गरीब कल्याण रोजगार योजना से UP के 31 और बिहार 32 जिलों को होगा फायदा

125 दिनों तक चलने वाले गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत देश के 116 जिलों में गांव वापस पहुंचे कम से कम हर जिले में 25000 प्रवासी मजदूरों को रोजगार दिया जाएगा.

प्रधानमंत्री मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बिहार के खगड़िया जिले में ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ को लॉन्च किया। कोरोना संकट के बीच लाखों प्रवासी मजदूरो अपने घर पहुंचे हैं। उन्हें रोजगार देने के मकसद से ही इस योजना को लॉन्च किया गया है। दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस अभियान को पीएम ने रिमोट द्वारा बिहार के खगड़िया जिले के ब्लॉक बेलदौर के गांव तेलिहार से लॉन्च किया। 125 दिनों तक चलने वाले गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत देश के 116 जिलों में गांव वापस पहुंचे कम से कम हर जिले में 25000 प्रवासी मजदूरों को रोजगार दिया जाएगा।

इसके तहत अब गांव में ही 25 तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े काम दिए जाएंगे, जिसके लिए 50 हजार करोड़ रुपए का बजट एलोकेट किया गया है। 50 हजार करोड़ रुपये की लागत से शुरू की जा रही इस योजना के तहत कामगारों को 25 प्रकार के काम दिए जाएंगे।  जिन राज्यों को इस योजना से फायदा होगा, उसमें बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा शामिल हैं। सरकार का दावा है कि मजदूरों की स्किल मैपिंग की गई है। मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत लद्दाख में शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ की। उन्होंने कहा कि शहीदों को परिवारों को भरोसा दिलाता हूं कि पूरा देश उनके साथ है। माना जा रहा है कि बिहार से योजना शुरू करने की वजह राज्य में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव हैं।

अभियान की प्रेरणा मिली प्रवासी मजदूरों से

उत्तर प्रदेश के उन्नाव की खबर का जिक्र करते हुए कहा कि इस काम की प्रेरणा प्रवासी मजदूरों से ही मिली। गांव के सरकारी स्कूल में बने क्वारंटाइन सेंटर को प्रवासी मजदूरों ने आगे बढ़कर उसकी रंगाई-पुताई करके उसकी काया पलट कर दी। पीएम ने कहा कि क्वारंटाइन में रह रहे मजदूरों का यह काम मुझे बहुत प्रेरित किया। पीएम ने कहा कि शहरों की तरह ही गांव में सस्ता और तेज इंटरनेट जरूरी है। हर गांव में पंचायत भवन बनेंगे। गांवों में इंटरनेट की स्पीड बढ़ाने के लिए भी काम होगा क्योंकि पहली बार शहरों से ज्यादा गांवों में इंटरनेट का इस्तेमाल हो रहा है।

ये काम कराएं जाएंगे

जल जीवन मिशन, ग्राम सड़क योजना जैसी कई सरकारी योजनाओं के जरिए प्रवासियों को काम के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस योजना के तहत सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण, ग्राम पंचायत भवन, राष्ट्रीय राजमार्ग के काम, कुओं का निर्माण, आंगनवाड़ी केंद्र का काम, पीएम आवास योजना का काम, ग्रामीण सड़क और सीमा सड़क, पीएम कुसुम योजना, पीएम ऊर्जा गंगा प्रोजेक्ट, पशु शेड बनाने का काम, केंचुआ खाद यूनिट तैयार करना, पौधारोपण, जल संरक्षण और संचयन, भारतीय रेलवे के तहत आने वाले कामों की तरह ही अन्य कामों को भी शामिल किया गया है।

पीएम मोदी ने गांव के लोगो की प्रशंसा

लॉन्चिग के बाद पीएम ने कहा कि कोरोना संकट के साथ राज्य सरकार हो या केंद्र सरकार को आपकी चिंता थी। भारत के गांवों ने जिस तरह कोरोना का मुकाबला किया है वह शहरों के लिए सबक है। 85 प्रतिशत आबादी वाले गांवों के लोगों ने कोरोना के संक्रमण को बहुत प्रभावी तरीके से रोका है। पीएम ने कहा कि आप इस प्रशंसा के हकदार हैं। उन्होंने कहा कि आपके इस पराक्रम पर कोई आपकी पीठ थपथपाए या न थपथपाए, मैं जरूर थपथपाउंगा।

प्रवासी मजदूरों से पूछा हाल 

हरियाणा में राजमिस्त्री के तौर पर काम करने वाले एक प्रवासी श्रमिक से प्रधानमंत्री ने बात की। इस दौरान पांच राज्यों- बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा के मुख्यमंत्री मौजूद रहे।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी उपस्थित थे। इसके अलावा योजना से संबंध रखने वाले मंत्रालयों के केंद्रीय मंत्री भी इसमें शामिल हुए।

Search Article

Your Emotions

    %d bloggers like this: