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    5 days ago by aapnabihar हर-हर महादेव बोलो..! तस्वीर मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ह भैरवस्थान मंदीर की है।
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    7 days ago by aapnabihar बिहार के पटना जिला की निवासी और आजतक की मशहूर एंकर श्वेता सिंह को ENBA (Exchange4media News Broadcasting Awards) 2018 में सर्वश्रेष्ठ हिंदी एंकर और सर्वश्रेष्ठ स्पोर्ट रिपोर्टिंग का अवार्ड दिया गया है।
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    2 weeks ago by aapnabihar अंडर 19 क्रिकेट विश्वकप विजेता भारतीय टीम के कप्तान पृथ्वी शॉ भी बिहारी है। बहुत ही कम लोगों को यह पता है कि यह चमकता सितारा गया के मानपुर का रहने वाला है। जय बिहार!
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    2 weeks ago by aapnabihar इस बार झारखंड की कुल आबादी से भी अधिक पर्यटक पहुंचे बिहार। जय बिहार!
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    2 weeks ago by aapnabihar बिहार के आनंद कुमार के रोल में नजर आयेंगे ऋतिक रौशन।  #AnandKumar   #Super30   #AapnaBihar   #Bihar 
  • Awesome view of Gandhi Maidan  Courtesy Kumar Photography
    2 weeks ago by aapnabihar Awesome view of Gandhi Maidan. . Courtesy: Kumar Photography
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    2 weeks ago by aapnabihar भारत ने जीता अंडर 19 विश्वकप। बिहार के अनुकूल रॉय बने पूरे सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज।
  • Amazing view of new station road flyover of Patna
    2 weeks ago by aapnabihar Amazing view of new station road flyover of Patna.
  • Name of this vegetable?
    6 days ago by aapnabihar Name of this vegetable?
  • Tag a Bihari girl
    2 weeks ago by aapnabihar Tag a Bihari girl. .
  • Budha Mahotsva Gaya
    2 weeks ago by aapnabihar Budha Mahotsva, Gaya.
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    4 days ago by aapnabihar महाशिवरात्री के अवसर पर निकला शिव बारात। हर-हर महादेव !!

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अर्से बाद ‪बिहार पुलिस‬ ने सच में अंडरवर्ल्‍ड में कोहराम मचा दिया

 ज्ञानेश्वर जी/ मोतिहारी: ——–   अर्से बाद ‪बिहार पुलिस ने सच में अंडरवर्ल्‍ड में कोहराम मचा दिया । कोहराम न मचता तो ‪सुरेश केडिया‬ अभी बहुत जल्‍दी अपहर्ताओं के कब्‍जे से मुक्‍त न होते ।

 

मसला ‪नेपाल के ‪बीरगंज‬ का था । पर अपहर्ता केडिया को लेकर ‪बिहार‬ में घुसे थे । गैंगस्‍टर मुकेश पाठक को पकड़ने के अब तक सफल न हुए आपरेशन में नेपाल के बेहद असहयोगात्‍मक रवैये को बिहार ने भूला दिया । केडिया की रिहाई की चुनौती कबूली ।
संयोग रहा कि बेतिया में एसपी विनय कुमार व मोतिहारी में एसपी जितेन्‍द्र राणा हैं । दोनों ‘हार्डकोर’ पुलिस अफसर हैं । विनय कुमार को हम सहज ‘अपराधियों के खिलाफ’ नहीं मानते,वे तो ‘अपराधियों के नं.-1 दुश्‍मन’ अधिकारी हैं । भाई की हत्‍या का दंश जानते हैं । जितेन्‍द्र राणा भी ठान लेने वाले अफसर हैं । अनंत सिंह का पोल तो पटना से जाते-जाते जितेन्‍द्र राणा ने ही खोल दिया था ।
दोनों एसपी जानते थे कि अधिक समय गुजरा,तो अपहर्ता सुरक्षित ठिकाने पर सेट हो जायेंगे । फिर मुश्किल तो बढ़ेगी ही,साथ में लेन-देन के बदले रिहाई का रास्‍ता खुलेगा ।

