नेपाली कारोबारी सुरेश केडिया ने खोला बिहार पुलिस की पोल…..जानिए क्या है पूरा सच??

मोतिहारी: नेपाली करोबारी को अपराधियों के चुंगुल से आजाद कराने का दावा कर अखबार की सुर्खियां बनी बिहार पुलिस की पोल खुद कारोबारी सुरेश केडिया ने खोल दी। 

 

सुरेश केडिया को अपराधियो के चुंगुल आजाद करा के लाते हुए एसपी जितेंद्र राणा

सुरेश केडिया को अपराधियो के चुंगुल आजाद करा के लाते हुए एसपी जितेंद्र राणा

 

अपराधियों ने नेपाल के कारोबारी सुरेश केडिया को 3 दिन बाद मोतिहारी के कोटवा में छोड़कर फरार हो गए थे। इसका श्रय बिहार पुलिस ले रही थी मगर केडिया परिवार ने यह कहकर सबको चौका दिया की सुरेश केडिया को छुडाने के लिए उसने अपरिधियों को हवाला के जरिये 10 करोड़ रूपये दिये है।

 

 

  • रक्सौल में बेतिया के एसपी विनय कुमार और मोतिहारी एसपी जितेंद्र राणा ने दावा किया था कि पुलिस के दबाव में अपराधियों ने नेपाल के कारोबारी सुरेश को छोड़कर फरार हो गए थे।
  • दूसरी, ओर केडिया ने पुलिस के सामने कहा कि अपराधी के छोड़ने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची।

दोनों के ये बयान ने पुलिस की कार्रवाई पर प्रश्न खड़ा कर दिया है।

 

 दो दिन पहले ही गिरफ्तार हो चुका था किडनैपर
– नेपाल पुलिस के सूत्रों के अनुसार रक्सौल में जिस एक किडनैपर की गिरफ्तारी दिखाई गई है, उसकी दो दिन पहले ही गिरफ्तारी हो गई थी।
– अपहरण के ही दिन ही उसे स्कॉर्पियो के साथ सुगौली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
– मोतिहारी एसपी इससे इंकार करते हैं, वे कहते हैं वह दूसरा मामला है।
– एसपी मोतिहारी का दावा है कि किडनैप में प्रयोग की गई गाड़ी मोतिहारी शहर से बरामद किया गया है।
– इस गाड़ी के साथ बब्बू दूबे गिरोह के सदस्य रंजन झा और जावेद को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर ली है।
– फिर सवाल ये उठता है कि आखिर रक्सौल पुलिस ने वहां से हिरासत में लिए गए आधा दर्जन से अधिक संदिग्धों को मीडिया के सामने क्यों नहीं पेश किया?

 

वहीं इस मामले में फिर से चर्चा में आए मोतिहारी एसपी जीतेंद्र राणा ने कहा कि पुलिस की ओर से निरंतर पड़ रहे दबाव के कारण ही अपराधियों ने नेपाल के कारोबारी को छोड़ा है। यह पूछने पर कि क्या पुलिस के पहुंचने से पहले ही अपराधियों ने केडिया को छोड़कर चले गए थे? एसपी ने कहा कि ये सब पुलिस के ही दबाव में हुआ है। क्या अपराधियों ने केडिया के रिहा होने की सूचना पुलिस को  दी थी? इस पर एसपी ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।

 

पुलिस का गोलमोल जवाब पुलिस के रवैया पर सवाल खडा कर रही है।  इस बात से जाहिर होता है कि पुलिस अपनी नाकामी को छुपाने की कोशिश कर रही है।  इस तरह लोगों को गुमराह करना गलत है।  अपना बिहार वेबसाइट  ने भी  इस न्यूज़ के आते ही वो बात गर्व और हर्ष के साथ शेयर की परन्तु अभी सच्चाई सामने आने के बाद ये जरूर लगा रहा है की ऐसे चीजो से जनता सब के विश्वशनियता पे शक करने लग सकती है !  हमारा उदेश्य  हमेशा से रहा है अपने देश की , बिहार की सकारात्मक खबर , समाचार , प्रेरणा दायक बाते  आप तक पहुचाये ! पुलिस को खुद आ कर इस मामले का खुलासा करना चाहिए और सच समाने रखना चाहिए।

 

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