महाबोधी मंदिर बोधगया में अन्तराष्ट्रिय त्रिपिटक पूजा 2 दिसम्बर से, भाग लेंगे 13 देशों से श्रद्धालु

महाबोधी मंदिर बोधगया में 2 दिसंबर से 13 दिसम्बर तक त्रिपिटक पाठ का होगा आयोजन

त्रिपिटक के माध्यम से दुनियां को दी जाएगी विश्वशांति,भाईचारा एवं विश्व बंधुत्व का संदेश

गया। बोधगया के महाबोधि मंदिर में इंटरनेशनल त्रिपिटक सूत्त पाठ 2 दिसंबर से शुरू हो रही है। इसका समापन 13 दिसम्बर को होगा। इसमें शामिल होने के लिए 13 बौद्ध देशों के 10 हजार से अधिक प्रतिनिधि बोधगया पहुंचेंगे। त्रिपिटक पूजा की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। गुरुवार को विभिन्न देशों के बौद्ध प्रतिनिधियों ने बैठक कर तैयारी का समीक्षा की। भारत की ओर से इसका प्रतिनिधित्व गवर्नर रामनाथ कोविंद करेंगे। इसमें भाग लेने के लिए गवर्नर 2 दिसबंर को बोधगया आएंगे। इस मौके पर 13 बौद्ध धर्मगुरुओं द्वारा विश्वशांति की कामना के साथ महाबोधि मंदिर में त्रिपिटक सूत्त पाठ शुरू होगी। समारोह को लेकर महाबोधि मंदिर तथा आसपास के क्षेत्रों को आकर्षक तरीके से सजाया जा रहा है। महाबोधि मंदिर में सूत पाठ करने वाले बौद्ध भिक्षुओं के लिए अलग-अलग सुंदर पंडाल बनाने का काम चल रहा है। भारत, बंगलादेश, श्रीलंका, लाओस, कम्बोडिया, म्यामांर, नेपाल, थाईलैंड, सिंगापुर देशों के धर्मगुरुओं के साथ बड़ी संख्या में बौद्ध श्रद्धालु बोधगया पहुंचेंगे। इसको लेकर बोधगया में चहल पलह बढ़ी हुई है। पूजा का आयोजन लाइट ऑफ बुद्धा धम्मा फाउंडेशन कर रही है। आयोजन समिति की वांगवो डिस्की ने बताया कि एक दिसम्बर को इंटरनेशनल धम्मा कॉन्फ्रेंस का आयोजन होगा और दो दिसबंर शोभयात्रा के साथ त्रिपिटक सूत्त पाठ शुरू होगा।त्रिपिटक से बौद्ध भिक्षुओं को एक सूत्र में बांधने की होगी कोशिश बौद्ध भिक्षुओं को एक सूत्र में बांधने के लिए त्रिपिटक सूत्तपाठ का आयोजन एक बड़ी कोशिश होगी। बोधगया में आयोजित इंटरनेशनल त्रिपिटक पाठ में इंडोनेशिया, मलेशिया जैसे मुस्लिम देशों के लोग भी शामिल होंगे। त्रिपिटक के माध्यम से दुनियां को विश्वशांति,भाईचारा एवं विश्व बंधुत्व का संदेश दी जाएगी।

इस आयोजन में शामिल बौद्ध देशों के भिक्षुओं के बीच उनके स्थानीय भाषा में त्रिपिटक का अनुवाद किया गया है। ताकि आसानी से बौद्ध भिक्षु पाठ कर सकें। और किसी प्रकार की दिक्कत ना हो…

 

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