पटना के प्रभात बने अमेजॉन पर बेस्ट सेलर: पटना पुस्तक मेले में भी छाई है किताब

पटना पुस्तक मेले का शुभारंभ हो चुका है। इस मेले में शामिल विभिन्न किताबों में एक किताब ऐसी भी है जो अक्टूबर में प्रकाशित हुई और इतने कम समय में ही अमेजन पर बेस्ट सेलर बन गयी। इस किताब के लेखक पटना के मूल निवासी हैं। जी हाँ! दिल्ली की प्रकाशक स्टोरी मिरर द्वारा प्रकाशित इस किताब का नाम है ‘विद यू विदाउट यू’ और इसके लेखक हैं प्रभात रंजन। 

लव ट्रायंगल को अलग नजरिये से पेश करती हुई यह कहानी युवाओं के बीच खासी लोकप्रियता बटोर रही है। सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में समीक्षकों का ध्यान आकर्षित कर रही इस किताब को लेकर पटना पुस्तक मेले में भी उत्सुकता अपने चरम पर है। इस सिलसिले में मेले के तीसरे दिन किताब के लेखक प्रभात रंजन कस्तूरबा मंच से पाठकों के सामने आए और उनके सीधे सवालों का जवाब दिया।

परिचर्चा की कोऑर्डिनेटर अनामिका झा के दोस्ती और प्यार में अंतर्द्वंद्व के सवाल पर जवाब देते हुए प्रभात रंजन ने कहा कि दोस्ती और प्यार दिल से जुड़े एक सरीखे दो निजी रिश्ते हैं, जिनके बीच कई बार काफी महीन रेखा होती है, तो कई बार ये आपस में ही इतने उलझे होते हैं कि निर्दोष मन के लिए उचित निर्णय कठिन हो जाता है। कई बार आप समझ ही नहीं पाते कि आपका दोस्त कब आपका प्यार बन गया, तो कई बार आप किसी के प्यार में होते हुए भी उसे दोस्त ही मानते रहते हैं।

‘पाठक-लेखक-संवाद’ के दौरान युवा पाठिका श्रुति की किताब के विषय के सवाल पर जवाब देते हुए लेखक ने कहा कि किताब एक लव ट्राइंगल है। लेकिन यह फ़िल्मी नहीं है, बल्कि हमारे बीच घटित होती सी कहानी है। इस कहानी के पात्र आपको अपने आस-पास हर जगह दिख जायेंगे, कुछ इस कहानी से प्रभावित दिखेंगे, तो कुछ इस कहानी को प्रभावित करते दिखेंगे। जिन्हें भी मानवीय रिश्तों की विवेचना में रूचि है, उन्हें यह पसंद आयेगी।

अपनी अगली किताब के बारे में बताते हुए प्रभात रंजन ने कहा कि वह भारत-पाकिस्तान को केंद्र में रख कर लिखी गयी प्रियंका नाम की लड़की की प्रेम कहानी है। किताब का नाम है ‘प्रियंका – एक पाकिस्तानी लड़की’ है, जो संभवत: अगले साल मार्च में आ जायेगी। यह किताब भारत-पाकिस्तान के विभाजन से अब तक के दोनों देशों के संबंध और उन संबंधों से लाखों जिंदगी के बदलाव पर संवाद करती है। प्रभात रंजन ने यह रोचक बात भी दर्शकों से साझा किया कि जिस विषय पर प्रियंका एक पाकिस्तानी लड़की लिखी गयी है। हिंदी या किसी भी भारतीय भाषा में इस विषय पर अब तक नहीं लिखा गया है।
प्रभात रंजन की परिचर्चा के दौरान दर्शकों की जबर्दस्त भीड़ मौजूद रही। दर्शक भी अपने पटना शहर के बेस्ट सेलिंग लेखक को उत्सुकता से सुनती रही। प्रभात रंजन के साथ सेल्फी लेने के लिए युवा पाठकों के बीच होड़ लगी रही। पाठक उनकी हालिया बेस्ट सेलर किताब ‘विद यू विद आउट यू’ के प्रति पर लेखक का ऑटोग्राफ भी लेते रहे। पाठकों का नए लेखक के प्रति सहृदय स्नेह देख यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि हिंदी एक नयी करवट ले रही है, जिसमें प्रभात रंजन उसे एक नयी दिशा दे रहे हैं। बता दें कि युवा कवि अंचित, उत्कर्ष, बिहारशरीफ से आये कवि आलोक मिश्रा, जहानाबाद से आये शुभम के साथ कई साहित्य प्रेमी प्रभात रंजन की परिचर्चा में शामिल रहे।

नेहा नूपुर: पलकों के आसमान में नए रंग भरने की चाहत के साथ शब्दों के ताने-बाने गुनती हूँ, बुनती हूँ। In short, कवि हूँ मैं @जीवन के नूपुर और ब्लॉगर भी।