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खुशखबरी: नीतीश सरकार ने बिहार के शिक्षकों के लिए 3.45 अरब रुपये की मंजूरी दी

बिहार सरकार ने कई महिनों से वेतन का इंतजार कर रहे बिहार के सरकारी स्कूल के शिक्षकों के लिए बहुत बडी खुशखबरी दिया है।

राज्य के जिला परिषद और विभिन्न नगर निकायों में कार्यरत 22,587 माध्यमिक शिक्षक, 11159 उच्च माध्यमिक शिक्षक और 1886 लाइब्रेरियन के वेतन के लिए 8.85 अरब 67 लाख 69,638 रुपये मंजूर किया गया है. सरकार के इस निर्णय से राज्य के शिक्षकों और लाइब्रेरियन के पांच माह के बकाये वेतन का भुगतान होगा. यह जानकारी कैबिनेट सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने दी.

साथ ही उन्होंने यह भी बताया  कि राज्य के विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कॉलेजों में भंडार पाल के मूल स्वीकृत पदों पर योग्य कर्मियों को एक जनवरी 1996 से वैचारिक रूप से 5500-9000 का वेतनमान और एक अप्रैल 1997 से वेतन का लाभ देने का निर्णय लिया गया है.

राज्य के शिक्षण प्रशिक्षण कॉलेजों को सुदृढ़ करने पर 345 करोड़ रुपये खर्च किया जायेगा. शिक्षकों की गुणवत्ता में वृद्धि के लिए विश्व बैंक की मदद से इसे पूरा करने का निर्णय लिया गया है. सरकार के इस निर्णय से राज्य के आठ नये शिक्षक प्रशिक्षण कॉलेज और पांच नये जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण कॉलेज के भवन निर्माण पर 181.93 करोड़ रुपये खर्च होंगे. यह स्वीकृत राशि वित्तीय वर्ष 2015- 16 में खर्च होगी. इसी मद में 2016-17 में राज्य के 185 प्रखंड संसाधन केंद्रों में अध्ययन केंद्र बनाने के लिए 162 करोड़ 78 लाख 89 हजार रुपये खर्च किया जायेगा.

बिहार नेपाल में हुए भारी बारीश का बाढ के रूप में प्रकोप झेल रहा है।  कई जिले के लोग बाढ से प्रभावित है।  हाल ही में खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बाढ़ से प्रभावित जगहों को हवाई सर्वेक्षण किया था।  उसी को ध्यान में रखते हुए बाढ से प्रभावित लोगों के मदद के लिए सरकार ने राशी की मंजूरी दी है।

राज्य सरकार ने आपदा पीड़ितों को राहत और अनुदान के लिए 315 करोड़ रुपये स्वीकृत किया है. यह राशि आकस्मकिता निधि से स्वीकृत किया गया है. सरकार के इस फैसला के राज्य के 13 जिलों में आये बाढ़ के कारण पीड़ित 33 लाख लोगों को मिल सकेगा. वहीं पुलिस आधुनिकीकरण पर 40.40 कराेड़ रुपये खर्च करने का निर्णय लिया गया है. 2015-16 में इस मद में खर्च के लिए केंद्र सरकार द्वारा राज्य को 23.12 करोड़ और राज्यांश मद से 17.28 करोड़ रुपये खर्च करने का निर्णय लिया गया है.

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