बिहार की बेटी नैन्सी के साथ ऐसी दरिंदगी की गई है कि जानकर आपका दिल दहल जायेगा

तस्वीर को गौर से देखिए। सबसे पहले ज़िंदा तस्वीर को देखिए। बारह साल की नैन्सी झा बहुत ख़ुश है अपने दोस्तों के साथ। बहुत ही सुंदर है, जैसे की इस उम्र का हर बच्चा या बच्ची होती है। ख़ुश है। फिर दूसरी तस्वीर में नैन्सी झा मार दी गई है। उसको भी देखिए। उसको इसलिए देखिए क्योंकि उस तस्वीर में आपको प्रशासन की नाकामी, नपुंसकता के साथ-साथ इलाके के किसी दबंग के कुकृत्यों की हिंसक छाप दिखेगी। तीसरी तस्वीर देखिए। उसको थोड़ा देर तक देखिए तो शायद इसमें आपको आपकी बहन, बेटी, भतीजी कोई भी नज़र आ सकती है।

 

 

 

 

एक शिक्षक की बिटिया है नैन्सी। वो अब थी हो गई। महादेवमठ गाँव के रवीन्द्रनारायण झा की बेटी थी। 25 मई की शाम को गायब हो गई, और दो दिन बाद जब मिली तो नैन्सी के शव को काट-काट कर क्षत-विक्षत कर दिया गया था। फेसबुक पर किसी ने बताया कि अभियुक्तों के घर पुलिस के कुत्ते घुसे लेकिन दबंग आदमी है। पुलिस से इनका शराब का ब्लैक में लेन-देन चलता रहता है।

 

ये सब तो कहते-कहते अब थक गया हूँ कि बिहार में कानून व्यवस्था किस हालत में पहुँच गई है। फिर भी 12 साल की नैन्सी मार दी गई तो दुःख तो होगा ही। दुःख से ज़्यादा शायद क्रोध होता है ऐसी हालत में तस्वीरों को देखकर। ज़्यादा दुःख तब होता है जब मैं लिखने के अलावा और कुछ नहीं कर सकता। हो सकता है इसे दबा दिया जाय क्योंकि उसके सरनेम में ‘झा’ है। ब्राह्मण है, जिसकी ज़िंदगी आज के बौद्धिक भारत में किसी काम की नहीं है। जितने मरे उतना अच्छा है।

 

इसीलिए ऐसी बातों का पता मिथिला क्षेत्र के किसी व्यक्ति को इसे मिथिला से जोड़कर बताना पड़ता है कि कम से कम इस कारण भी तो लोग इसके बारे में जाने। आपलोग जो भी मिथिला राज्य करते रहते हैं, मेरे टाइमलाइन पर हमेशा लड़ते हैं ज्ञापन दे देने को लेकर, नैन्सी किसी रियालिटी शो का हिस्सा नहीं थी। वो आपकी, हमारी बहन है। आप जो कर सकते हैं कीजिए, धरना दीजिए एसपी आवास पर। हटिए मत। आपको अपनी उपस्थिति ही दर्ज करानी है तो इस बच्ची के माँ-बाप को न्याय दिला कर कीजिए। वरना स्टंटबाजी तो आपलोग हमेशा करते हैं।

 

नैन्सी को मार दिया गया। उसकी लाश को काटकर फेंक दिया गया। अगर इसको आप मुद्दा नहीं मानते हैं, तो फिर मुद्दा कुछ भी नहीं है।

 

Courtesy: Ajeet Bharti

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