बिहार रणजी टीम से क्रिकेट कैरियर शरु करने वाले माही ने देश के लिए खेला 300 वनडे मैच

संयुक्त बिहार के एक छोटे से शहर में जन्म लेकर बिहार रणजी टीम से अपना क्रिकेट कैरियर की शुरुआत करने वाले महिंद्र सिंह धोनी आज भारतीय टीम के लिए 300 वनडे मैच खेलने वाले कुछ चुनिंदा खिलाडियों में से एक हो गयें हैं| भारत की तरफ से धोनी से पहले सचिन तेंदुलकर (463), राहुल द्रविड़ (344), मोहम्मद अजहरुद्दीन (334), सौरव गांगुली (311) और युवराज सिंह (304) यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं|

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ सीरीज का चौथा वनडे मैच बेहद यादगार था। धोनी के वनडे करियर का यग 300वां मैच था। टीम इंडिया और क्रिकेट जगत से जुड़े लोगों ने धोनी के करियर के पड़ाव को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। टीम इंडिया ने मैच से पहले धोनी को एक स्मृति चिन्ह भेंट किया।

विराट कोहली ने धोनी को मोमेंटो देने से पहले कहा, हम में से नब्बे प्रतिशत लोगों का करियर आपकी कप्तानी में शुरू हुआ। आपको ये मोमेंटो( स्मृति चिन्ह) देने में गर्व महसूस हो रहा है। आप हमेशा हमारे कप्तान बने रहेंगे।

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने धोनी को शुभकामनाएं देते हुए कहा, करियर में वनडे कैप 300वीं बार पहनना निश्चित तौर पर एक उपलब्धि है! आशा करता हूं कि आपके लिए आज का मैच बेहतरीन होगा।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल ने धोनी के 300वें वनडे के मौके पर 2011 विश्वकप के फाइनल में खेली उनकी पारी का वीडियो शेयर किया और लिखा 300वां वनडे खेलने वाले धोनी के करियर की टीम इंडिया को विश्वचैंपियन बनाने वाली पारी को फिर से जी लें। एक और ट्वीट में धोनी को करियर का शानदार बताते हुए आईसीसी ने लिखा, आंकड़े झूठ नहीं बोलते।

बनाया ‘नॉटआउट’ का वर्ल्ड रिकॉर्ड 

धोनी ने श्रीलंका के खिलाफ चौथे वनडे में ‘नॉटआउट’ का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है| धोनी इस मैच में 49 रनों पर नाबाद लौटे हैं| बता दें कि वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार नॉट आउट रहने के रिकॉर्ड में चमिंडा वास और शॉन पोलाक की बराबरी कर ली थी| धोनी अभी तक 73 बार वनडे क्रिकेट में नॉट आउट पवेलियन लौटे हैं|

वहीं, लक्ष्य का पीछा करने के दौरान वो 40 बार नॉट आउट रहे हैं और इस दौरान उन्होंने 27 बार अपने बल्ले से रन बनाकर टीम को जीत दिलाई है. वहीं धोनी टी-20 में कुल 33 बार नॉट आउट रहे हैं और लक्ष्य का पीछा करने के दौरान वो 12 बार नॉट आउट रहे हैं| उन्होंने खेल के इस फॉर्मेट में 9 बार अपने बल्ले से रन बनाकर टीम को जीत दिलाई है|

इनके नाम हैं रिकॉर्ड –

महेंद्र सिंह धोनी – 40 बार

जोंटी रोड्स – 33 बार

इंजमाम उल हक – 32 बार

रिकी पोंटिंग – 31 बार

स्टंपिंग के ‘शतक’ से एक कदम दूर हैं धोनी 

श्रीलंका के खिलाफ पाल्लेकेले में ही तीसरे वन डे के दौरान धोनी के पास एक और शतक बनाने का मौका था, लेकिन वह इसे पूरा नहीं कर पाए| धोनी अब तक वन डे में 99 स्टंपिंग करते हुए इस मामले में श्रीलंका के विकेट कीपर कुमार संगकारा के बराबर हैं| तीसरे वन डे में 100 वीं स्टंपिंग करते हुए वह संगकारा को छोड़ इतिहास रच देते थे| पर वह ऐसा नहीं कर पाए| इसके लिए शायर धोनी को आगे के मैचों का इंतजार करना पड़ेगा| धोनी ने 299 वन डे में 99 स्टंपिंग की है| श्रीलंका के विकेट कीपर कुमार संगकारा ने 404 मैचों में 99 स्टंपिंग किए थे. मैचों के लिहाज से धोनी संगकारा से बहुत आगे हैं|

बता दें कि टीम इंडिया ने टेस्ट में श्रीलंका का सफाया करने के बाद वनडे सीरीज भी जीत ली है| तीसरे वनडे में विराट ब्रिगेड ने मेजबान टीम को 6 विकेट से मात दी| इसके साथ ही टीम इंडिया ने पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अपराजेय बढ़त ले ली| भारत की जीत में रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी के बीच पांचवें विकट के लिए 157 रनों की अविजित साझेदारी निर्णायक साबित हुई. सीरीज का पहला वनडे भारत ने 9 विकेट से और दूसरा वनडे 3 विकेट से जीता था|

सीरीज में अपने बल्‍लेबाजी प्रदर्शन से टीम इंडिया के पूर्व कप्‍तान ने उन आलोचकों को मुंहतोड़ जवाब दिया है जो उन्‍हें चुका हुआ मानकर वर्ल्‍डकप 2019 के लिए उनके विकल्‍प को तलाशने की सलाह दे रहे थे| सीरीज के दूसरे वनडे मैच में जब टीम इंडिया 131 रन पर सात विकेट गंवा चुकी थी तब धोनी ने भुवनेश्‍वर कुमार के साथ मिलकर टीम इंडिया को तीन विकेट की यादगार जीत दिलाई| उन्‍होंने विपरीत परिस्थितियों में भुवी के साथ जिस तरह से 100 रन की अविजित साझेदारी की, उसने माही के ‘फिनिशर’ के रोल की याद ताजा कर दी| रविवार को तीसरे वनडे मैच में भी धोनी, रोहित शर्मा के आदर्श जोड़ीदार साबित हुए| उन्‍होंने इस मैच में रोहित के साथ नाबाद 157 रन की साझेदारी करते हुए टीम इंडिया को छह विकेट की जीत दिलाई| इस जीत के साथ टीम इंडिया ने सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली थी|

 

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