एक साथ गए थे देश के लिए लड़ने, उड़ी हमले में दोनों दोस्त हुए शहीद

01_10_2016-raj_kishor_ashok

कश्मीर के उड़ी हमले में शहीद हुए अशोक सिंह और आरा के पीपरपांती गांव के रहने वाले शहीद राजकिशोर सिंह की दोस्ती मिसाल है। वे दोनों पक्के दोस्त थे। दोस्ती ऐसी थी कि उसे पूरा देश याद रखेगा। दोनों एक साथ छुट्टी पर आए थे। एक साथ ही गए और देश की रक्षा के लिए दोनों शहीद हो गए।

बिहार रेजिमेंट के शहीद जवान राजकिशोर सिंह और शहीद अशोक सिंह दोस्त थे। सेना में जाने के बाद दोनों में दोस्ती हुई थी। दोनों साथ-साथ लंबे समय तक पोस्टिंग में भी रहे थे। जुलाई 2016 में राजकिशोर सिंह अशोक सिंह एकसाथ एक महीने की छुट्टी पर अपने घर आए थे। 30 जुलाई को दोनों दोस्त एकसाथ आरा से ट्रेन पकड़कर जम्मू-कश्मीर के लिए गए थे।

 

एक ही दिन दोनों को लगी थी गोली

दोनों उड़ी सेक्टर में कार्यरत थे। 18 सितंबर को जब आतंकवादियों का हमला हुआ था। तब दोनों को एकसाथ गोली लगी थी। अंतर सिर्फ इतना हुआ कि घटना के दिन ही अशोक सिंह शहीद हो गए थे। गोली से घायल राजकिशोर सिंह भी जिंदगी और मौत से जूझते हुए गुरुवार को वीरगति को प्राप्त हो गए।

इनकी दोस्ती की हो रही चर्चा

शुक्रवार को विजय नगर स्थित आवास पर दोनों दोस्तों की शहादत की कहानी हर किसी के जुबां पर छाई हुई थी।उनके चाचा श्रीनिवास सिंह ने बताया कि 30 जुलाई को रकूट टोला निवासी अशोक सिंह आरा आए थे। यहां से दोनों दोस्त बार्डर पर जाने के लिए घर से निकले थे। शहीद अशोक सिंह की पत्नी संगीता ने ही उन्हें फोन कर राजकिशोर सिंह के गोली लगने की सूचना दी थी।

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