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नालंदा पुलिस की बड़ी कामयाबी, बिहार सरकार द्वारा इनामी उग्रवादी संगठन का मुखिया गिरफ्तार

गिरफ्तार उग्रवादी संघ के मुखिया के साथ नालंदा पुलिस एवं पुलिस कफ्तान
गिरफ्तार उग्रवादी संघ के मुखिया के साथ नालंदा पुलिस एवं पुलिस कफ्तान

पिछले कई महीनों से हिलसा व्यापारियों के बीच दहशत फैलाने वाले व पुलिस के लिए सिरदर्द बना पीएलएफआई गिरोह का एक सक्रिय सदस्य मंगलबार को नालंदा पुलिस ने एटीएस (Anti Terrorism Squad) टीम की मदद से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गिरफ्तार सदस्य की पहचान पीएलएफआई प्रमुख गणेश शंकर का दाहिना हाथ कहलाने वाला 25 हज़ार का इनामी राजकिशोर पटेल उर्फ़ लंगड़ा के रूप में की गयी है। राजकिशोर पटेल परवलपुर थाना के ढिबरीपर का रहने वाला है। यह संगठन को आग्नेयशास्त्र,कारतूस सहित विस्फोटक मुहैया करवाता था।उग्रबादी लंगड़ा नए-नए युवाओं को रातों-रात अमीर बन जाने का प्रलोभन देकर युवाओं को संगठन में जोड़ने का काम करता था।इसके खिलाफ नालंदा जिला के हिलसा थाना में कई संगीन उग्रबादी घटना को अंजाम दिया था।जिले के कई व्यवसायियों से लेवी की मांग किया करता था एवं लेवी नही देने के एवज में अंजाम भुगतने का फरमान सुनाया करता था।पिछले साल हिलसा थाना अंतर्गत बिहारी रोड से पीएलएफआई के क्रियाबादी सदस्यों को अवैध हथियार,गोली,विस्फोटक,पीएलएफआई का पम्पलेट इत्यादि सामानों के साथ गिरफ्तार किया गया था।जिसमे लंगड़ा भागने में सफल रहा था।पिछले साल 2 दिसम्बर को हिलसा में व्यवसायी के ऊपर लेवी को लेकर गोली-बारी की गयी थी जिसमे व्यवसायी विश्वजीत घायल हो गए थे लेकिन उस गोली कांड में व्यवसायी के मकान मालिक अजय साव की गोली लगने से मौत हो गयी थी।पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ़ इंडिया (पीएलएफआई) उग्रबादी संगठन का इनामी सदस्य राजकिशोर उर्फ़ लंगड़ा पर बिहार राज्य के आलावे झारखण्ड राज्य में भी काफी सक्रिय रहकर घटना को अंजाम दिया करता था।इसकी गिरफ्तार नालंदा पुलिस की बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
पीएलएफआई उग्रबादी संग़ठन राजकिशोर उर्फ़ लंगड़ा पर नालंदा के हिलसा थाना एवं झारखण्ड के रांची जिले में कई संगीन मामले दर्ज है……..
(1) सदर थाना (रांची जिला) 146/11 दिनांक-14.611,धारा-25(-बी)ए/26/35 शस्त्र अधिनियम,17 सीएलए एक्ट एवं 13/16/18 यू0ए0पी0ए एक्ट।
(2) हिलसा थाना कांड संख्या-100/13 दिनांक-11.3.13,धारा-25(-1बी)ए 26/35 शस्त्र अधिनियम,17 सीएलए एक्ट एवं 13/16/18 यू0ए0पी0ए एक्ट।
(3) हिलसा थाना कांड संख्या -276/15 दिनांक-19.5.15,धारा-384 भादवि एवं 13/16/18 यू0ए0पी0ए एक्ट।
(4) हिलसा थाना कांड संख्या-547/15 दिनांक-29.9.15,धारा-384 भादवि एवं 13/16/18 यू.ए.पी.ए. एक्ट।

नालंदा एसपी कुमार आशीष का एक ही संकल्प “अपराध मुक्त हो नालंदा “

एसपी कुमार आशीष ने जिले की कमान संभालते ही कहा था कि हमारा एक ही संकल्प है कि”अपराध मुक्त हो नालंदा अपना”और इसी के तर्ज पर आज जिले की विधि व्यवस्था दुरस्त है।
2 मार्च 2016 को नालंदा जिले के लिए सिरदर्द बनी नक्सली संगठन पीएलएफआइ प्रमुख गणेश शंकर का दाहिना हाथ मनोज कुमार को नालंदा पुलिस ने हिलसा थाना क्षेत्र के पेंदापुर गांव से गिरफ्तार कर लिया था।घटना के सम्बन्ध में पुलिस कप्तान कुमार आशीष ने बताया था कि उत्क्रमिक मध्य विद्यालय ,बनवारा में शिक्षक के पद पर कार्यरत हिलसा थाना क्षेत्र के पेंदापुर गांव निवासी शिव शंकर कुमार से 20 फरवरी को 5 लाख की लेवी की मांग की गयी थी।लेवी मांगने वाला अपने आप को पीएलएफआइ का चीफ गणेश शंकर बता रहा था जिसकी सुचना चिकसौरा थाना में दी गयी थी।रूपये नहीं देने की एवज़ में जान से मारने की धमकी दी गयी।27 फरवरी को फिर गणेश शंकर ने फोन कर उक्त शिक्षक को मनोज कुमार को लेवी के रूपये देने की बात कही।29 तारीख को मनोज कुमार स्कूल पहुंचकर रुपयों की मांग की।असमर्थता जताने पर उसने दो दिन का मोहलत दिया और पुरे परिवार को मार देने की धमकी देते हुए वहां से चला गया।इसी क्रम में नालंदा पुलिस को गुप्त सुचना मिली कि मनोज कुमार घटना को अंजाम देने जा रहा है।एसपी के निर्देश पर हिलसा एसडीपीओ प्रवेन्द्र भारती के नेतृत्व में टीम का गठन कर छापेमारी की गयी जिसमें मनोज कुमार को पेंदापुर गांव से 1 देशी कट्टा,7 जिन्दा कारतूस,2 मोबाइल व 10 हज़ार रूपये के साथ गिरफ्तार कर लिया।जब्त की गयी राशि उक्त शिक्षक ने पहली क़िस्त के रूप में मनोज कुमार को दी थी।करीब 1दर्जन से अधिक मामलों में वांटेड मनोज कुमार उर्फ़ मनोज महतो को अंततः नालंदा पुलिस गिरफ्तार करने में सफल रही।पुलिस लंबे समय से मनोज कुमार को तलाश रही थी।गिरफ्तार आरोपी से पुलिस पूछ ताछ के आधार पर राजकिशोर उर लंगड़ा सम्बंधित जानकारी पुलिस को हाथ लगी थी। और उससे मिले सुराग के आधार पर संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गयी।पुलिस कप्तान ने कहा था कि जल्द ही पीएलएफआइ का चीफ भी सलाखों के पीछे होगा।गिरफ्तार मनोज कुमार के खिलाफ 10 से अधिक मामले लंबित है जिसमें पुलिस उसको लंबे समय से तलाश रही थी। पीएलएफआइ चीफ का लोकल नेटवर्क मनोज कुमार ही संभालता था।लेवी वसुलने व हत्या समेत कई मामलों में मनोज कुमार वांटेड था।
24 मार्च 2016 को पीएलएफआइ उग्रबादी संगठन का सदस्य टिंकू कुमार नालंदा पुलिस के हत्थे पहले ही चढ़ चूका है।पटना जिले के खुशरूपुर गांव निवासी टिंकू कुमार हिलसा में नक्सली संगठन पीएलएफआइ के सक्रीय सदस्य मोनू कुमार को कुछ फ़र्ज़ी सिम कार्ड व हथियार पहुँचाने जा रहा था।पुलिस को सुचना मिलते ही सघन वाहन चेकिंग लगाया गया।इसी क्रम में हिलसा दनियावां मुख्य मार्ग पर कंकड़िया पुल के पास चल रहे वाहन चेकिंग को देखकर उक्त अपराधी बाइक से भागने लगा जिसे पुलिस ने पीछा कर पकड़ लिया जिसके पास से 01 देशी कट्टा,5 जिन्दा कारतूस,01 मोबाइल,5 एयरटेल का सिमकार्ड व 01 बाइक बरामद किया गया।एसपी कुमार आशीष ने बताया था कि इससे पहले भी 16 मार्च को मोनू कुमार को 40 फर्जी सिमकार्ड व हथियार मुहैया कराया गया था जिसे पीएलएफआइ चीफ गणेश शंकर के पास भिजवाया गया था।एसपी ने बताया कि ये सारे सिमकार्ड बैकठपुर स्थित शिव मंदिर के पास कुटुंब जी के दुकान से ख़रीदे गए थे।गणेश शंकर के भाई के साथ बेउर जेल में बंद पिता लल्लू सिंह के कहने पर ही टिंकू कुमार हथियार व सिमकार्ड पहुँचाने हिलसा जा रहा था।जाँच के बाद सभी बातों का खुलासा हो पायेगा कि और कौन कौन लोग इस तरह के काम में शामिल है और कौन इनकी मदद कर रहा है।ऐसे लोगों को चिन्हित कर करवाई की जायेगी।एसपी कुमार आशीष ने बताया कि नालंदा जिले में पैर पसार रहे नक्सली संगठन की कमर तोड़ने को लेकर करवाई जारी रही थी।

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