09_05_2016-bihar1
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बिहार बोर्ड में फिर गड़बड़ी, 9346 छात्रों का रिजल्ट रोका गया, फिर से होगी जांच

बिहार बोर्ड में एक पर धांधली सामने आ रही है।  टॉपर घोटाले की आग बुझी भी नहीं कि एक और मामला सामने आ गया।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति प्रशासन ने स्क्रूटनी के रिजल्ट में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए 9346 परीक्षार्थियों का रिजल्ट रोक लिया है। इस बार स्क्रूटनी कर रहे शिक्षक लोग शक के घेरे में है।  बोर्ड को सूचना मिली है कि स्क्रूटनी के दौरान कॉपियों से छेड़छाड़ हुई है। कॉपियों में अलग-अलग हैंडराइटिंग भी मिली है। अंक घटाने का भी मामला सामने आया है।

– इंटर के 3690 और मैट्रिक के 5656 परीक्षार्थियों के कॉपियों की स्क्रूटनी हुई थी।
– इसमें 5 अंक तक देने थे, लेकिन बोर्ड ने पाया कि अधिकांश छात्रों को 7 से 8 अंक दिए गए हैं।
– इसके बाद रिजल्ट रोकने का फैसला लिया गया। बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने कहा कि जांच समिति बना दी गई है।

जांच में अगर वर्तमान रिजल्ट में गड़बड़ी पाई गई तो संबंधित शिक्षक को तत्काल निलंबित कर दिया जाएगा और स्पष्टीकरण जारी किया जाएगा। अगर उचित जवाब नहीं दिया गया तो उन पर विभागीय कार्रवाई चलेगी। मार्क्स फ्वायल, उत्तर पुस्तिका की जांच करने के बाद ही अंक देने पर निर्णय लिया जाएगा। तब रिजल्ट मिल पाएगा।

अध्यक्ष आनंद किशोर ने कहा कि शिक्षक पर भी कार्रवाई होगी। स्क्रूटनी करने वाले शिक्षकों से पूछताछ शुरू की जा रही है। अंक देने व काटने के खेल के पीछे का उद्देश्य भी जांच समिति पता करेगी। जो शिक्षक दोषी होंगे, उन्हें ब्लैकलिस्टेड किया जाएगा।

ऐसे होती है स्क्रूटनी

– बोर्ड प्रशासन की ओर से मैट्रिक व इंटर की कॉपियों की स्क्रूटनी में उत्तर की जांच नहीं की जाती।
– परीक्षा नियमावली के आधार पर कॉपियों में मूल्यांकन के दौरान प्राप्तांक जोड़ने में हुई गड़बड़ी को देखा जाता है।
– स्क्रूटनी के केंद्र निदेशक को कॉपी में किसी प्रकार की गड़बड़ी की जानकारी दी जाती है।
– स्क्रूटनी को बोर्ड प्रशासन दूसरे शब्दों में री-टोटलिंग ही मानता है।

 

 

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