और नदियों के तटों पर मेले जैसा माहौल होता है।

कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को पर्व का शुभारंभ नहाय खाय के माध्यम से होता है। इस दौरान हर कहीं उत्सवी माहौल होता है। परिवार के सदस्य व्रत करने वाले के भोजन करने के बाद ही भोजन ग्रहण करते हैं। भोजन में प्याज, लहसून, मिर्च मसाले आदि वर्जित होते हैं। इसके साथ ही चांवल बनाए जाते हैं और चने की दाल आदि व्यंजन बनाकर भोजन तैयार कर लिया जाता है। पर्व के प्रारंभ में कद्दू की सब्जी और अगस्त के फूल से बचका बना लिया जाता है।

व्रत के दौरान पूजन करने वाली महिलाऐं लंबा व्रत करती हैं। छठ पर्व में चार दिनों तक पर्व मनाया जाता है। षष्ठी के अवसर पर महिलाओं द्वारा शाम के समय अस्ताचल सूर्य को अध्र्य दिया जाता है। महिलाऐं पानी में आधे खड़े होकर सूप में फल आदि सामग्री रखकर सूर्य देव का पूजन करती हैं साथ ही सूर्य देव को अध्र्य दिया जाता है। सप्तमी के दिन सुबह के समय पूजन आदि कार्य करने के बाद व्रत खोला जाता है और छठ पर्व पूर्ण होता है।

Search Article

Your Emotions

    %d bloggers like this: