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  • by aapnabihar 2 weeks ago
    Patna is
  • by aapnabihar 2 weeks ago
    जानेनी की अब भोजपुरी से ज्यादा अब हिंदी और इंग्लिश बोलेनी लेकिन अब हू प्यार पिज़्ज़ा से ज्यादा लिट्टीये से
  • by aapnabihar 1 month ago
    It seems like Japan is smitten with India's folk-art  #Madhubani . Madhubani/Mithila is a traditional art form which originates from Bihar
  • by aapnabihar 3 weeks ago
    Aapnabihar and team के तरफ से 71 वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। जय हिन्द। . .  #aapnabihar  #republicday2020  #indianpresident  #indianarmy  #indiannavy ⚓ #indianairforce  #indianculture 
  • by aapnabihar 2 weeks ago
    कोहबर की शर्त- केशव प्रसाद मिश्रा यह उपन्यास भले हममें से बहुत कम लोगों ने पढ़ा होगा पर इसके कहानी
  • by aapnabihar 2 days ago
    कला के जरिये दो संस्कृतियों का मेल कैसे वह सकता है वह इस तस्वीर में दिखिये। बिहार के  #mithila_painting  और
  • by aapnabihar 1 week ago
    नया-नया जवान हो रहे थे हम..! ई ऊ उमर है जिसमें लौंडा बाप-माई का कम, कुमार शानू को ज्यादा सुनता
  • by aapnabihar 3 weeks ago
    Jai Maa Saraswati . . . .  #aapnabihar   #sarawatipuja2020   #saraswatipuja2k20   #jaibihar   #jaihind  - @priyakumariprasadpkp 
  • by aapnabihar 3 weeks ago
    गणतंत्र राष्ट्र बनाने से भी ज्यादा कठिन है उस राष्ट्र का गणतंत्र बने रहना। जिस समय भारत आजाद हुआ उस
  • by aapnabihar 3 weeks ago
    1950 में जब भारत गणराज्य घोषित किया गया तो गणतंत्र दिवस की पहली परेड निकाली गई। इस परेड में सशस्त्र
  • by aapnabihar 6 days ago
    माटी की मुरतें - श्री रामवृक्ष बेनीपुरी ।  #wednesdaybookathon   #biharreads   #booksofbihar  Keep reading keep growing. . .। ।  #aapnabihar   #biharaapnabihar 
  • by aapnabihar 3 weeks ago
    तिरंगामय हुआ देश!  #republicdayindia  . Photo: Aaj Tak
  • by aapnabihar 4 weeks ago
    कर्पूरी ठाकुर ने सदियों से दबे-कुचले वर्गो में न केवल राजनीतिक और सामाजिक चेतना जगायी, बल्कि उन्हें ताकत भी दी.
  • by aapnabihar 2 days ago
    जय हनुमान ज्ञान गुण सागर..❤️ . Pic:  @pawangupta   #hindutemple   #bihar   #patna   #hindu 
  • by aapnabihar 3 weeks ago
    हम आजाद है क्योंकि हमारा देश गणतंत्र है। गणतंत्र दिवस की शाम Aapna Bihar के साथ मनाईये अपनी आजादी का
  • by aapnabihar 4 weeks ago
    . . . . . . . .  #wednesdaybookathon  biharreads  #biharbooks   #biharpens   #keepreadingkeepgrowing  . . . . . #aapnabihar   #vaidyanathmishra   #nagarjuna 
  • by aapnabihar 3 weeks ago
    स्व. डॉ वशिष्ठ नारायण सिंह जी को पद्मश्री से नवाजा गया। उन्हें जीते जी तो नहीं लेकिन मरणोपरांत यह सम्मान
  • by aapnabihar 2 weeks ago
    ❤️❤️❤️ Pic:  @shubham .s16  #rohtas   #sasaram   #bihar   #heritage   #indianheritage 
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कुछ करने के लिए सिर्फ IAS-IPS होना जरुरी नहीं है

जीवन में ऊंचाइयों पे जाने के लिए हमें निरंतर सीखते रहना होता है, इसके लिए हो सकता है कि दुनिया के किसी भी कोने में जाना पड़े, पर जिस धरती ने हमें उस लायक बनाया, आभावों से लड़ कर दुनिया में पहचान बनाने का जज़्बा सिखाया, क्या जरुरी है कि हम जीवन में कुछ प्राप्त करने के बाद वो सब भूल जाये?

अपनी जन्मजात प्रवृतियों, जिनके कारण हम कही भी, कुछ भी कर पाने में सक्षम है, और हर बार करते है, इसका उसका कर्ज भूल जाये?

कब तक पहले की परिस्थितियों और आम विचारधारा को दोष देते रहेंगे? हम दोष देते है, मतलब कमियां समझते है, तो उपाय भी हमें ही ढूँढना होगा। आखिर इस धरती ने हमें चुना है तभी तो हम ये समझ पा रहे है| चूँकि अँधेरा बहुत घना है, इसलिए हम सब को उस माँ के लिए सोचना होगा, अपने लोगो के लिए सोचना होगा, अपने जीवन में प्राप्त क्षमता के अनुसार जो भी कर सकते है, जितना भी कर सकते है, वो सब करना होगा।

हमारे हर जिलों की अलग-अलग विशेषतायें है, हर गांव में अलग-अलग प्रकार की संभावनाएं है, जो अपने आप में पर्याप्त है उस जगह को आत्म-निर्भर बनाने में| इन सब चीजों में नवाचार और तकनीकी समाधान (Innovations and Technological solutions), सामाजिक और लघु व्यवसाय उद्यमिता (social and small business entrepreneurship), कृषि (agriculture), पर्यटन (tourism), वित्तीय साक्षरता (Financial literacy), आदि की सबसे बड़ी भूमिका हो सकती है|

कुछ नहीं कर सकते तो लोगो को अपने अनुभवों के आधार पे राय तो दे ही सकते है, जब तक कोई वृहद् अभियान नही हो, तब तक अपने घर के अलावा किसी और का तो सोच ही सकते है। जरुरी नहीं है कि कुछ करने के लिए IAS-IPS ही बनना पड़े।

ये पलायन हमारे लिए सबसे बड़ी समस्या है जिसके उदाहरण वो सारे लोग, जो अभी राज्य से बाहर है, देख रहे होंगे, जिस स्थान का सबसे मेहनती और प्रतिभावान आयुवर्ग वहाँ से दूर रहे, वहां के बदलाव का और कौन सोच सकेगा?
ऐसा नहीं है कि हम कर नहीं सकते, सही पूछो तो हम लोग पलट के रख सकते है सबकुछ। नहीं विश्वास है तो अपने अब तक के संघर्ष याद करो।

ये बातें निरंतर परेशान करती है। मेरे साथ, बहुत सारे लोग जो अभी बाहर है, उन्हें भी करती होगी, आज सही दिन था, मन में भावनाएं उमड़ रही थी तो बता दिए। ईश्वर अभी और सक्षम बनाये की धरातल पे कुछ अपना योगदान ला सके। पर ये होना चाहिए, जो भी करे, जितना भी करे, पर आज से ही सारी संभावनाओं पर विचार करें कि अपने घर को कैसे संवार सकते है।

चल बिहार! जय बिहार! 🙏

– रवि कुमार 

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