अपहर्ताओं ने जिस बड़े टारगेट के साथ अपहरण किया था,उसमें बड़ा सौदा सभी दूसरे रास्‍तों की समाप्ति के बाद ही संभव होता है । सौ करोड़-साठ करोड़ नेपाली तो बस कहने की बात थी,लेकिन सब कुछ सेट कर लेने के बाद निश्चित तौर पर अपहर्ता गिरोह कई करोड़ में वसूली तो कर ही लेते । लेकिन इसमें महीने भर का वक्‍त तो लगता ही । तभी केडिया फैमिली समझौते के लिए हारती । लाइन-डोरी देखें,अपहर्ता गिरोह का सरगना बबलू दूबे बक्‍सर जेल में बंद है ।
हालात कठिन थे । बिहार की बदनामी का डर था । समय नहीं गुजरने देना था । सो,दोनों एसपी ने अपनी लाइन-डोरी ठीक की । कम से कम समय में टास्‍क पूरा करने का निर्णय किया गया । खास गिरोह के बारे में आप जब संशय में हों,तो रास्‍ता निकलता है कि आप सभी गिरोहों पर टूट पड़ें ।

कोई लेफ्ट-राइट नहीं । अंडरवर्ल्‍ड में इतना कोहराम मचा दो कि वह अपने बचाव में स्‍वयं असली का पता बता दे ।

बिहार में ऐसा आपरेशन 1990 के दशक में पहली बार राजविंदर सिंह भट्ठी ने किया था । छपरा में डाक्‍टर के बेटे का अपहरण हुआ था । महीना बीत गया । सभी मृत मान लिए थे । बिहार की कई एजेंसी हार गई थी । तभी अवकाश पर गये भट्ठी को पंजाब से तुरंत बुलाया गया । वे गोपालगंज के एसपी थे । डाक्‍टरों की मांग पर जिम्‍मा दिया गया था । दो घंटे छपरा में रहकर भट्ठी ने 72 घंटे का वक्‍त लिया था ।

फिर कई जिलों के अंडरवर्ल्‍ड में भट्ठी ने ऐसा कोहराम मचाया कि समय से पहले डाक्‍टर के बच्‍चे को मिर्जापुर (यूपी) जाकर पुलिस की टीम ने बरामद कर लिया । दरअसल,भट्ठी के स्‍पेशल दस्‍ते ने अपहर्ता के नवजात बच्‍चे को भी बदले में अगवा कर लिया था ।
सुरेश केडिया के अपहरण में भी एसपी विनय कुमार-जितेन्‍द्र राणा की टीम ने भी कुछ ऐसा ही तूफानी किया । मजबूरी भी थी । वजह कि नेपाल की पुलिस अब भी टेकनिकल सर्विलांस में काफी फिसड्डी है । उधर से कुछ फीडबैक की उम्‍मीद नहीं थी । इसलिए,मोतिहारी-बेतिया के सभी बड़े गिरोह पर बड़ा धावा एक साथ बोला गया । किधर से कितना उठा,कोई समझ ही नहीं पा रहा था । हां,उस रास्‍ते में ज्‍यादा खौफ पैदा किया गया,जिधर से बिहार में इंटरी हुई थी । अब अंडरवर्ल्‍ड डर गया । खुद को बचाने के लिए सभी असली का पता करने में लग गये ।

 

परिणाम,विनय-जितेन्‍द्र की टीम को तेजी से सुराग मिलने लगे । सुखद परिणति आज तब हुई,जब दोनों आज सकुशल अपह्त सुरेश केडिया को लेकर वापस लौटे ।

 

ध्‍यान रखें, अपहर्ता को मकसद में कामयाब होने के लिए अभी और कई सीढि़यां चढ़नी थी,जो पुलिस ने समय से पहले नहीं बहुत पहले तोड़ दी । सो,और कोई कंफ्यूजन नहीं है ।
हां,सुरेश केडिया के मामले से नेपाल को जरुर सीख लेने की जरुरत है । वह इन दिनों बिहार के अपराधियों से खाद-पानी लेकर सुरक्षित ठिकान उपलब्‍ध करा रही है ।

जानकारी मिलने पर बिहार पुलिस को हथियार समेत कार्रवाई करने को नेपाल में जाने भी नहीं दे रही । नेपाल को यह रास्‍ता छोड़ना होगा,वरना आज सुरेश केडिया तो कल और कोई ?

 

सभार- ज्ञानेश्वर जी

(यह लेख ज्ञानेश्वर जी के फेसबुक पेज से लिया गया है)

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