बिहार छोड़ राज्यसभा जाने की तैयारी में है नीतीश, मुख्यमंत्री से देंगे इस्तीफा

जेदयू द्वरा अली अनवर को  निष्कासित किये जाने के बाद खाली हुए राज्यसभा सीट के साथ बिहार कोटे के अन्य पांच राज्यसभा सीटें 2 अप्रैल को खाली हो रहें हैं।

चुनाव आयोग ने इन 6 सीटों पर चुनाव के लिए तो अभी तक कोई तारिख का ऐलान नहीं किया है मगर इसको लेकर सियासी गलियारों में गहमा-गहमी और राजनीतिक पार्टियों के अंदर मंथन शुरू हो चुके हैं।

पिछले वर्ष जुलाई में महागठबंधन टूटने के बाद और नीतीश कुमार का फिर से बीजेपी से हाथ मिलाने के बाद,  बिहार की राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदल चुकी है।

अली अनवर के अलावा 2 अप्रैल को बीजेपी से केंद्रीय मंत्री धरमेंद्र प्रधान और रविशंकर प्रसाद रिटायर हो रहे हैं, और जेदयू से किंग महेंद्र, वशिष्ठ नारायण सिंह और अनिल कुमार सहनी का भी कार्यकाल खत्म हो रहा है।

आंकड़ों का खेल

243 की संख्या वाले बिहार विधानसभा में राजद के 79, जदयू के 71, बीजेपी के 52 और कांग्रेस के 27 विधायक हैं। इस आधार पर राजद और जदयू आराम से 2-2 सीट जीत सकती है, बीजेपी 1 तो राजद के मदद से कांग्रेस भी 1 सीत जीतने में संफल हो सकती है।

नीतीश कुमार जा सकते है राज्यसभा 

बिहार के मुख्यमंत्री पिछले दो दिन दिल्ली में थे। पार्टी सूत्रों से मिली खबर के अनुसार नीतीश कुमार अपने पार्टी के वरिष्ठ राज्यसभा सांसदों और नेताओं से बिहार भवन में मुलाकात करके इन मुद्दों पर बात की।

‘द हिन्दू’ में छपे खबर के अनुसार राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि महेंद्र प्रसाद और नीतीश कुमार पार्टी के दो राज्यसभा उम्मीदवार होंगे। क्योंकि नीतीश कुमार केंद्रीय राजनीति में अब एक नये रोल के साथ दिल्ली आ सकते हैं। गौरतलब है कि नीतीश कुमार को हाल ही में  जेड प्लस सुरक्षा मुहाया कराया गया है और साथ ही दिल्ली के लुटीयनस जोन उनके नाम पर एक बड़ा सा बंगला भी आवंटित किया गया है।

हालांकि जेदयू ने इस खबर को अफवाह और विपक्ष की साजिश बताया है। मगर, धुंआ अगर उठी है तो आग भी कहीं जरूर लगी होगी। वैसे ज्ञात हो कि नीतीश कुमार हमेशा सबको चौकाने वाले फैसले लेते रहते हैं।

Search Article

Your Emotions

    %d bloggers like this: