ऐसा है अपना बिहार

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सदियों से ही अत्यंत गौरवशाली रहा है अपना बिहार का इतिहास, शब्दों में इसकी व्याख्या करना नामुमकिन है।
आइये संक्षिप्त में जानते हैं अपना बिहार को।

 

बिहार के लोग पृथ्वी की सभी दिशाओं में बिहारने चले गये और खूब ऊँची उत्थान की चढ़ाइयाँ भी चढ़ी ,छोड़ दिया तो बस बिहार को धरातल पर बिलखने के लिए। तप ,योग ,साधना ,ज्ञान ,विज्ञान ,दर्शन का अनादी काल से उत्कर्षित केंद्र रहा ,सरस्वती जहाँ वांग्मयी हैं और तो और माँ लक्ष्मी जहाँ बेटी स्वरुपा अवतरित हैं, ऐसा पुण्यसलिल है यह हिमालय के गोद में बैठा और गंगा जिसका आँचल है। ऐसा है अपना बिहार, किस कालखंड में यह भूभाग सर्वसम्पन्न नहीं रहा, ढूँढना होगा।

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बिहार – जहाँ सबसे पहले महाजनपद बना
बिहार – जहा बुद्ध को ज्ञान मिला
बिहार – जहाँ के राजा चन्द्रगुप्त मौर्या से लड़ने की हिम्मत सिकंदर को भी नही हुई
बिहार – जहाँ के राजा महान अशोक ने अरब तक हिंदुस्तान का पताका फहराया
बिहार – जहाँ महर्षि बाल्मीकि, अश्त्रवारका, राजा जनक, पाणिनि (जिसने संस्कृत व्याकरण लिखा ), आर्यभट्ट ( जिसने पहली बार पता लगाया की पृथ्वी, सूर्य का चक्कर लगाती है ), चाणक्य ( महान राजनीतिज्ञ-अर्थशास्त्री ), महाकवि कालिदास का जन्म हुआ !

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बिहार – जहाँ के 80 साल के बूढ़े ने अंग्रेजो के दांत खट्टे कर दिए ( बाबु वीर कुंवर सिंह )
बिहार – जिसने देश को पहला राष्ट्रपति दिया
बिहार – जहाँ विख्यात समाजवादी राजनेता जयप्रकाश नारायण का जन्म हुआ।
बिहार – जहाँ भारत-रत्न विख्यात शहनाईवादक उस्ताद बिस्मिलाह खान का जन्म हुआ
बिहार – जहाँ आज भी दिलो में प्रेम बसता है
बिहार – जहाँ आज भी भूखे रह के अतिथि को खिलाया जाता है
बिहार – जहाँ के बच्चे कोई सुविधा न होते हुए भी देश में सबसे ज्यादा सरकारी नौकरी पाते है

हमारा इतिहास सदियों से गौरवशाली रहा है।
तो काहे न करे खुद के बिहारी होने पर गर्व।
!! जय हिन्द, जय बिहार !!

मुजफ्फरपुर के लीची के तो कहने ही क्या |

litchi8

 

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