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फिर सीबीआई के निदेशक बनेंगे बिहार कैडर के अफसर, हावी रहेगी बिहार लॉबी|

अनिल सिन्हा, जो सीबीआई के निदेशक थें, रिटायर हो गए हैं| अनिल सिन्हा ने गुजरात काडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना को अपना प्रभार सौंप दिया है. सीबीआई के पूर्ण कालिक निदेशक की रेस में बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी कृष्णा चौधरी और मूल रूप से बिहार के आईपीएस आलोक वर्मा का नाम भी चल रहा है. अगर कृष्णा चौधरी के नाम पर अंतिम मुहर लगती है तो इस पद पर बिहार की हैट्रिक होगी|

दरअसल, बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी रंजीत सिन्हा की जगह अनिल सिन्हा को सीबीआई का निदेशक बनाया गया था. अनिल सिन्हा भी बिहार कैडर के ही आईपीएस अधिकारी हैं.बिहार कैडर के 1979 बैच की आईपीएस अधिकारी कृष्णा चौधरी फिलहला आईटीबीपी के डायरेक्टर जनरल के तौर पर काम कर रहे हैं. भारत तिब्बत सीमा सुरक्षा बल के डीजी के रूप में इनके काम को काफी सराहा गया है. भारत-चीन सीमा पर कृष्णा चौधरी के काम की मोदी ने तारीफ की थी| कृष्णा चौधरी का सीबीआई में काम करने का अनुभव भी है|

ये दो महिला आईपीएस भी बन सकती हैं सीबीआई चीफ

सीबीआई के नए निदेशक की रेस में दो महिला आईपीएस अफसरों के नामों पर भी चर्चा है| ऐसा शायद ही कभी हुआ है कि दो महिला आईपीएस अधिकारियों का नाम एक साथ सीबीआई डायरेक्टर के लिए सामने आया हो| तमिलनाडु कैडर की आईपीएस अधिकारी अर्चना रामसुंदरम और महाराष्ट्र कैडर की आईपीएस अधिकारी मीरा चंद्र बोरवणकर के नाम सीबीआई निदेशक पद की दौड़ में शामिल हैं. इन दो महिला आईपीएएस अधिकारियों के साथ और भी कई नाम हैं, जिन पर विचार किया जा रहा है|

महाराष्ट्र के ही सतीश माथुर भी दावेदार

महाराष्ट्र कैडर के 1981 बैच के आईपीएस अधिकारी सतीश माथुर का नाम भी रेस में आगे है. सतीश माथुर वर्तमान में महाराष्ट्र के डीजीपी हैं. माथुर ने 1993 मुंबई बम धमाकों की जांच में भी अहम रोल अदा किया था|

बिहार के आलोक वर्मा भी रेस में

सीबीआई निदेशक पद के लिए दिल्ली पुलिस कमिश्नर और 1979 बैच के दानिक्स (दिल्ली अंडमान निकोबार सिविल सर्विस) कैडर के अधिकारी आलोक वर्मा का नाम भी लिया जा रहा है. इनके सीबीआई निदेशक बनने में मुख्य दिक्कत है, इनकी उम्र है. आलोक वर्मा जून 2017 में रिटायर हो रहे हैं. इतने कम वक्त के लिए सीबीआई डायरेक्टर नहीं बनाया जा सकता है. यहां गौर करने वाली बात यह है कि आलोक वर्मा मूलरूप से बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं|

बिहार कैडर के कृष्णा चौधरी और बिहार के आलोक वर्मा के सीबीआई निदेशक बनने में इनकी उम्र आड़ेे आ रही है| आलोक वर्मा जुलाई 2017 में रिटायर हो जाएंगे, वहीं कृष्णा चौधरी की नौकरी भी एक साल ही बची है. जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार कह चुके हैं कि सीबीआई निेदेशक कम से कम दो साल के लिए नियुक्त होना चाहिए|

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