यूपीएससी में एक बार फिर बिहारियों का जलवा, 18 प्रतियोगियों को मिली सफलता

देश के प्रतिष्ठित यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा का रिजल्ट आज जारी कर दिया गया है. इसमें केआर नंदिनी ने पूरे देश में टाॅप किया है. वहीं दूसरे स्‍थान पर अनमोल शेर सिंह बेदी रहे, जबकि गोपाल कृष्ण रोनंकी को तीसरा स्‍थान मिला है.

 

यह अलग बात है कि बिहार में 12वीं के नतीजे संतोषजनक नहीं रहे। लेकिन बुधवार को यूपीएससी 2016 का आया रिजल्ट देखकर बिहार के लोगों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। लोग कह रहे हैं बिहारी जैसे लाल तूने कर दिया कमाल। दरअसल, कुल 1099 सफल हुए प्रतियोगियों में करीब 18 बिहार से है। यह बिहारवासियों के लिए फक्र की बात है।

 

समस्तीपुर जिले के श्रीकृष्णापुरी मोहल्ला निवासी प्रेरणा दीक्षित ने अपने पहले ही प्रयास में यूपीएसएसी की परीक्षा में सफलता हासिल कर जिले का नाम पूरे देश में रोशन किया है। उन्हें ऑल इंडिया में 57वां रैंक मिला है।

समस्तीपुर में पली-बढ़ीं प्रेरणा ने दसवीं की परीक्षा समस्तीपुर से ही पास की थीं। 12वीं उन्होंने पटना सेंट्रल स्कूल से किया। इसके बाद वेल्लोर से बायोटेक की पढ़ाई की। इसके बाद एनआईटी राउरकेला से एमटेक की डिग्री लीं। दरभंगा के प्रसिद्ध चिकित्सक व पदमश्री डॉ मोहन मिश्रा की नतिनी सौम्या झा ने पहले प्रयास में ही 58वां रैंक प्राप्त किया है। उनके पिता संजय कुमार झा आइपीएस अधिकारी, जबकि मां डॉ मातंगी झा चिकित्सक हैं। सौम्या मूल रूप से मधुबनी जिले के डुमरा गांव की रहनेवाली हैं। उन्होंने डीएवी पटना से 10वीं की परीक्षा पास की। डीपीएस दिल्ली से इंटर पास करने के बाद वह मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई 2016 में पूरी की।

मधुबनी के मूल निवासी नीरज कुमार झा को 109वां रैंक मिला है। उनकी परिवार फिलहाल धनबाद में रहता है। नीरज के पिता दामोदर वैली कार्पोरेशन में कार्यरत हैं। दरभंगा के सुमित कुमार झा ने 111वां रैंक हासिल किया है। आईआईटी रूड़की से बीटेक सुमित को यह सफलता दूसरे प्रयास में मिली।

 

सहरसा में चैनपुर के सत्यम ठाकुर ने इस परीक्षा में 218वां रैंक हासिल किया है. प्रदीप ठाकुर के पुत्र और स्व जयनारायण ठाकुर के पौत्र सत्यम शुरू से ही मेधावी रहे है. वहीं शेखपुरा के बरबीघा निवासी अभिषेक को ने इस परीक्षा में 773वां रैंक हासिल किया है. वहीं गया के प्रभात रंजन पाठक को 137वां रैंक मिला है. प्रभात रंजन पाठक आइआइटी आइएसएम के छात्र रहे है.

 

पुलिसकर्मी के होनहार बेटे ने यूपीएससी की परीक्षा में लगातार दूसरी बार मारी बाजी

बरबीघा (शेखपुरा) : प्रखंड के सामस खुर्द पंचायत अंतर्गत खोजा गाछी गांव निवासी एवं झारखंड पुलिस विभाग के एक साधारण कर्मी विजय कुमार सिंह के होनहार बेटे अभिषेक कुमार ने यूपीएससी की परीक्षा में लगातार दूसरी बार सफलता हासिल कर क्षेत्र के लोगों को गौरवान्वित कर दिया. बचपन से मेधावी छात्र के रूप में लोकप्रिय अभिषेक कुमार सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्य करते हुए विगत वर्ष यूपीएससी की अंतिम परीक्षा में 1028 वां रैंक लाकर वर्तमान समय में आयकर विभाग में उपायुक्त के पद पर कार्यरत था.

 

बुधवार की देर शाम यूपीएससी की अंतिम परीक्षा परिणाम की घोषणा होते ही 773 में रैंक पर बाजी मार कर अभिषेक कुमार ने क्षेत्रवासियों को फिर से एक बार गौरवान्वित होने का अवसर प्रदान किया है. अभिषेक कुमार के इस भव्य सफलता पर उसके बचपन के मित्र रहे चिंटू कुमार धर्म उदय कुमार महावीर मेडिकल हॉल के विवेक कुमार डिवाइन लाइट पब्लिक स्कूल के उप निदेशक सुधांशु शेखर मॉडर्न इंस्टिट्यूट ऑफ बायोलॉजी के प्राचार्य मोहम्मद शब्बीर हुसैन बंटी अरूण साथी गणनायक मिस्र डॉक्टर मुनेश्वर प्रसाद सिंह डॉक्टर प्रेमलता सिंह आदि लोगों ने बधाइयां और शुभकामना दी .

भोजपुर के लाल ने किया कमाल, यूपीएससी में मिला 141 वां रैंक

आरा. भोजपुर के लाल ने यूपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल कर जिले का नाम रौशन किया है. जिले के बड़हरा प्रखंड के सबलपुर गांव के रहने वाले नितेश पांडेय ने यूपीएससी की परीक्षा में 141 वां रैंक हासिल किया है. नितेश के पिता श्रीमत पांडेय राजस्थान में विद्युत बोर्ड के चेयरमैन है. वे राजस्थान के प्रधान सचिव भी रह चुके है. नितेश की इस सफलता से पूरा गांव खुशी व्यक्त कतर रहा है.

 

आइआइटी चेन्नई से इलेक्ट्रीकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद से ही नितेश आइएएस बनने का सपना मन में संजोये हुए थे. इस बार की परीक्षा में नितेश को सफलता हासिल हुई और 141 वां रैंक मिला. नितेश के छोटे भाई सशांक पांडेय भी आइआइटीयन है. दो भाईयों में नितेश बड़े है. नितेश की शादी भी हो चुकी है. यूपीएससी की परीक्षा में 141 वां रैंक लाने वाले नितेश पांडेय 18 लाख के पैकेज पर एक प्राइवेट कंपनी में काम करते है. नितेश की पत्नी भी पेशे से डॉक्टर है.

 

मुजफ्फरपुर के सुमन शेखर ने सिविल सेवा परीक्षा में पहली प्रयास में ही 133वां स्थान प्राप्त किया है।सुधांशु कुमार के पुत्र और राम प्रमोद बाबू के प्रपौत्र सुमन शेखर का पैतृक गांव औराई प्रखंड के सरहचिया में है।प्रमोद बाबू अवकाशप्राप्त डिस्ट्रिक्ट जज है।

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