छठ पूजा: सौर्यपुत्र कर्ण देते थे भगवान् सूर्य को अर्ध।

कर्ण देते थे, सूर्य को अर्ध

अंग प्रदेश की पावन धरती पर चंपा नदी का तट कई ऐतिहासिक कहानियों को संजो कर रखा है.
यहां पर(वर्तमान मे नाथनगर क्षेत्र )जिस ऊंचे टिल्हे से महाभारत काल के महायोद्धा कर्ण भागवान भास्कर को अर्ध दिया करते थे,वह ऊंचा टिल्हा चंपानगर के मसकन बरारी मोहल्ले के उत्तर मे आज भी अवस्थित है.

यहां आज भी छठ व्रती लोक आस्था के महापर्व पर उदयीमान और अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को अर्ध देते हैं. इसबार भी यहां जोर शोर से तैयारी की जा रही है,ताकि छठ व्रती व श्रद्धालुओं को छठ के दौरान कोई नहीं हो. स्थानीय लोगों का मानना है कि अंग प्रदेश की धरती पर कर्ण ने ही सबसे पहले छठ पर्व की शुरुआत की थी.वे ब्रहा मुहूर्त में गंगा स्नान करने के बाद रोजाना इसी ऊंचे टिल्हे से भगवान सूर्य को अर्ध प्रदान करते थे.
पूरे बिहार वासियों को महा पर्व छठ की शुभकामनाएं।

लेखक:- मनीष यादव बैलोरी पुर्णियाँ, बिहार

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