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बिहार की बेटी श्रेयसी सिंह ने राष्‍ट्रमंडल खेल में जीता गोल्‍ड

ऑस्‍ट्रेलिया के गोल्‍ड कोस्‍ट में चल रहे 21वें राष्‍ट्रमंडल खेल में बिहार की बेटी श्रेयसी सिंह ने गोल्‍ड मेडल जीता है। उन्‍होंने यह मेडल शूटिंग में प्राप्‍त किया है। डबल ट्रैप में उन्‍होंने यह जीत हासिल की है। उनकी इस उपलब्‍धी पर पूरे बिहार में खुशी का माहौल है। राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद, राज्‍यपाल सत्‍यपाल मलिक व मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने बधाई दी है। श्रेयसी ने इस जीत का श्रेय अपनी मां को दिया है।

फाइनल में श्रेयसी ने शूट ऑफ के बाद 96+2 का स्कोर किया. उन्होंने शूट ऑफ की अपनी ऑस्ट्रेलियाई प्रतिद्वंद्वी एमा कॉक्स (96+1) को पछाड़ा| गौरतलब है कि श्रेयसी और एमा 96 के स्कोर पर बराबर रही थीं, जिसके बाद शूट ऑफ हुआ| भारत की वर्षा वर्मन 86 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहीं| स्कॉटलैंड की लिंडा पियरसन (87) ने ब्रॉन्ज हासिल किया|

राजभवन से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मलिक ने कहा है कि बिहार की बेटी श्रेयसी ने राष्ट्रमंडल खेलों की महिला वर्ग की निशानेबाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर पूरी दुनिया में अपने राज्य और भारत का नाम रोशन किया है| मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी श्रेयसी को बधाई और शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की|

मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक नीतीश ने कहा कि श्रेयसी ने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर राज्य और देश को गौरवान्वित किया है| उन्होंने कहा कि वह कामना करते हैं कि श्रेयसी प्रगति की ऊंचाइयां छूए और प्रदेश और देश का नाम इसी तरह रोशन करती रहें|

ये मेरे करियर के लिए मील का पत्थर: श्रेयसी सिंह

श्रेयसी सिंह ने गोल्ड मेडल जीतने के बाद इसे अपने करियर के लिये ‘ मील का पत्थर ’ करार दिया| यह गोल्ड उनके लिए इसलिए भी खास है क्योंकि अगले निशानेबाजी की स्पर्धा राष्ट्रमंडल खेलों का हिस्सा नहीं होगी| लेकिन 2010 राष्ट्रमंडल खेलों में जब वह खेलने गयी थी , उससे पहले उनके पिता का निधन हो गया था तो वह पूरी तरह से टूटी हुई थीं| उन्होंने देश को 12वां स्वर्ण पदक दिलाने के बाद कहा, ‘‘यह पदक मेरे लिये मील के पत्थर होगा|’’

एनआरएआई के पूर्व अध्यक्ष दिग्विजय सिंह की बेटी श्रेयसी का 2010 में अभियान अपने पिता के निधन के कारण काफी खराब रहा था| उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरे करियर का सबसे बड़ा पदक है, सबसे ऊपर| यह काफी विशेष भी है क्योंकि निशानेबाजी 2022 राष्ट्रमंडल खेलों का हिस्सा नहीं होगी|’’

 

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