Instagram Slider

  • 4 hours ago by aapnabihar पटना - बख्तियारपुर
  •    Mahabodhi Bodhgaya Gaya BiharTourism bihar Aapnabihar
    2 weeks ago by aapnabihar महाबोधि मंदिर, बोधगया  #Mahabodhi   #Bodhgaya   #Gaya   #BiharTourism   #bihar   #Aapnabihar 
  •          hellip
    3 weeks ago by aapnabihar पीएम मोदी पहुँचे बिहार, बाढ़ पीड़ित इलाकों का किया हवाई सर्वेक्षण।
  • 2 days ago by aapnabihar
  • 6 days ago by aapnabihar जितिया स्पेशल
  •      25    hellip
    3 weeks ago by aapnabihar केबीसी के इस सीजन में 25 लाख जीत चूकी है बिहार की ये बेटी।  #Aapnabihar   #Bihar   #KBC   #Nalanda   #Nawada 
  •    Ashokdham Luckheyshray Bihar Aapnabihar
    3 days ago by aapnabihar अशोकधाम मंदिर, लखीसराय  #Ashokdham   #Luckheyshray   #Bihar   #Aapnabihar 
  •          hellip
    2 weeks ago by aapnabihar केबीसी के सेट पर अमिताभ बच्चन ने कहा ' बिहार के इस लाल (आनंद कुमार) पर पूरे देश को गर्व है'  #Aapnabihar   #bihar   #AnandKumar   #KBC   #AmitabhBachchan 
  •          hellip
    2 weeks ago by aapnabihar गुरु अगर चाहे तो साधारण इंसान को भी महान बना दे। बिहार के ही आचार्य चाणक्य थे जिन्होंने एक साधारण से बालक चंद्रगुप्त मौर्य को शिक्षा दे हिन्दुस्तान का सबसे बड़ा सम्राट बना दिया था। आज भी बिहार की धरती पर ऐसे महान शिक्षकों की कमी नहीं है जो लगातार सैकड़ों बच्चों के भविष्य सँवारने में लगे हुए हैं ।  #Aapnabihar   #Bihar   #TeachersDay 
  •          hellip
    3 weeks ago by aapnabihar बिहार कैडर के सबसे प्रसिद्ध आईपीएस अफसर एवं देश के सबसे इमानदार अफसरों में एक श्री शिवदीप लांडे को जन्मदिन की बधाई।  #Aapnabihar   #bihar   #ShivdeepLande   #IPS 

Latest Stories

Featured Articles
BQhdufh
aapna bihar is one of the best & trusted portal of bihar.good luck.

Featured Articles
BQhdufh
aapna bihar is one of the best & trusted portal of bihar.good luck.

अपने बिहार की शान नालंदा बना विश्व धरोहर

 विश्वप्रसिद्ध नालंदा विश्वविद्यालय के बारे तो आपने सुना ही होगा। आज से लगभग पंद्रह सौ साल पहले यह पूरी दुनिया के लिए उच्च शिक्षा का सिरमौर था, जहाँ सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि चीन, जापान, बर्मा, कोरिया, तिब्बत, फ़्रांस आदि देशों से भी विद्यार्थी पढने के लिए आते थे। इस विश्व-विख्यात विश्वविद्यालय के भग्नावशेष इसके वैभव का अहसास करा देते हैं। उसी भग्नावशेष को यूनेस्को ने विश्व धरोहर घोषित कर दिया है जो कि हर बिहारी ही नही भारतीय के लिए भी गर्व की बात है. 

 

शुक्रवार को करीब दो बजे यूनेस्को ने अपनी वेबसाइट पर जब इसे शामिल किया तो विश्व के प्रथम विश्वविद्यालय नालंदा की खोई प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई मिली। यूनेस्को नेशंस एजुकेशनल, साइंटिफिक एंड कल्चरल ऑर्गनाइजेशन (यूनेस्को) ने महाबोधि मंदिर के बाद बिहार के दूसरे स्थल नालंदा के खंडहर को विश्व धरोहर में शामिल किया है। विश्व धरोहर में शामिल होने वाला यह भारत का 33 वां धरोहर है।

 

इस पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सभी की भागीदारी से यह उपलब्धि मिली है और इसके लिए सबको धन्यवाद भी दिया. उन्होंने ट्वीटर पर बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार के संयुक्त पहल के फलस्वरूप नालंदा महाविहार के भग्नावशेष को विश्व धरोहर घोषित किया गया है.

 

इससे क्या फायदे होंगे? 

बढ़ेंगे सैलानी
वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल होने से यहां आने वाले सैलानियों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि होगी। सैलानियों को मिलने वाली सुविधाओं में बढ़ोतरी के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था पहले की अपेक्षा अधिक चुस्त होगी। धरोहर के संरक्षण पर पहले से अधिक खर्च किये जाएंगे। कर्मियों की संख्या बढ़ेगी। साइट के कम से कम दो किलोमीटर दूरी को बफर जोन घोषित किया गया है। इसके विकास, सुरक्षा व संरक्षण की जिम्मेवारी आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया और बिहार सरकार की होगी।
कनिंघम ने की थी खोज
नालंदा विश्वविद्यालय के अवशेषों की खोज अलेक्जेंडर कनिंघम ने की थी। पुरातात्विक और साहित्यिक साक्ष्यों के आधार पर माना जाता है कि नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना 450 ई के आसपास हुई थी। गुप्त वंश के शासक कुमार गुप्त ने इसकी स्थापना की थी। हर्षवर्द्धन ने भी इसको दान दिया था। हर्षवर्द्धन के बाद पाल शासकों ने भी इसे संरक्षण दिया। न केवल स्थानीय शासक वंशों, बल्कि विदेशी शासकों ने भी इसे दान दिया था।
बख्तियार खिलजी ने जला दिया था विश्वविद्यालय
विश्वविद्यालय का अस्तित्व 12वीं शताब्दी तक बना रहा। लेकिन तुर्क आक्रमणकारी बख्तियार खिलजी ने इस विश्वविद्यालय को जला डाला ,

साथ ही उसने उत्तर भारत में बौद्धों द्वारा शासित कुछ क्षेत्रों पर कब्ज़ा कर लिया। उसने इस विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में आग लगा दिया, जिससे किताबें छः महीने तक धू-धू कर जलती रहीं।

 

Facebook Comments

Search Article

Leave a Comment

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: